इस्लामाबाद Report के मुताबिक भ्रष्टाचार मामलों में नवाज शरीफ की दोषसिद्धि को रद्द कर सकती है पाकिस्तान सरकार

Report के मुताबिक भ्रष्टाचार मामलों में नवाज शरीफ की दोषसिद्धि को रद्द कर सकती है पाकिस्तान सरकार

Report के मुताबिक भ्रष्टाचार मामलों में नवाज शरीफ की दोषसिद्धि को रद्द कर  सकती है  पाकिस्तान सरकार

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की नवनियुक्त सरकार भ्रष्टाचार मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की दोषसिद्धि को रद्द करने या निलंबित करने पर विचार कर रही है,ताकि उन्हें अदालत में नए सिरे से याचिका दाखिल करने का मौका मिल सके. 

तीन बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ फिलहाल लंदन में हैं. उन्हें लाहौर उच्च न्यायालय ने नवंबर 2019 में उपचार कराने के लिए चार सप्ताह के वास्ते विदेश जाने की अनुमति दी थी. पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार ने नवाज शरीफ के विरूद्ध भ्रष्टाचार के कई मामले चलाए थे.

नवाज शरीफ अपने स्वास्थ्य को देखते हुए देश लौटने के बारे में विचार कर सकते हैं:

समाचार पत्र डॉन ने गृह मंत्री राना सनाउल्लाह के हवाले से अपनी खबर में बताया कि संघीय और पंजाब की प्रांतीय सरकार दोनों के पास ही ये अधिकार हैं कि वह किसी अभियुक्त की सजा को रद्द अथवा निलंबित कर सकती है और उसे इस बात का मौका दे सकती है कि वह पूर्व के किसी मामले में गलत सजा सुनाए जाने के विरूद्ध न्यायालय में नए सिरे से मामला रख सकता है.

उन्होंने हालांकि कहा कि नवाज शरीफ अपने स्वास्थ्य को देखते हुए देश लौटने के बारे में विचार कर सकते हैं. गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद 2017 में शरीफ को सत्ता से हटाया गया था ,बाद में 2018 में उन्हें भ्रष्टाचार के दो मामलों में दोषी ठहराया गया था. 

जेल में भेजे जाने के किसी भय के बिना स्वदेश लौट सकें:

शरीफ ने अपनी दोषसिद्धि को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी किन्तु अदालत के आदेशों के बाद प्रत्यक्ष तौर पर उपस्थित नहीं रहने के कारण मामलों पर सुनवाई बंद कर दी गयी थी.

समाचारपत्र ने अपने समाचार में कहा कि स्वदेश लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है और जेल भेजा सकता है. इसलिए उनकी पार्टी के सत्ता में लौटने पर इस बात के रास्ते तलाशे जा रहे हैं कि वह जेल में भेजे जाने के किसी भय के बिना स्वदेश लौट सकें. पिछले माह शरीफ के भाई शहबाज शरीफ नीत सरकार ने उन्हें पाकिस्तान लौटने के लिए नया पासपोर्ट जारी किया,जिसकी वैधता दस वर्ष की है. सोर्स-भाषा   

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