किन मरीजों में होता ब्लैंक फंगस का खतरा, AIIMS के डायरेक्टर ने बताई सच्चाई

किन मरीजों में होता ब्लैंक फंगस का खतरा, AIIMS के डायरेक्टर ने बताई सच्चाई

किन मरीजों में होता ब्लैंक फंगस का खतरा, AIIMS के डायरेक्टर ने बताई सच्चाई

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस (Corona Virus)  के साथ-साथ अब म्यूकोर्मिकोसिस (ब्लैंक फंगस) के केस भी बढ़ने लगे हैं. कई राज्यों में ऐसे मरीज मिले हैं जिनमें यह फंगल इंफेक्शन पाया गया है. म्यूकोर्मिकोसिस केस के बढ़ने के पीछे कोरोना वायरस तो है ही साथ में स्टेरॉयड (Steroids) को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. शनिवार को एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया (AIIMS director Randeep Guleria) ने म्यूकोर्मिकोसिस को लेकर कहा कि डायबिटीज (Diabetes), कोरोना पॉजिटिव और स्टेरॉयड लेने वाले रोगियों में फंगल इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में हमें हमें स्टेरॉयड का दुरुपयोग रोकना चाहिए.

11 राज्यों में संक्रमण के एक-एक लाख से अधिक संक्रमण के मामले:
वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Ministry of Health) ने शनिवार को कहा कि देश में कोविड-19 के कुल मामलों में से 85 प्रतिशत मामले 10 राज्यों से हैं. मंत्रालय ने कहा कि 11 राज्यों में संक्रमण के एक-एक लाख से अधिक उपचाराधीन मामले हैं, जबकि आठ राज्यों में 50 हजार से एक लाख के बीच उपचाराधीन रोगी हैं. इसने बताया कि 24 राज्यों में संक्रमण दर 15 प्रतिशत से अधिक है.

शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार देश में महामारी से 3890 और लोगों की मौत हुई: 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार देश में महामारी के 326098 नए मामले सामने आए हैं जिससे कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 24372907 हो गई है. इसके साथ ही देश में महामारी से 3890 और लोगों की मौत हुई है, जिससे मृतकों की कुल संख्या 266207 हो गई है. मंत्रालय ने कहा कि देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर अब 36,73,802 रह गई है, जो कुल मामलों का 15.07 प्रतिशत है. लोगों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर (National Rate) बढ़कर 83.83 प्रतिशत हो गई है. कुल मिलाकर स्थिति (कोविड-19 की दूसरी लहर) स्थिर हो रही है, हम इसे आगे और स्थिर करने के लिए काम करेंगे.

सरकार ने कहा है कि देश के 24 राज्यों में कोविड-19 की संक्रमण दर 15 प्रतिशत से अधिक हैं. वर्तमान में 11 राज्यों में एक लाख से ज्यादा उपचाराधीन मरीज हैं, आठ राज्यों में 50,000 से एक लाख के बीच इलाजरत रोगी हैं. कोरोना वायरस के 85 प्रतिशत मामले 10 राज्यों से आए हैं.

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