मुंबई फिल्म रनवे 34 रिव्यु - Acting के 'सिंघम ने Direction में किया 'गोलमाल', जानिये film क्यों ना देखें

फिल्म रनवे 34 रिव्यु - Acting के 'सिंघम ने Direction में किया 'गोलमाल', जानिये film क्यों ना देखें

फिल्म रनवे 34  रिव्यु - Acting के 'सिंघम ने Direction में किया 'गोलमाल', जानिये film क्यों ना देखें

मुंबई : इसमें कोई दो राय नहीं है की अजय देवगन एक बेहतरीन कलाकार हैं और कई बार अपने बेहतरीन प्रदर्शन से दर्शकों का दिल भी जीत चुके हैं. अब ऐसे में अजय दोबारा से दर्शकों के दिल पर राज करने गए हैं उनकी फिल्म रनवे 34 एक सत्य घटना पर आधारित है और वो एक्टिंग के साथ डायरेक्टर की कमान भी संभाले हुए हैं.

अजय के साथ रकुल प्रीत सिंह, अमिताभ बच्चन, बोमन ईरानी, और अंगिरा भी इस फिल्म का हिस्सा हैं फिल्म में एक्टिंग के साथ अजय ने फिल्म को डायरेक्ट भी किया है साथ ही इस फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं. अजय ने इससे पहले यू मी और हम (2008) और शिवाय (2016) ये दो फिल्मों के लिए पहले भी निर्देशन कर चुके हैं.

फिल्म की कहानी
फिल्म में अजय एक सिविल पायलट कैप्टन विक्रांत खन्ना का किरदार निभा रहे हैं जो एक ऐसा शख्स है जिसे खुद पर बहुत ज्यादा यकीन है और खुद की काबिलियत पर बहुत गुरूर है. वही उनके साथ को-पायलट की भूमिका निभा रही हैं रकुल प्रीत सिंह अजय अपने परिवार से दूर दुबई में अपनी अगली फ्लाइट से उड़ान भरने के इंतजार में है, ऐसे में उनकी बीवी का फोन आता है और वह उन्हें कहती है की उनकी बेटी का जन्मदिन 2 दिन बाद है. तो वह उसमें जरूर शामिल हो ऐसे में अजय अपनी बेटी से वादा करते हैं कि वह उनके जन्मदिन पर जरूर पहुंचेंगे.

वहीं दूसरी ओर अजय के दोस्त का फोन आता है और वह उन्हें फ्लाइट के 1 दिन पहले पार्टी करने के लिए बुला लेता है. पूरी रात दोनों पार्टी में जमकर नशा करते हैं और फिर दूसरे दिन अजय अपनी थकान को दूर करने की कोशिश करते हैं और उसके बाद अपनी फ्लाइट में 150 यात्रियों के संग उड़ान भरते हैं. इस फ्लाइट को दुबई से कोचीन तक पहुंचाना होता है कैप्टन विक्रांत खन्ना और उनकी को-पायलट उनका साथ देती नजर आती है.

इसी बीच मौसम बिगड़ जाता है और फ्लाइट को लैंड करवाना एक बहुत बड़ा संघर्ष बन जाता है. अब ऐसे में समय और फ्लाइट में फ्यूल दोनों ही कम है कैप्टन विक्रांत खन्ना कैसे सारे ही यात्रियों को सुरक्षित उनके स्थान पर पहुंचा पाते हैं या नहीं ? ये जानने के लिए आपको देखना होगा फिल्म रनवे 34.

फिल्म के अच्छे पॉइंट्स
फिल्म का पहला भाग बहुत ही अच्छा है और पूरी तरह से आपको अपनी ओर खींचने में सफल रहता है, अमिताभ बच्चन एक इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर की भूमिका निभा रहे हैं और उनका ये अंदाज दर्शकों को काफी पसंद भी आएगा. फिल्म में कोई भी बड़े डायलॉग्स नहीं है और ये स्टोरी को बहुत ग्राउंडेड रखता है.

फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स
फिल्म का दूसरा भाग बहुत ही स्लो और लो पेस पर लिखा हुआ है. दूसरे भाग को पूरी तरह से कोर्टरूम ड्रामा के लिए इस्तेमाल किया गया है जो फिल्म को काफी बोरिंग कर देता है. अगर आप फिल्म का दूसरा भाग ना भी देखें तो कोई कमी नहीं लगेगी फिल्म के पहले भाग में ही स्टोरी को पूरी तरह से दिखा दिया गया है. फिल्म में कैरी मिनाती भी नजर आते हैं पर उनका रोल ना के बराबर है और उनके फैंस को भी काफी नाखुश करेगा. फिल्म में वीएफएक्स का इस्तेमाल ठीक तरह से किया गया है, हालांकि अजय देवगन को अभी निर्देशन की दुनिया में और भी काफी कुछ सीखने की जरूरत है, वहीं एक्टिंग के मामले में अजय देवगन ने बहुत ही अच्छी भूमिका निभाई है


फिल्म में बोमन ईरानी और अंगिरा के किरदार को कम लेकिन अच्छा समय दिया गया है. डायलॉग्स लिखे हैं संदीप केवलानी और आमिल खान ने और बैकग्राउंड म्यूजिक दिया है अमर मोहिले ने.
फिल्म काफी स्लो है और जिनको स्लो फिल्म नहीं पसंद उनके लिए वन टाइम वॉच हो सकती है. फर्स्ट इंडिया फिल्मी की तरफ से रनवे 34 को 3 स्टार्स.

 

और पढ़ें