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CBSE 10वीं पास करने के बाद बच्चों के सामने प्रवेश का संकट

CBSE 10वीं पास करने के बाद बच्चों के सामने प्रवेश का संकट

जैसलमेर: आमतौर पर शिक्षा में पिछड़ा माने जाने वाले जैसलमेर के होनहार अब पुरानी सभी भ्रांतियों को तोड़ रहे हैं, लेकिन यहां अभी भी शिक्षा के क्षेत्र में उतना विकास नहीं हुआ है जितना होना चाहिए. उदाहरण के तौर पर सीबीएसई पैटर्न की पढ़ाई की बात की जाए तो दसवीं कक्षा के बाद विद्यार्थियों के पास स्कूल का ऑप्शन ही नहीं है. जैसलमेर में सीबीएसई पैटर्न के मात्र 4 विद्यालय ही है इसमें भी सभी संकाय नहीं है. इसके साथ ही हर संकाय के लिए 40 सीट ही फिक्स है. ऐसे में जैसलमेर में हजारों की संख्या में दसवीं पास करने वाले चंद सैकड़ों विद्यार्थी ही सीबीएसई पैटर्न में अपनी पढ़ाई  आगे जारी रख पाते हैं. इसके बाद उन्हें अन्य जिले या आरबीएससी के पैटर्न से पढ़ाई करनी पड़ती है इससे विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है. 

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अभिभावक अपने बच्चों को बाहर भेजने में भी संकोच कर रहे:
देश व प्रदेश में इन दिनों कोरोना का प्रकोप चल रहा है ऐसे समय में अभिभावक अपने बच्चों को बाहर भेजने में भी संकोच कर रहे हैं. जहां अन्य जिलों में कोरोना पॉजिटिव के रोज नए आंकड़े सामने आ रहे हैं. वहीं इस महामारी से हर कोई पीड़ित है. ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को बाहर भी नहीं भेज पा रहे हैं. इन चार स्कूल में संख्या प्रवेश नहीं होने की स्थिति में बच्चों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है जबकि अन्य जिलों में सीबीएसई पैटर्न की कई स्कूले हैं. वही जैसलमेर में मात्र 4 स्कूलों के कारण अभिभावकों व विद्यार्थियों के पास ऑप्शन नहीं होने से पढ़ाई छोड़ने या आरबीएसई पैटर्न से पढ़ाई करने की परेशानी हो रही है ऐसे में यह बच्चे मांग कर रहे हैं या तो स्कूलों में संकाय बढ़ाई जाए या स्कूलों में सीट बढ़ाई जाए ताकि यह बच्चे अपना भविष्य बेहतर बना सके. 

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जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत विभिन्न पदों पर कार्यरत 600 से ज्यादा संविदाकर्मियों के हटाने पर रोक लगा दी. इसके साथ ही कोर्ट ने संविदाकर्मियों को वर्तमान पद पर कार्य करते रहने की छूट दी है. बुद्धिप्रकाश व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ये आदेश दिये है. 

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600 से ज्यादा कर्मचारी विभिन्न पदों पर 2018 से काम कर रहे: 
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत प्रदेंशभर में 600 से ज्यादा कर्मचारी विभिन्न पदों पर 2018 से काम कर रहे हैं. विभाग की ओर से लगातार उनकी कार्य अवधि को बढ़ाया जा रहा है. लेकिन अब पुरानी प्लेसमेंट एजेंसी का कार्यकाल समाप्त होने के चलते नई प्लेसमेंट एजेंसी उनको हटाकर नए संविदाकर्मियों की भर्ती कर रही है. नई प्लेसमेंट एजेंसी ने 28 अगस्त 2020 से उनको सेवामुक्त करने का आदेश दिया है. जिस पर अदालत ने नए एजेंसी के जरिए संविदाकर्मियो की ही भर्ती करने और वर्तमान में कार्यरत कार्मिकों को हटाने पर नाराजगी जताते हुए ये आदेश दिये है. 
 

मुख्यमंत्री गहलोत का बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा फैसला, कनिष्ठ सहायक भर्ती में चयन से वंचित अभ्यर्थियों को तोहफा

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कनिष्ठ सहायक भर्ती परीक्षा-2018 में चयन से वंचित अभ्यर्थियों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए 603 अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी दी है. इनमें सामान्य वर्ग के 345, अन्य पिछड़ा वर्ग के 223 तथा अनुसूचित जनजाति के 35 पद हैं. संशोधित अर्थना के कारण नियुक्ति से वंचित हो रहे अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री के इस निर्णय से बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें विज्ञापित पदों के अनुरूप नियुक्ति के अवसर मिल पाएंगे. 

अब जल्द ही इन अतिरिक्त पदों पर अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल सकेगी: 
उल्लेखनीय है कि इस भर्ती की संशोधित अर्थना में विज्ञापित पदों में से सामान्य, ओबीसी एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के पदों की कमी कर दी गई थी. जबकि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने विज्ञापित पदों के अनुसार परिणाम जारी कर अभ्यर्थियों के आवेदन पत्रों का सत्यापन भी करा लिया था. मुख्यमंत्री की नई स्वीकृति के बाद अब जल्द ही इन अतिरिक्त पदों पर अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल सकेगी. अब तक इस परीक्षा के गैर अनुसूचित क्षेत्र के 10 हजार 763 रिक्त पदों के विरूद्ध 10 हजार 688 तथा अनुसूचित क्षेत्र के 1278 रिक्त पदों के विरूद्ध 722, अर्थात कुल 11 हजार 410 अभ्यर्थियों को विभागों को आवंटन किया जा चुका है. 

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उचित मूल्य दुकान आवंटन के लिए कंप्यूटर योग्यता में भी छूट:
वहीं मुख्यमंत्री ने उचित मूल्य दुकान आवंटन के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता में आरकेसीएल अथवा समकक्ष सरकारी संस्थान का 3 माह का आधारभूत कम्प्यूटर प्रशिक्षण होने की शर्त में शिथिलन देने को मंजूरी दे दी है. अब ऐसे चयनित व्यक्तियों को 31 मार्च, 2021 अथवा आरकेसीएल की परीक्षा आयोजित होने तक परिणाम जारी होने के 15 दिन की अवधि का शिथिलन दिया जा सकेगा. उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण वर्तमान में आरकेसीएल द्वारा कम्प्यूटर की परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी है. 

सोशल मीडिया पर पेपर आउट ऑडियो वायरल मामला: राज.अधीनस्थ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा-हमारे पास अभी तक नहीं है इस तरह की कोई सूचना

 सोशल मीडिया पर पेपर आउट ऑडियो वायरल मामला: राज.अधीनस्थ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा-हमारे पास अभी तक नहीं है इस तरह की कोई सूचना

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती-2018 परीक्षा पेपर आउट ऑडियो वायरल मामले पर राजस्थान अधीनस्थ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि हमारे पास अभी तक इस तरह की कोई सूचना नहीं है. अगर इस तरह का कोई मामला आया है, तो इस मामले की जांच करना पुलिस का काम है. हम कल भर्ती परीक्षा की तैयारियां पूरी कर चुके है. कल पूरी सावधानी के साथ परीक्षा करवाई जाएगी. 

पेपर आउट गिरोह सक्रिय होने की खबर आई थी सामने:
इससे पहले खबर सामने आई थी कि परीक्षा के एक दिन पहले पेपर आउट गिरोह सक्रिय हो गए है. जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर पेपर आउट करने का ऑडियो वायरल हो रहा है. जानकारी के मुताबिक परीक्षा से 5 घंटे पहले 13 लाख रुपए में पेपर देने की बात कही जा रही है. जयपुर और जोधपुर में पेपर आउट गिरोह सक्रिय हो रहे हेै. परीक्षा से पहले 3 लाख रुपए देने की बात हो रही है. तो वहीं अंतिम सिलेक्शन के बाद 10 लाख रुपए देने की बात हो रही है. दिसंबर 2019 में पहले भी पेपर आउट होने के चलते यह परीक्षा रद्द हुई थी. 

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शनिवार को आयोजित होगी परीक्षा:
आपको बता दें कि पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती परीक्षा-2018 शनिवार को आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा प्रदेश के 23 जिलों में आयोजित होगी. सुबह 11 बजे से 2 बजे तक परीक्षा आयोजित होगी. 700 पदों पर करीब 90 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे. परीक्षा को लेकर कोरोना गाइड लाइन अनुसरण के निर्देश दिए गए है.बिना मास्क के किसी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. परीक्षार्थियों की तापमान जांच और हाथ सैनिटाइज की व्यवस्था होगी.

जयपुर में 18047 परीक्षार्थी हैं पंजीकृत:
पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती परीक्षा-2018 के लिए जयपुर में 18047 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं. जयपुर में 69 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी. परीक्षा के लिए 15 सतर्कता दल और 15 उप समन्वयकों की नियुक्ति की गई है.

पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती-2018: परीक्षा से 1 दिन पहले फिर से सक्रिय हुए पेपर आउट गिरोह, ऑडियो हो रहा वायरल

जयपुर: प्रदेश में पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती-2018 परीक्षा शनिवार को आयोजित होगी. इससे एक दिन पहले पेपर आउट गिरोह सक्रिय हो गया है.  सोशल मीडिया पर पेपर आउट करने का ऑडियो वायरल हो रहा है. जानकारी के मुताबिक परीक्षा से 5 घंटे पहले 13 लाख रुपए में पेपर देने की बात कही जा रही है. जयपुर और जोधपुर में पेपर आउट गिरोह सक्रिय हो रहे हेै. परीक्षा से पहले 3 लाख रुपए देने की बात हो रही है. तो वहीं अंतिम सिलेक्शन के बाद 10 लाख रुपए देने की बात हो रही है. दिसंबर 2019 में पहले भी पेपर आउट होने के चलते यह परीक्षा रद्द हुई थी. 

शनिवार को आयोजित होगी परीक्षा:
आपको बता दें कि पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती परीक्षा-2018 शनिवार को आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा प्रदेश के 23 जिलों में आयोजित होगी. सुबह 11 बजे से 2 बजे तक परीक्षा आयोजित होगी. 700 पदों पर करीब 90 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे. परीक्षा को लेकर कोरोना गाइड लाइन अनुसरण के निर्देश दिए गए है.बिना मास्क के किसी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. परीक्षार्थियों की तापमान जांच और हाथ सैनिटाइज की व्यवस्था होगी.

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जयपुर में 18047 परीक्षार्थी हैं पंजीकृत:
पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती परीक्षा-2018 के लिए जयपुर में 18047 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं. जयपुर में 69 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी. परीक्षा के लिए 15 सतर्कता दल और 15 उप समन्वयकों की नियुक्ति की गई है.

5वीं और 8वीं की परीक्षा होगी आयोजित, मुख्य परीक्षा के 60 दिनों में होगी पूरक परीक्षा

5वीं और 8वीं की परीक्षा होगी आयोजित, मुख्य परीक्षा के 60 दिनों में होगी पूरक परीक्षा

जयपुर: प्रदेश में 5वीं और 8वीं की परीक्षा आयोजित की जाएगी. मुख्य परीक्षा के 60 दिनों में पूरक परीक्षा भी आयोजित होगी. 8वीं की पूरक परीक्षा में असफल को फिर से 8वीं की पढ़ाई करनी होगी. 5वीं में किसी भी विद्यार्थी को नहीं रोका जाएगा. यह जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने दी. 

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी:
गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट करते हुए बताया कि कक्षा 5 एवं 8 वीं में विधिक रूप से परीक्षा आयोजित किए जाने के लिए निर्णय लेकर राजपत्र में संशोधन प्रकाशन किया गया है. अब इसी सत्र से 5 वीं एवं 8 वीं की परीक्षा विधिक रूप से आयोजित की जा सकेगी.

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5वीं में किसी भी विद्यार्थी को नहीं रोका जाएगा:
कक्षा 5 एवं 8 वीं में मुख्य परीक्षा के 60 दिनों में पूरक परीक्षा आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा में कक्षा 5 के किसी भी विद्यार्थी को रोका नहीं जाएगा, लेकिन 8 वीं कक्षा के पूरक परीक्षा में असफल रहे विद्यार्थियों को कक्षा 8 वीं में ही पुन अध्ययन करना होगा. किसी भी विद्यार्थी को प्रारम्भिक शिक्षा पूर्ण करने से पूर्व विद्यालय से एक्सपेल नहीं किया जाएगा.

संविदाकर्मियों की समस्याओं को लेकर सरकार जल्द देगी राहत, कैबिनेट सब कमेटी ने लगभग पूरा किया काम

संविदाकर्मियों की समस्याओं को लेकर सरकार जल्द देगी राहत, कैबिनेट सब कमेटी ने लगभग पूरा किया काम

जयपुर: संविदाकर्मियों की समस्याओं को लेकर कैबिनेट सब कमेटी ने अपना काम लगभग पूरा कर लिया है. कमेटी की आज की बैठक में मौजूद और वेबीनार से जुड़े अफसरों से पूछा गया कि जो आंकड़े कमेटी को दिए गए हैं, वे अंतिम हैं या इसमें भी संशोधन हो सकता है. साथ ही उनसे यह भी पूछा गया कि संविदाकर्मियों की भर्ती में आरक्षण के नियमों और अन्य मापदंडों का ध्यान रखा गया है या नहीं.

रिपोर्ट को कैबिनेट में रखकर संविदाकर्मियों के बारे में निर्णय होगा: 
अगली बैठक में इनसे जुड़ी सारी जानकारी लेकर अब कमेटी संविदाकर्मियों के आंकड़े, उनकी स्थिति, उनके संभावित समाधान और सब कमेटी के निर्णय को तय कर लेगी. इसके बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंप देगी. फिर रिपोर्ट को कैबिनेट में रखकर संविदाकर्मियों के बारे में निर्णय होगा. कमेटी की आज सचिवालय में हुई बैठक में चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, मंत्री ममता भूपेश और अशोक चांदना शामिल हुए. बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह, निरंजन कुमार आर्य, प्रमुख सचिव रोली सिंह, सचिव सिद्धार्थ महाजन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

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बीकानेर में मौजूदा अभिलेखागार से जुड़ा क्या प्लान है:
उधर अन्य बैठक में कल आने मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, प्रमुख सचिव अश्विनी भगत के साथ यह चर्चा की कि बीकानेर में मौजूदा अभिलेखागार से जुड़ा क्या प्लान है और सरकारी प्रेस की जमीन का क्या उपयोग किया जाए. माना जा रहा है कि इस पर मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद कोई निर्णय होगा. 

जनजाति एवं सहरिया समुदाय के विधार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क ऑन-लाईन प्री कोचिगं दी जायेगी - अर्जुन सिंह बामनिया

जनजाति एवं सहरिया समुदाय के विधार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क ऑन-लाईन प्री कोचिगं दी जायेगी - अर्जुन सिंह बामनिया

जयपुर: जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि जनजाति एवं सहरिया समुदाय के विधार्थियों के प्रशासनिक सेवाओं में चयन का मार्ग प्रशस्त करने हेतु ’’टीएडी सुपर-30’’ प्रोजेक्ट के तहत प्रतिष्ठित कोचिगं संस्थाओं के माध्यम से निःशुल्क ऑन-लाईन प्री कोचिगं दी जायेगी. 

बामनिया ने बताया कि जनजाति एवं सहरिया समुदाय के ऐसे 30 विधार्थियों जिन्होंने न्यूनतम स्नातक परीक्षा उतीर्ण की हो, अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र हो, स्नातक परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हों, ऑन-लाईन कोचिगं हेतु वांछित उपकरण सुविधा उपलब्ध हो व अभ्यर्थी के अभिभावक आयकरदाता नहीं हो को प्री कोचिगं में प्राथमिकता दी जायेगी.   

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उन्होंने बताया कि ’’टीएडी सुपर-30’’ प्रोजेक्ट की शुरूआत 15वीं विधान सभा के चौथे सत्र में उनके द्वारा जनजाति के विधार्थियों को संध लोक सेवा आयोग और राजस्थान लोक सेवा आयोग में चयन के लिये कोचिगं कराये जाने के आश्वासन के तहत की जा रही है. 

20 छात्र एवं 10 छात्राओं को कोचिगं दी जायेगी: 
बामनिया ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत 20 छात्र एवं 10 छात्राओं को राजस्थान प्रशासनिक सेवा के लिए आरएएस ऑन-लाईन प्री कोचिगं दी जायेगी. तैयारी के इच्छुक ऐसे अभ्यर्थियों को राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा निर्धारित आयु पूर्ण करना आवश्यक होगा. ऐसे अभ्यर्थियों का चयन विभाग द्वारा गठित एक कमेटी द्वारा किया जायेगा. अभ्यर्थियों का चयन 80 प्रतिशत शैक्षणिक योग्यता के अंक एवं प्रतिशत साक्षात्कार के अंक अनुसार चयनित होने पर मेरिट के आधार पर किया जायेगा.  
 

राजस्थान में NEET परीक्षा आयोजित, अजमेर में 14 परीक्षा केंद्रों पर लगभग दस हजार परीक्षार्थियों ने लिया भाग

राजस्थान में NEET परीक्षा आयोजित, अजमेर में 14 परीक्षा केंद्रों पर लगभग दस हजार परीक्षार्थियों ने लिया भाग

अजमेर: मेडिकल और डेंटल कॉलेज में प्रवेश के लिए रविवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एन्ट्रेंस टेस्ट (नीट) का आयोजन किया गया. कोरोना संक्रमण के चलते विद्यार्थियों की परीक्षा केंद्रों पर थर्मल स्केनिंग, सेनेटाइजर की व्यवस्था भी की गई. मेडिकल और डेंटल कॉलेज में प्रवेश के लिए रविवार को दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के तत्वावधान में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एन्ट्रेंस टेस्ट का आयोजन हुआ.

देशभर में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने दी परीक्षा:
देशभर में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए. वहीं राजस्थान में अजमेर, उदयपुर, जयपुर, कोटा, जोधपुर और बीकानेर में परीक्षा इसके 269 परीक्षा केंद्र बनाए गए. वही अजमेर में भी 14 परीक्षा केंद्र पर लगभग 10000 परीक्षार्थियों ने भाग लिए. परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी 3 घंटे पहले पहुचे ओर 11 बजे परीक्षा केंद्रों के गेट खोले गए. जिसके बाद कोरोना की गाइड लाइन के तहत छात्रों को सोशल डिस्टेन्स की पालना करते हुए एक एक कर के परिसर में प्रवेश दिया गया.प्रवेश से पूर्व छात्रों के दस्तावेज देखे. जिसके बाद सभी को आटोमेटिक मशीन से सेनिटाइज किया गया और मेटल डिटेक्टर से तलाशी भी ली गई. वहीं परीक्षार्थियों के लिए ड्रेस कोड की पालना को लेकर के भी निर्देश जारी किए गए थे उसी के तहत परीक्षा केंद्रों में आने की अनुमति दी गई. 

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गाइडलाइन का हुआ पालन:
एनटीए की ओर से कोविड-19 को लेकर जारी की गई एडवाइजरी के तहत ही परीक्षा के दौरान हर वे महत्व कदम उठाए गए जिससे कि अभ्यार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाया गया. वहीं परीक्षा केंद्र में थर्मल स्कैनर से विद्यार्थियों का दो बार तापमान जांचा गया. केंद्र पर एक-एक छात्र के प्रवेश पत्र, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच हुई. शिक्षकों द्वारा किसी भी दस्तावेजो को हाथ नहीं लगाया गया. गेट पर तापमान जांचने के बाद आवंटित कमरे के बाहर तापमान जांचा गया. वहीं परीक्षा देने वाले सभी छात्रों के मुंह पर मास्क, हाथों में ग्लब्स, और हाथ में सेनेटाइजर नजर आया. छात्रों के साथ आये अभिभावकों का कहना था कि 3 घंटे पहले बुला कर बच्चों को दहशत में लाया गया और परीक्षा केंद्र के बाहर किसी भी तरह के खड़े होने की ओर पानी की व्यवस्था नहीं की गई.

परीक्षा केंद्रों से निकलते छात्रों के चहरे पर खुशी : 
धूप में खड़े होने की वजह से बच्चे का तापमान बढ़ जाता है और उसे कहीं दिक्कत न हो जाये. वहीं कुछ अभिभावकों ने व्यवस्थाओं की तारीफ भी की साथ ही परीक्षा देने आए छात्रों ने बताया कि आज ये परीक्षा आयोजित हो रही है इससे उन्हे काफी खुशी है क्योंकि यह परीक्षा पहले ही लेट आयोजित हुई है. जिससे हम असमंजस की स्थिति में आ गए थे और तय नहीं कर पा रहे थे कि क्या करे पर अब यह परीक्षा आयोजित हुई है तो हम काफी खुश है वहीं 3 घण्टे की परीक्षा पूर्ण होने के बाद परीक्षा केंद्रों से निकलते छात्रों के चहरे पर मुस्कान भी देखने को मिली कर सभी ने पेपर को सरल बताया और जल्द परिणाम जारी करने की उम्मीद जताई.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शुभम जैन की रिपोर्ट