VIDEO: 12 अक्टूबर को अडानी का होगा जयपुर एयरपोर्ट, जानिए निजीकरण से क्या-क्या बदलेगा

VIDEO: 12 अक्टूबर को अडानी का होगा जयपुर एयरपोर्ट, जानिए निजीकरण से क्या-क्या बदलेगा

जयपुर(काशीराम चौधरी): जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निजीकरण अब दूर नहीं है. अडानी समूह 6 एयरपोर्ट के निजीकरण की टेंडर प्रक्रिया में सफल रहा था. अब 12 अक्टूबर से जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का संचालन अडानी समूह संभाल लेगा. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसके लिए 12 अक्टूबर की कमर्शियल ऑपरेशन डेट तय की है. कैसे होगी प्रक्रिया और क्या महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं. 

जयपुर एयरपोर्ट के निजीकरण को फाइनल मंजूरी प्रदान:
फरवरी 2019 में देश के 6 हवाई अड्डों के निजीकरण की टेंडर प्रक्रिया में अडानी एंटरप्राइजेज कंपनी सफल रही थी. पहले चरण में लखनऊ, अहमदाबाद और मंगलूरु एयपोर्ट का निजीकरण हुआ था. इन तीनों एयरपोर्ट पर अडानी समूह ने अक्टूबर और नवंबर 2020 से काम करना शुरू कर दिया है. केंद्रीय कैबिनेट ने जयपुर एयरपोर्ट के निजीकरण को भी फाइनल मंजूरी प्रदान की हुई है. जयपुर के साथ गुवाहाटी और त्रिवेन्द्रम एयरपोर्ट का भी निजीकरण होगा. पहले जयपुर एयरपोर्ट के निजीकरण की तारीख 18 जुलाई तय की गई थी. लेकिन कोरोना के मद्देनजर उपजे हालातों को देखते हुए समूह ने इसे 3 माह और बढ़वा लिया है.

12 अगस्त से कम्पनी का आब्जर्वेशन पीरियड भी होगा शुरू: 
जयपुर एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अब 12 अक्टूबर को जयपुर एयरपोर्ट का संचालन अडानी एंटरप्राइजेज को दिया जाएगा. इसे तकनीकी भाषा में कमर्शियल ऑपरेशन डेट कहा जाता है. इसके लिए 12 अगस्त से कम्पनी का आब्जर्वेशन पीरियड भी शुरू हो जाएगा. अगले 2 माह तक अडानी समूह की टीम जयपुर एयरपोर्ट पर संचालन व प्रबंधन से सम्बंधित सभी चीजों को आब्जर्व करेगी. अडानी समूह ने जयपुर एयरपोर्ट के संचालन के लिए विष्णु झा को चीफ एयरपोर्ट ऑफिसर नियुक्त कर दिया है. विष्णु झा ने पिछले दिनों एयरपोर्ट पर विजिट कर व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया है.

क्या-क्या बदलेगा एयरपोर्ट पर निजीकरण से ?:
- एयरपोर्ट बिल्डिंग का संचालन पूरी तरह से अडानी समूह के हाथों में रहेगा
- पार्किंग, बिल्डिंग के अंदर सभी दुकानों का संचालन भी अडानी समूह करेगा
- एयरलाइंस के साथ समन्वय, एप्रन क्षेत्र संचालन कार्य अडानी समूह करेगा
- एयरपोर्ट बिल्डिंग और रनवे क्षेत्र में सुरक्षा का कार्य CISF संभालती रहेगी
- एयरपोर्ट पर चिकित्सा, अग्निशमन व्यवस्था भी निजी कंपनी ही संभालेगी
- एयर ट्रैफिक कंट्रोल का कार्य एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किया जाएगा
- एयरपोर्ट निदेशक सहित एयरपोर्ट अथॉरिटी के करीब 125 कर्मचारियों का तबादला होगा

यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी, महंगाई होना संभव:
- अडानी समूह एयरपोर्ट पर सभी तरह की सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर देगा
- यात्रियों के लिए पार्किंग मैनेजमेंट, आवागमन की व्यवस्था सुधरेगी
- शॉपिंग एरिया बढ़ेगा, रेस्टोरेंट, होटल, बार सुविधाओं की शुरुआत संभव
- सुविधाएं बढ़ने से महंगाई बढ़ सकती है, हर चीज के लिए शुल्क बढ़ना संभव
- एयरलाइंस के काउंटर महंगे होना संभव, एप्रन चार्जेज भी बढ़ना संभव 
- इसका सीधा असर हवाई किराए की दरों पर होगा
- चाय-कॉफी, खान-पान की चीजें अपेक्षाकृत महंगी होने की संभावना रहेगी
- यात्रियों को लेने आने वाले प्रत्येक वाहन से 30 या 50 रुपए शुल्क लेना संभव

एयरपोर्ट अथॉरिटी से जुड़े ज्यादातर स्टाफ का हो जाएगा तबादला:
अडानी समूह द्वारा जयपुर एयरपोर्ट का संचालन संभालने के बाद यात्रियों के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी के साथ महंगाई की डोज बढ़ने की भी संभावना रहेगी. जयपुर एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पूर्व में 18 जुलाई को एयरपोर्ट का संचालन अडानी ग्रुप को हैंडओवर करने की डेट को बदला गया है. अब 12 अक्टूबर को अडानी समूह संचालन संभाल लेगा. इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी से जुड़े ज्यादातर स्टाफ का तबादला हो जाएगा. जबकि अडानी समूह से जुड़ी टीम एयरपोर्ट का संचालन संभालेगी. प्रशासनिक, वित्तीय, इंजीनियरिंग, वाणिज्यिक आदि सभी शाखाओं में लगे एयरपोर्ट अथॉरिटी के कर्मचारी बदल जाएंगे. संचालन संभालने के बाद अडानी समूह प्रति यात्री का भुगतान एयरपोर्ट अथॉरिटी को करेगा. प्रति घरेलू यात्री 174 रुपए और प्रति अंतरराष्ट्रीय यात्री के लिए 348 रुपए का भुगतान किया जाएगा. कुल मिलाकर आने वाले 2 माह में जयपुर एयरपोर्ट पर बड़े बदलाव होंगे और फिर एयरपोर्ट से हवाई यात्रा करना यात्रियों के लिए एक नया अनुभव होगा.

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