VIDEO: अडानी ग्रुप का हुआ जयपुर एयरपोर्ट, सात दावेदार, तीन में दिखा कॉम्पिटिशन

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/25 05:41

जयपुर (काशीराम चौधरी)। जयपुर एयरपोर्ट के निजीकरण पर मुहर लग गई है। अडानी एंटरप्राईजेज ने जयपुर एयरपोर्ट के निजीकरण की निविदा में सफलता हासिल की है। सबसे ज्यादा दर कोट करने के चलते अडानी एंटरप्राईजेज को चुना गया है। अब 28 फरवरी को आधिकारिक रूप से अडानी ग्रुप के नाम लैटर जारी हो जाएगा। एक रिपोर्ट-

जयपुर सहित देश के 6 एयरपोर्ट के निजीकरण की प्रक्रिया पिछले साल दिसंबर माह में शुरू हुई थी। इनमें जयपुर, अहमदाबाद, लखनऊ, त्रिवेन्द्रम, गुवाहाटी और मंगलौर एयरपोर्ट शामिल हैं। आज जब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुख्यालय में निजीकरण की निविदा खोली गई है, उसमें गुवाहाटी एयरपोर्ट की निविदा नहीं खोली गई है। अन्य 5 एयरपोर्ट की निविदा में अडानी एंटरप्राईजेज ने बाजी मारी है। सभी 5 एयरपोर्ट के लिए अडानी कंपनी ने सबसे ज्यादा बोली लगाई और सभी एयरपोर्ट के संचालन और मेंटीनेंस का कॉन्ट्रैक्ट जीत लिया है। अब इन सभी एयरपोर्ट का संचालन अडानी ग्रुप अगले 50 सालों तक करेगा। आपको बता दें कि अडानी ग्रुप ने जयपुर एयरपोर्ट के लिए 174 रुपए प्रति यात्री प्रति माह की पैसेंजर सर्विस फीस कोट की थी। यह पैसेंजर सर्विस फीस सभी अन्य कंपनियों से ज्यादा रही है। इसके मुताबिक 174 रुपए प्रति माह प्रति यात्री की दर एयरपोर्ट अथॉरिटी को दी जाएगी, बची हुई फीस को निजी कंपनी अपने पास रखेगी। अब एयरपोर्ट के विकास और संचालन से जुड़े सभी काम अडानी कंपनी ही देखेगी।

सात कंपनियां दावेदार, तीन में दिखा कॉम्पिटिशन:
—जयपुर एयरपोर्ट के निजीकरण को लेकर 7 कंपनियां थी दावेदार
—अडानी, नेशनल इन्वेस्टमेंट और एएमपी कैपिटल में रही टक्कर
—अडानी ग्रुप ने 174 रुपए प्रति यात्री की बोली लगाकर मारी बाजी
—नेशनल इन्वेस्टमेंट ने 155 रुपए प्रति यात्री
—ब्रिटेन की एएमपी कैपिटल ने 139 रुपए प्रति यात्री की बोली लगाई
—जीएमआर ने 69 रुपए प्रति यात्री
—पीएनसी ने 36 रुपए प्रति यात्री
—आई इन्वेस्टमेंट ने 72 रुपए प्रति यात्री
—इटली की ऑटो स्ट्रेड ने 48 रुपए प्रति यात्री की बोली लगाई

आपको बता दें कि जिन अन्य एयरपोर्ट का निजीकरण किया जा रहा है, उनमें सभी के लिए अडानी ने वित्तीय निविदा में हिस्सा लिया था। कुल 6 एयरपोर्ट के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी को 32 निविदाएं मिली थीं। जयपुर और अहमदाबाद एयरपोर्ट के लिए 7-7 कंपनियां कतार में थीं। लखनऊ और गुवाहाटी के लिए 6-6 कंपनियां और त्रिवेन्द्रम और मंगलौर के लिए 3-3 कंपनियों ने पार्टिसिपेट किया था। इनमें सभी एयरपोर्ट की वित्तीय निविदाओं में सबसे ज्यादा दरें अडानी ने ही कोट की थीं, इसलिए सभी एयरपोर्ट अडानी ग्रुप को ही दिए गए हैं।

किस एयरपोर्ट के लिए कितनी दर:
—त्रिवेन्द्रम एयरपोर्ट के लिए : अडानी ने कोट किया 168 रुपए प्रति यात्री पीएसएफ
—मंगलौर एयरपोर्ट के लिए : अडानी ने कोट किया 115 रुपए प्रति यात्री पीएसएफ
—अहमदाबाद एयरपोर्ट के लिए : अडानी ने कोट किया 177 रुपए प्रति यात्री पीएसएफ
—जयपुर एयरपोर्ट के लिए : अडानी ने कोट किया 174 रुपए प्रति यात्री पीएसएफ
—लखनऊ एयरपोर्ट के लिए : अडानी ने कोट किया 171 रुपए प्रति यात्री पीएसएफ

अब जयपुर एयरपोर्ट के निजीकरण का लैटर ऑफ अवार्ड 28 फरवरी को जारी हो जाएगा। इसके बाद निजी कंपनी के पास 4 माह का समय रहेगा, यानी 31 जुलाई तक जयपुर एयरपोर्ट का संचालन अडानी एंटरप्राईजेज संभालने लगेगी। हालांकि निजीकरण से कई चीजें महंगी और सुविधाएं बढ़ने की संभावना रहेगी। देखने वाली बात यह होगी कि जिस उद्देश्य से जयपुर एयरपोर्ट को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है, वह पूरा होता है या नहीं।

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