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राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन में सुप्रीम कोर्ट की तर्ज पर प्रवेश व्यवस्था

राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन में सुप्रीम कोर्ट की तर्ज पर प्रवेश व्यवस्था

जोधपुर: राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जोधपुर के लिए नए भवन में सुप्रीम कोर्ट की तर्ज पर प्रवेश व्यवस्था रहेगी. हाईकोर्ट कर्मचारियों, वकीलों और एडवोकेट्स क्लर्क को रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन आइडेंटी कार्ड से ही प्रवेश मिलेगा. सुरक्षा बंदोबस्त इतने कड़े होंगे कि इनके वाहन भी बिना आरएफआईडी टैग के अंदर नहीं जा सकेंगे. सामान की जांच के लिए बैगेज स्कैनर भी लगाए जाएंगे.

अगले महिने होगा नए भवन का उद्घाटन: 
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी ने बताया कि आरएफआईडी आइडेंटी कार्ड बनाने और भवन में प्रवेश की क्या व्यवस्था रहेगी, यह बताने के लिए कल से हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के लाइब्रेरी हॉल में शिविर भी लगाया जाएगा, जो 31 तक चलेगा. ऐसा ही शिविर हाईकोर्ट स्टाफ के लिए भी लगाया जा रहा है. अगले महीने नए भवन का उद्घाटन होना है, जिसके लिए पिछले दिनों मुख्य न्यायाधीश एस रविंद्र भट्ट ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को निमंत्रण भी दिया है.

वकीलों व हाईकोर्ट स्टाफ के लिए आरएफआईडी कार्ड: 
आपको बता दे कि हाईकोर्ट भवन में प्रवेश के लिए वकीलों व हाईकोर्ट स्टाफ के लिए आरएफआईडी कार्ड भी बनाए जा रहे हैं. इन कार्ड के बिना प्रवेश नहीं दिया जाएगा. कार्ड बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण का काम शुरू भी हो गया है. तीसरे रास्ते से मुवक्किल व आगंतुक प्रवेश करेंगे. इनको प्रवेश करने के लिए एंट्री पास बनाना होगा. इसके बाद ही प्रवेश हो सकेगा. हालांकि एंट्री पास की तो हाईकोर्ट के पुराने भवन में भी व्यवस्था लागू है. इसके अलावा हाईकोर्ट के गेट पर बैगेज स्केनर भी लगेंगे, इससे सामान की जांच होने के बाद ही उसे अंदर ले जाने दिया जाएगा. मेटल डिटेक्टर भी लगाए जाएंगे.

न्यू बिल्डिंग कैम्पस में प्रवेश के कुल छह रास्ते: 
हाईकोर्ट न्यू बिल्डिंग कैम्पस में प्रवेश के कुल छह रास्ते होंगे. लेकिन फिलहाल तीन रास्ते ही उपयोग में लाए जाएंगे. पहला हाईकोर्ट जज व रजिस्ट्री के अफसरों के लिए होगा. दूसरे रास्ते से वकील व हाईकोर्ट स्टाफ प्रवेश करेंगे. तीसरा रास्ता मुवक्किलों व आगंतुको के लिए रहेगा. हर रास्ते पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी. 

...राजीव गौड़ फर्स्ट इंडिया न्यूज जोधपुर

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कोरोना संक्रमितों ने की गई मतदान की व्यवस्थाः
उधर कोटा उत्तर नगर निगम के लिए गुरुवार को हुए प्रथम चरण के मतदान के आखिरी चरण में कोरोना पॉजिटिव मरीजों ने अपने मत का प्रयोग किया. जानकारी के अनुसार कोटा उत्तर नगर निगम में 5 कोरोना संक्रमितों के लिए सकतपुरा, भदाना, डीसीएम डिस्पेन्सरियों पर मतदान की व्यवस्था की गई थी. कुन्हाड़ी के संत तुकाराम सामुदायिक भवन बूथ पर कोरोना संक्रमितों ने पीपीई किट पहनकर मतदान किया. 

Nagar Nigam Polls : जोधपुर उत्तर में पहले चरण के लिए शांतिपूर्ण चल रहा मतदान, वैभव गहलोत ने पत्नी हिमांशी के साथ डाला वोट

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उधर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य वैभव गहलोत ने अपनी पत्नी हिमांशी गहलोत के साथ वार्ड नंबर 57 से मतदाता के रूप में अपना वोट डाला. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैतृक निवास के पास स्थित वर्द्धमान जैन स्कूल में सिक्योरिटी के काफिले के साथ पहुंचे वैभव गहलोत ने अपनी पत्नी हिमांशी गहलोत के साथ वोट डालने के बाद बकायदा वोट डालने की स्याही हमेशा की तरह दिखाई. 

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वहीं शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सईद अंसारी की पुत्री मेहराज अंसारी जब वार्ड नम्बर 15 में आने वाले प्रतापनगर स्थित मॉर्निंग ग्लोरी स्कूल में बने मतदान केन्द्र पर अपना मतदान करने पहुंची तो वहां पर मतदाता सूची में से नाम पर लाल स्याही फेरने की बात सामने आई जिस पर कुछ देर तक मतदान केंद्र पर कहासुनी का बहुत चलता रहा. प्रातः 7:30 बजे मतदान केंद्र पर पहुंची मेहराज अंसारी उस वक्त तो वोट नहीं डाल पाई मगर बाद में सारे डाक्यूमेंट्स मंगाए गए तो उसमें नाम होने की बात सामने आई मेहराज अंसारी के पिता और शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सईद अंसारी ने बताया कि किसी असामाजिक तत्व द्वारा नाम पर लाल स्याही फेर दी थी यदि मतदाता सूची में नाम नहीं होता तो नॉमिनेशन फॉर्म ही स्वीकार नहीं होता. 

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विजयादशमी पर कोरोना का कहर, रावण के ससुराल जोधपुर में इस बार नहीं होगा रावण दहन

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जोधपुर: कोरोना ने इस बार सदियों से चली आ रही रावण दहन की परम्परा पर विराम लगा दिया है. रावण के ससुराल जोधपुर में इस बार विजयादशमी के अवसर पर रावण का दहन नहीं किया जाएगा. आज विजयादशमी का पर्व है और ऐसे में आज के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतिक रावण दहन का कार्यक्रम कोरोना के चलते आयोजित नही होगा. ऐसे में जोधपुर वासियों ने जहां कोरोना को कोसा तो वही सरकार के इस निर्णय का भी स्वागत किया. विजयादशमी पर रावण का चबूतरा मैदान में हर वर्ष रावण दहन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है.

जोधपुर में 102 वर्षों बाद टूटेगी यह परपंरा: 
रावण दहन की परपंरा सदियों से चली आ रही है और यह पहला मौका होगा जब जोधपुर में 102 वर्षो बाद यह परपंरा टूटेगी और आज रावण दहन नही किया जाएगा. महोत्सव को लेकर नगर निगम ने कलेक्टर के जरिए राज्य सरकार को पत्र लिख मार्गदर्शन मांगा था. राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना की रोकथाम के लिए पहले से जोधपुर में धारा 144 लागू है. ऐसे में रावण दहन के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए इसका आयोजन इस साल नहीं किया जाए. वही इस बार करे रावण के पुतले बनाने वाले उन मजदूरों की तो उनके लिए भी इस बार रोजगार का संकट रहा है. मजदूर परिवारों के लिए रावण दहन कार्यक्रम नही होने से रोजी रोजी का संकट सामने आ रहा है. जब जोधपुर के राजघराने से जुडे हुए राज व्यास परिवार के सदस्यों से जब रावण दहन की परपंरा कब से चली आ रही है इस संबंध मे पूछा गया तो उन्होने बताया कि परपंरागत दशहरा जोधपुर महाराजा द्वारा विधिपूर्वक सदियों से मनाया जा रहा है. लेकिन यह पहली मर्तबा है कि इस बार रावण का दहन नही हो पा रहा है.

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सन 1918 से चली आ रही है ये परंपरा:
पूर्व महाराजा उम्मेद सिंह के समय 1918 से यह परंपरा चली आ रही है,तब से लेकर आज यह पहला मौका है जब रावण का दहन नही होगा. वहीं राहन दहन नही किए जाने के निर्णय की जहां जोधपुर के लोगो ने सराहना करते हुए कहा कि रावण दहन जब होता है तो रावण चबूतरा मैदान में काफी भीड लगती है ऐसे में वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही हो पाएगा. जोधपुर में कोरोना के कहर को देखते हुए सरकार का यह सही निर्णय है कि इस बार रावण दहन नही होगा क्योकि त्यौहार तो हम अगले वर्ष भी मना लेंगे मगर अभी कोरोना को भगाना हमारे लिए जरूरी.

इस बार नहीं निकलेगी भगवान रामचन्द्र जी की सवारी:
बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व विजयदशमी के दिन मेहरानगढ़ में सदियों पुरानी परम्परा दशहरा दरबार नहीं सजेगा. कोविड-19 और जिला प्रशासन की गाइडलाइन के कारण दशहरे के दिन किए जाने वाला अश्व, पारम्परिक शस्त्रों एवं शमीपूजन भी प्रतिकात्मक ही होगा. किले के ही मुरली मनोहरजी मन्दिर से दशानन दहन स्थल रावण चबूतरा मैदान तक भगवान रामचन्द्र की सवारी भी इस बार नहीं निकलेंगी. शस्त्र व शमी पूजन की परम्परा इस बार कोविड के कारण उम्मेद भवन में प्रतिकात्मक रूप से की जाएगी. मान्यता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी मारवाड़ की प्राचीन राजधानी मंडोर की रहने वाली थी. उसका विवाह मंडोर में ही रावण के साथ हुआ था. मंडोर में दोनों के विवाह के दौरान फेरे लिए जाने का स्थान भी है. वहीं, जोधपुर में रावण व मंदोदरी का एक मंदिर भी बना हुआ है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए राजीव गौड़ की रिपोर्ट

जोधपुर: कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूकता का संदेश देता नजर आएगा रावण, बनेगा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक

जोधपुर: कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूकता का संदेश देता नजर आएगा रावण, बनेगा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक

जोधपुर: कोरोना ने इस बार सदियों से चली आ रही रावण दहन की परम्परा पर विराम लगा दिया है. रावण के ससुराल जोधपुर में इस बार विजयादशमी के अवसर पर रावण का दहन नहीं किया जाएगा. मगर जोधपुर के गली और मोहल्लों की बात करे तो वहां पर रावण दहण को लेकर बच्चों से लेकर बड़ों में उत्साह देखा जा रहा है. जोधपुर के कमला नेहरू नगर हुडको क्वार्टर की बात करे तो वहां पर बच्चों ने मिलकर रावण दहन पर बेस्ट फ्रॉम वेस्ट आईटम्स से ना केवल रावण का पुतला बनाया है बल्कि कोरोना के चलते रावण को मास्क भी पहनाया गया है और कोरोना के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया है.

गली और मोहल्लों में जोर-शोर से चल रही रावण दहन की तैयारियां:  
कल विजयादशमी का पर्व है और ऐसे में रावण दहन को लेकर राजस्थान सरकार द्वारा किसी प्रकार की कोई गाइड लाइन फिलहाल जारी नहीं की गई है ऐसे में रावण दहन इस बार जोधपुर में नही मनाया जाएगा मगर गली और मोहल्लों की बात करे तो वहां पर रावण दहन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है. जोधपुर के कमला नेहरू नगर हुडको क्वार्टर स्थित मोहल्ले में बच्चों की टीम  ने तो बेस्ट फॉर्म वेस्ट आइटम्स से एक अनूठा 6 फिट का रावण तैयार किया है जो ना केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है बल्कि इसके साथ ही कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूकता का भी संदेश देता नजर आएगा. यह रावण का पुतला बनकर तैयार हो गया है जिसमें बच्चों ने काफी मेहनत से बनाया है जिसपर छोटे छोटे कोरोना के सिम्बल लगाने के साथ ही कोरोना को हराना है देश को बचाना है का संदेश भी लिखा गया है. 

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कोरोना के प्रति जागरूकता का संदेश देता नजर आएगा:
अब कल विजय दशमी के पर्व पर जब यह रावण जलेगा तो लोगों को कोरोना के प्रति जागरूकता का संदेश देता नजर आएगा. पुतला बनाने वाले बच्चों ने बताया कि जोधपुर में कोरोना के चलते इस बार रावण दहन नहीं होगा इसलिए हमारी पूरी बच्चों की टीम ने सोचा कि मोहल्ले में ही रावण का दहन करेंगे इसमें हमने बेस्ट फॉर वेस्ट से इस रावण को बनाया है. बेसट फॉर वेस्ट के तहत हमने इसमें कारबोट, मटकी, लकडी के अलावा ऐसे कई वेस्ट आइटम्स का इस्तेमाल करते हुए हमने यह 6 फिट का रावण बनाया है. कोरोना हमारे देश और विश्व से पूरी तरह खत्म हो जाए इसलिए हमने कोरोना की ड्राइंग करके इस रावण पर चिपकाया है जिससे रावण के साथ-साथ कोरोना भी खत्म होगा.

जोधपुर: नाबालिक बच्ची के साथ छेड़छाड़ के मामले में 11 महीने से न्याय नहीं मिलने से आहत पूरा परिवार 10 दिन से बैठा धरने पर

जोधपुर: नाबालिक बच्ची के साथ छेड़छाड़ के मामले में 11 महीने से न्याय नहीं मिलने से आहत पूरा परिवार 10 दिन से बैठा धरने पर

फलोदी(जोधपुर): एक तरफ तो सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ को लिए नारा दे रही है वहीं दूसरी ओर फलोदी के चाखु थाना क्षेत्र के हनुमान सागर गांव में स्थित राजकीय विद्यालय में पढ़ाई करने वाली छात्रा से उसी विद्यालय के शिक्षक द्वारा छेड़खानी करने का मामला दर्ज होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार का धरना मंगलवार को दसवें दिन भी जारी रहा. घटना आज से 11 महीने पहले की बताई जा रही है. आपको बता दें की पीड़ित परिवार ने कई बार उच्च अधिकारियों के चक्कर भी काटे लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है. 

पीड़ित परिवार उच्चाधिकारियों के पास चक्कर काटता रहा:  
वही पीड़ित परिवार ने जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक फलोदी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व उप पुलिस अधीक्षक फलोदी उच्चाधिकारियों के पास चक्कर काटता रहा लेकिन न्याय नही मिला. वहीं पीड़ित के पिता बुधाराम ने बताया कि एक तरफ सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा लगा रही वही दूसरी ओर बेटी पर शिक्षक द्वारा अत्याचार करने बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है.

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11 माह बीतने के बावजूद न्याय नही मिल रहा:
बताया जा रहा है कि आरोपी शिक्षक का भाई थानाधिकारी पद पर कार्यरत होने की वजह से इस मामले में बेटी को 11 माह बीतने के बावजूद न्याय नही मिल रहा है. वहीं पीड़ित का पूरा परिवार आज दसवें दिन भी अनशन व भूख हड़ताल पर है. जिसमे उसके छोटे बच्चे भी शामिल है. पीड़ित के पिता ने कहा कि चाहे मेरे पूरे परिवार की जान भी चली जाए जब तक आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार नही किया जाएगा तब तक अनशन व भूख हड़ताल जारी रहेगी. 

जोधपुर के फलौदी में एसीबी की कार्रवाई, पटवारी पवन को 3500 रुपए की घूस लेते किया ट्रैप 

जोधपुर के फलौदी में एसीबी की कार्रवाई, पटवारी पवन को 3500 रुपए की घूस लेते किया ट्रैप 

जोधपुर: एसीबी जोधपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को 3500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. फलौदी में हुई इस कार्रवाई में म्यूटेशन करने की एवज में यह रिश्वत मांगी गई थी. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग सिंह राजपुरोहित ने बताया कि परिवादी पप्पू राम विश्नोई ने एसीबी चौकी में आकर शिकायत दर्ज कराई कि पटवारी पवन कुमार जोशी म्यूटेशन करने की एवज में 3500 रुपए की रिश्वत की मांग कर रहा है.

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शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी टीम में पटवारी को ट्रैप करने के लिए जाल बिछाया और 3500 रुपए देकर परिवादी को पटवारी के घर भेजा. पटवारी पवन कुमार जोशी ने रिश्वत की यह राशि लेकर अपने टेबल की दराज में रख ली. इशारा पाते ही एसीबी की टीम ने दबिश दी और दराज से 3500 रुपए बरामद कर लिए. एसीबी टीम को इसी दराज में करीब 35000 रुपए अतिरिक्त मिले हैं.

जालोर में दो नाबालिग किशोरियों के अपहरण व गैंगरेप मामला, बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने मामले को लिया गंभीरता से

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जोधपुर: जिले में दो नाबालिग किशोरियों के अपहरण व गैंगरेप मामले में बाल सरंक्षण आयोग अध्यक्ष संगीतन बेनिवाल ने गंभीरता से से लेते हुए पूरे मामले में प्रसंज्ञान लिया है. प्रसंज्ञान लेने के साथ ही संगीता बेनिवाल ने पुलिस अधिकारियों से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है. फरार आरोपियों को लेकर पुलिस को तुरंत गिरफ्तारी के भी आदेश दिए गए है. मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग अध्यक्ष संगीता बेनिवाल जालोर रवाना हुई जहां दोनो नाबालिग किशोरियों से मिलने के अलावा परिवार जनों से मिलकर हालात जानेंगी. 

आरोपी लड़कियों को पहाड़ियों पर बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गए थे: 
गौरतलब है कि जालोर जिले के भीनमाल थाना क्षेत्र के खाण्डादेवल गांव से कुछ युवकों द्वारा दो नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उनके साथ गैंगरेप करने की घटना सामने आई थी. गैंगरेप के बाद आरोपी लड़कियों को जसवंतपुरा थाना क्षेत्र के राजपुरा में सुंधामाता की पहाड़ियों पर बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गए थे. पहाड़ियों पर आरोपितों ने दोनों के साथ गैंगरेप किया था. सूचना पर पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंच लड़कियों को अचेत व घायल अवस्था में भीनमाल शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था. जहां उनका इलाज चल रहा है. 

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पहाड़ियों पर आरोपितों ने दोनों के साथ गैंगरेप किया था:
पड़िता के पिता ने रिर्पोट दर्ज करवाई कि खाण्डादेवल निवासी चेतनराम, अशोक, तेजाराम, पीराराम भील व दो अन्य ने उसके घर में प्रवेश कर उसकी नाबालिग बेटी व उसकी नाबालिग चचेरी बहन का अपहरण कर लिया था. अपहरण करने के बाद आरोपियो ने दोनों को जसवंतपुरा के राजपुरा गांव ले गए. जहां पहाड़ियों पर आरोपितों ने दोनों के साथ गैंगरेप किया था. गैंगरेप के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. सूचना पर पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंच लड़कियों को अचेत व घायल अवस्था में भीनमाल शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया. जहां उनका इलाज चल रहा है. 

गैंगरेप के बाद आरोपी मौके से फरार:
पुलिस ने बताया कि पड़िता के पिता ने रिर्पोट दर्ज करवाई कि खाण्डादेवल निवासी चेतनराम पुत्र विरकाराम, अशोक पुत्र लसाराम, तेजाराम पुत्र लसाराम, पीराराम पुत्र करताराम भील व दो अन्य ने उसके घर में प्रवेश कर उसकी नाबालिग बेटी व उसकी नाबालिग चचेरी बहन का अपहरण कर लिया. अपहरण करने के बाद आरोपियो ने दोनों को जसवंतपुरा के राजपुरा गांव ले गए. जहां पहाड़ियों पर आरोपितों ने दोनों के साथ गैंगरेप किया. गैंगरेप के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए.