मुंबई खाने में चिकन तंदूरी की जगह लेगा तयीर सादम, मेरे बाद एचडीएफसी बैंक में आएगा बस इतना फर्क: पुरी 

खाने में चिकन तंदूरी की जगह लेगा तयीर सादम, मेरे बाद एचडीएफसी बैंक में आएगा बस इतना फर्क: पुरी 

खाने में चिकन तंदूरी की जगह लेगा तयीर सादम, मेरे बाद एचडीएफसी बैंक में आएगा बस इतना फर्क: पुरी 

मुंबईः देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक ‘एचडीएफसी बैंक’ के नेतृत्व में 25 साल बाद बदलाव हो गया है. सोमवार से शशिधर जगदीशन बैंक का नेतृत्व करेंगे. पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) आदित्य पुरी का कहना है कि उनके जाने से बैंक की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं आने वाला है. उन्होंने कहा कि सोमवार से सिर्फ इतना बदलाव आयेगा कि चिकन तंदूरी की जगह तयीर सादम (कर्ड-राइस) ले लेगा. चिकन तंदूरी पंजाबियों का पसंदीदा भोजन माना जाता है और आदित्य पुरी पंजाबी हैं. अब उनकी जगह लेने जा रहे जगदीशन तमिल हैं और तयीर सादम तमिल लोगों का पसंदीदा डिश है.

सफलता पूरी टीम ने सतत काम कर की हासिलः
करीब 25 साल की पारी में एचडीएफसी बैंक को देश का सबसे बड़ा निजी बैंक बनाने वाले पुरी ने कहा कि यह सफलता पूरी टीम ने सतत काम कर हासिल की है. उनका कहना है कि आईसीआईसीआई बैंक को पीछे छोड़ने का राज काम पर ध्यान बनाये रखना और किसी प्रयास को बड़ा बनाने से पहले छोटे स्तर पर प्रयोग करना है. उन्होंने कहा कि दोस्ती से काम को प्रभावित नहीं होने देने के नियम ने बैंक को अभी तक किसी भी धोखाधड़ी से बचाया है.

बैंक के काम में यारबाजी नहीं चलतीः
उल्लेखनीय है कि पुरी को एचडीएफसी के दीपक पारेख ने 1990 की शुरुआत में तब बुलाया था, जब भारत में उदारीकरण की शुरुआत हो रही थी. पुरी तब मलेशिया में एक विदेशी बैंक का परिचालन संभाल रहे थे. बैंकों में धोखाधड़ी के खतरे के बारे में पुरी ने कहा कि बैंक के काम में यारबाजी नहीं चलती.
सोर्स भाषा

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