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अधिवक्ता श्रवणसिंह के नाम अनोखा विश्व रिकाॅर्ड, 43 बार जीतकर बने बार कार्यकारिणी सदस्य

अधिवक्ता श्रवणसिंह के नाम अनोखा विश्व रिकाॅर्ड, 43 बार जीतकर बने बार कार्यकारिणी सदस्य

जयपुर: देश की सबसे बड़ी और पुरानी बार एसोसिएशन में शामिल जयपुर बार के चुनाव परिणाम ने एक अनोखा विश्व रिकॉर्ड भी बना दिया है. दी बार एसोसिएशन जयपुर के एडवोकेट श्रवणसिंह देश की किसी भी बार एसोसिएशन में सर्वाधिक बार चुने जाने वाले सदस्य हैं. 1932 में स्थापना के बाद से अब तक जयपुर बार एसोसिएशन में 55 बार चुनाव हो चुके हैं. 

कार्यकारिणी के 12 सदस्यों में प्रथम सदस्य:
वर्ष 1932 में स्थापित जयपुर बार एसोसिएशन में अब तक 55 अध्यक्ष निर्वाचित हो चुके हैं. वहीं इस बार हुए चुनावों में अनिल चौधरी अध्यक्ष और महासचिव पद पर जीत दर्ज की है. इसके साथ ही कार्यकारिणी के 12 सदस्यों में प्रथम सदस्य के रूप में फिर से एडवोकेट श्रवणसिंह निर्वाचित हुए है. 1977 में पहली बार जयपुर बार कार्यकारिणी सदस्य के लिए चुनाव लड़ने वाले श्रवणसिंह को अब तक एक बार भी हार का मुंह नही देखना पड़ा है. 43वीं बार सदस्य चुने गये श्रवणसिंह 2003 से ही वल्र्ड रिकॉर्ड में अपना नाम शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं. 

विश्व रिकार्ड के लिए प्रयास:
एडवोकेट श्रवणसिंह के साथ ही जयपुर बार के निर्वतमान अध्यक्ष राजेश कर्नल भी इस दावे की पुष्टि करते है कि देशभर में किसी भी बार के सदस्य के रूप में सर्वाधिक बार चुने जाने का रिकॉर्ड श्रवणसिंह के नाम है, लेकिन इस प्रकार की कोई कैटेगरी नहीं होने के चलते उनका नाम अब तक विश्व रिकार्ड में दर्ज नहीं हो पाया है, लेकिन फिर वे आने वाले वक्त में वे प्रयास करते रहेंगे. 

बहरहाल 43वीं बार जयपुर बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी सदस्य चुने जाने के बाद से एडवोकेट श्रवणसिंह को लगातार बधाईया मिल रही है. अपने व्यवहार से सभी के चहेते श्रवणसिंह के लिए लिम्का बुक रिकॉर्ड में नई कैटेगरी बनाये जाने की उम्मीद रहेगी. 

... संवाददाता निजाम कण्टालिया की रिपोर्ट 

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जयपुर: जिस पावर सेंटर सचिवालय में लॉक डाउन के तमाम दिशानिर्देश ड्राफ्ट किये जाते हैं उसी में इसकी पालना नहीं की जा रही है. सचिवालय में कई दिनों से वरिष्ठ आईएएस अधिकारी इस लॉकडाउन की धज्जियां उडा रहे हैं. वे जयपुर की ऐसी जगहों से  कर्मचारियों और अधिकारियों को बुला रहे हैं जो अभी कोरोना की दृष्टि से हॉटस्पॉट बने हुए हैं.

ऐसी जगहों से कर्मियों को काम पर न बुलाया जाए:
मामला कार्मिक ​विभाग की प्रमुख सचिव रोली सिंह के सामने आया तो उन्होंने इसे गंभीर माना और गुरुवार को लॉकडाउन की पालना करने संबधी मोबाइल मैसेज अधिकारियों और सुरक्षा अधिकारियों को भेजकर यह सुनिश्चित करने को कहा कि ऐसी जगहों से कर्मियों को काम पर न बुलाया जाए क्योंकि इससे संक्रमण फैलने की आशंका है.कार्मिक विभाग की प्रमुख सचिव रोली सिंह की ओर से भेजे गए मोबाइल संदेश में कहा गया है कि सचिवालय में लॉकडाउन के दौरान अतिआवश्यक सेवाओं से जुडे 700 से 800 कर्मचारी और अधिकारी आ रहे हैं. 

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बहुत ही जरूरी होने पर सचिवालय बुलाया जाए:
लेकिन गंभीर बात है कि सचिवालय में तैनात वरिष्ठ अधिकारी लॉकडाउन का उललंघन करते हुए कोरोना वायरस के फैलाव के बाद हाई रिस्क जोन माने गए रामगंज और सुभाष चौक में रहने वाले कार्मिकों को सचिवालय में बुला रहे हैं. वहीं सचिवालय के अन्य विभागों में ऐसा ही हो रहा है. कार्मिक विभाग की प्रमुख सचिव रोली सिंह ने अधिकारियों को मैसेज भेज कर कहा है कि रामगंज और सुभाष चौक में रह रहे कार्मिकों को घर पर ही रहने के लिए कहा जाए और बहुत ही जरूरी होने पर सचिवालय बुलाया जाए.

अब 10वीं और 12वीं को छोड़कर शेष स्कूली छात्र हो सकेंगे क्रमोन्नत, लॉक डाउन जारी रहने तक नहीं ले सकेंगे निजी स्कूल अग्रिम फीस

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जयपुर: अब 10वीं और 12वीं को छोड़कर शेष स्कूली छात्र क्रमोन्नत हो सकेंगे तो दूसरी तरफ लॉक डाउन जारी रहने तक निजी स्कूल अग्रिम फीस नहीं ले सकेंगे. जी हां यही फैसला लिया गुरुवार को मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के हित में और इस तरह से संवेदनशील मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश भर में संबेदनशीलता का एक और मैसेज दिया है. CM गहलोत ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के जारी रहने तक प्रदेश के सभी स्कूल संचालकों को विद्यार्थियों से तीन माह की अग्रिम फीस नहीं लेने के निर्देश दिए हैं.

अगली कक्षा में क्रमोन्नत किया जाएं:
सीएम ने साफ कहा है कि फीस के अभाव में किसी भी छात्र का नाम नहीं काटा जाए.  10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं वाले विद्यार्थियों को छोड़कर अन्य सभी स्कूली विद्यार्थियों को अगली कक्षा में क्रमोन्नत किया जाए. गहलोत ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लॉकडाउन के दौरान स्कूलों, कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक सत्र की स्थिति और आगामी सत्र की तैयारियों की समीक्षा की. सीएम गहलोत ने निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में यथासम्भव ऑनलाइन लेक्चर व ई-लर्निंग की व्यवस्था की जाए. ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में निरन्तरता बनी रहे और वे घर पर रहकर भी समय का सदुपयोग कर सकें.

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स्कूलों में नहीं होगा 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश:
प्रदेश के सभी उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा से जुडे़ संस्थानों में 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश घोषित किया जा सकता है. लेकिन स्कूलों में 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश नहीं होगा. साथ ही, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध संस्थानों मेें लॉकडाउन हटने के बाद आठवें सेमेस्टर की परीक्षाएं प्राथमिकता से करवाने का भी निर्णय लिया गया. उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय परीक्षाओं के शेड्यूल के निर्धारण के लिए एक 5 सदस्यीय समिति बनाई है. जो लॉकडाउन हटने के बाद परीक्षाओं और आगामी शैक्षणिक सत्र के संचालन के बारे में सुझाव देगी. समिति में राजस्थान विश्वविद्यालय, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय और मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति तथा आयुक्त कॉलेज शिक्षा और संयुक्त शासन सचिव उच्च शिक्षा शामिल हैं.

सभी कक्षाओं की किताबें ऑनलाइन उपलब्ध:
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सभी कक्षाओं की किताबें ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी गई हैं. अब विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कन्टेन्ट तैयार करने का कार्य किया जा रहा है ताकि घर पर रहकर भी बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें. दूसरी तरफ तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने बताया कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों में मिड सेमेस्टर परीक्षाएं ऑनलाइन पूरी कराई जा चुकी हैं. विद्यार्थियों को ई-कन्टेन्ट उपलब्ध करवाने के लिए एक यू-ट्यूब चैनल तैयार किया गया है, जिस पर 600 से अधिक लेक्चर अपलोड किए गए हैं. अध्यापकों को अधिक से अधिक ई-कन्टेन्ट तैयार करने के लिए निर्देश दिए गए हैं. Vc में मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, शासन सचिव उच्च शिक्षा शुचि शर्मा, शासन सचिव स्कूल शिक्षा मंजू राजपाल और आयुक्त कॉलेज शिक्षा प्रदीप बोरड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. आगामी दिनों में ऐसे माहौल में सरकार की कोशिश रहेगी कि e लर्निंग जैसे प्रयोगों में और आये. उम्मीद है कि महामारी संकट के दौर मे cm गहलोत कुछ अन्य नवाचारों से शिक्षा को संकट में नही आने देंगे साथ ही सबसे बड़े इस महकमे का भी संकट में पूरा सहयोग लेंगे.

सीएम गहलोत की प्रदेशवासियों से अपील, कहा-लोगों की जीवन की रक्षा के लिए जुटे स्वास्थ्यकर्मियों का करें पूरा सहयोग

...फर्स्ट इंडिया के लिए नरेश शर्मा के साथ ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

सीएम गहलोत की प्रदेशवासियों से अपील, कहा-लोगों की जीवन की रक्षा के लिए जुटे स्वास्थ्यकर्मियों का करें पूरा सहयोग

सीएम गहलोत की प्रदेशवासियों से अपील, कहा-लोगों की जीवन की रक्षा के लिए जुटे स्वास्थ्यकर्मियों का करें पूरा सहयोग

जयपुर: प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों से अपील है कि वे लोगों की जीवन की रक्षा के लिए जुटे स्वास्थ्यकर्मियों का पूरा सहयोग करें. ये स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर आपकी सुरक्षा के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. ऐसे में प्रदेश को कोरोना से बचाने के लिए सबकी जिम्मेदारी है कि हम बिना किसी डर और संकोच के स्क्रीनिंग एवं जांच सहित अन्य कार्यों में स्वास्थ्यकर्मियों का आगे बढ़कर सहयोग करें. यह आपके अपने हित में है.

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सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई:
सीएम गहलोत ने निर्देश दिए है कि ड्रोन कैमरों का उपयोग कर मॉनिटरिंग को अधिक प्रभावी बनाएं, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा सके. कोरोना संक्रमण के हॉट स्पॉट्स में प्रभावी ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए कैमरे लगाकर निगरानी की जाए. इससे लोगों की आवाजाही पर पूरी नजर रखी जा सकेगी. चारदीवारी में यह प्रयोग सफल होने पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस तरह की व्यवस्था की जा सकती है.

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3 माह की अग्रिम फीस नहीं लेने के निर्देश:
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के जारी रहने तक प्रदेश के सभी स्कूल संचालकों को विद्यार्थियों से 3 माह की अग्रिम फीस नहीं लेने के निर्देश दिए हैं. फीस के अभाव में किसी भी छात्र का नाम नहीं काटा जाए. कॉन्फ्रेंस में निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा से जुडे़ संस्थानों में 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश घोषित किया जा सकता है, लेकिन स्कूलों में 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश नहीं होगा. साथ ही, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध संस्थानों में लॉकडाउन हटने के बाद आठवें सेमेस्टर की परीक्षाएं प्राथमिकता से करवाने का भी निर्णय लिया गया.

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जयपुर: प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है, गुरुवार को एक ही दिन में राजस्थान में 80 मामले सामने आये है. जिनमें अकेले ही जयपुर में 39 केस पॉजिटिव मिले है. वहीं बांसवाडा में 2 मामले सामने आये है. भीलवाडा में एक, जैसलेमर में 5, झुंझुनूं में 7, जोधपुर में 3, टोंक में 7, कोटा में 2, झालावाड में 7 और बाडमेर में एक संक्रमित केस सामने आया है. इसके अलावा ईरानी से आये हुए 6 यात्री भी पॉजिटिव मिले है. प्रदेश कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 463 पहुंच गई है. जबकि कोरोना वायरस की वजह से अब तक 7 लोग अपनी जान गंवा चुके है. वहीं इस वायरस से अब तक कई लोग ठीक भी हो चुके है.

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जयपुर में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मामले :
प्रदेश की राजधानी जयपुर में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आ रहे है. जयपुर कोरोना एपिक सेंटर बनकर सामने आ रहा है. अकेले जयपुर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 168 पहुंच चुकी है. बढते कोरोना के प्रकोप की वजह से जयपुर के परकोटे में कर्फ्यू लगा दिया गया है. वहीं अब कर्फ्यू की सख्ती से पालना करवाई जा रही है. ना परकोटे से कोई बाहर जाएगा, ना ही यहां पर आएगा. जयपुर शहर के परकोटे में चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात है.

Coronavirus Updates: जोधपुर में डॉक्टर को हुआ कोरोना, जिले में अब तक 34 व्यक्ति संक्रमित मिले, एक की मौत

जानिए, प्रदेश में कहां कितने कोरोना पॉजिटिव:
अजमेर में 5, अलवर में 5, बांसवाडा में 12, भरतपुर में 8, भीलवाडा में 28, बीकानेर में 20, चूरू में 11, दौसा में 6, धौलपुर में एक, डूंगरपुर में कोरोना के अब तक 5 मामले सामने आये है. जैसलमेर में 19, झुंझुनूं में 31, जोधपुर में 34, करौली-पाली में 2-2, सीकर में एक, टोंक में 27, उदयपुर में 4, प्रतापगढ में 2 मामले कोरोना संक्रमण के सामने आये है. नागौर में एक, कोटा में 17, झालावाड में 9 और बाडमेर​ जिले में एक पॉजिटिव केस सामने आया है. इसके अलावा इटली के 2 और ईरान से आये हुए 42 यात्री कोरोना पॉजिटिव मिले है. 

Rajasthan Corona Update: प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव सातवें मरीज की मौत, पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 430 पहुंचा

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जयपुर: राजस्थान में आज कोरोना पॉजिटिव सातवें मरीज की मौत हो गई है. जोधपुर में 76 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव मरीज ने दम तोड़ा है. वहीं प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 430 पहुंच गया है. आज दोपहर दो बजे तक कुल 47 पॉजिटिव के सामने आए हैं. जिनमें जोधपुर जिले में कुल 3 पॉजिटिव मरीज मिले हैं. इनमें एक चिकित्सक कोरोना पॉजिटिव मिला है. नागौरी गेट क्षेत्र में 34 वर्षीय डॉक्टर हाउस टू हाउस सर्वे में शामिल था. 

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आज जयपुर में 11 पॉजिटिव केस सामने आए: 
वहीं आज जयपुर में 11 पॉजिटिव केस सामने आए हैं इनमें 8 केस अकेले रामगंज इलाके में चिन्हित किए गए हैं. इसके अलावा एक नाहरी का नाका शास्त्री नगर से, एक घाटगेट से और एक केस अमृतपुरी क्षेत्र से सामने आया है. वहीं एक केस मुंबई से और 4 ईरान से लौटे यात्री जैसलमेर में पॉजिटिव पाए गए हैं. इसके साथ ही खोह नागोरियान इलाके के रहीम नगर के आस-पास कर्फ्यू लगाया गया है. रहीम नगर में 1 व्यक्ति के पॉजिटिव पाए जाने पर यह निर्णय लिया गया है. DCP ईस्ट राहुल जैन ने कर्फ्यू के आदेश जारी कर दिए है. आदेशों के उल्लंघन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी. क्षेत्र की सीमा में आने-जाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी होगी. इलाके में पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया है. 

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बुधवार को राजस्थान में एक ही दिन में 40 पॉजिटिव:
इससे पहले बुधवार को राजस्थान में एक ही दिन में 40 पॉजिटिव केस सामने आये है. अकेले जयपुर में 23 केस जांच में पॉजिटिव मिले. इसके अलावा बीकानेर में 6 और जोधपुर में एक नया पॉजिटिव सामने आया है. बुधवार के दिन 40 संक्रमित लोग मिले है. वहीं मंगलवार को 42 नए पॉजिटिव मरीज सामने आये थे. इनमें से 9 जोधपुर के हैं, जिसमें 6 संक्रमित लोग व्यक्ति के परिवार के हैं. इनके अलावा, 13 मामले जैसलमेर में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं. वहीं, बांसवाड़ा में 7, जयपुर में 6, भरतपुर और बीकानेर में तीन-तीन, और चूरू में एक मामला कोरोना का आया है. राजस्थान में अब तक कोरोना की चपेट में आने से 6 लोग जान गंवा चुके है.

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जयपुर: उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन ने संविदा पर की जा रही भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आने वाले अभ्यर्थियों की संभावित भीड़ को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है. रेलवे ने सोशल डिस्टेंसिंग के ब्रेक होने के खतरे के डर से बुधवार को संविदा भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है. 

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3 माह की अवधि के लिए दी जानी थी नियुक्ति:
दरअसल कोरोना के फैलते प्रकोप के बीच चिकित्साकर्मियों की कमी को देखते हुए उत्तर-पश्चिम रेलवे ने एक नया तरीका अपनाया था. रेलवे अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए शॉर्ट टर्म सर्विस को मंजूरी दी थी. जिसके तहत 3 माह की अवधि के लिए लोगों को संविदा पर रेलवे अस्पतालों में नियुक्त किया जाना था. ये भर्तियां जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर मंडल और केंद्रीय अस्पतालों में अलग-अलग पदों पर निकाली गई थी. जयपुर स्थित केंद्रीय अस्पताल में 168 पदों पर संविदा पर नियुक्ति की जानी थी. इसी प्रकार बांदीकुई और रेवाडी के अस्पतालों में भी 16 पदों पर संविदा नियुक्ति होनी थी. इस भर्ती प्रक्रिया में मेडिकल या पैरामेडिकल की योग्यता वाले कोई भी इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन कर सकते थे.

चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं थी:
रेलवे ने अपने सेवानिवृत मेडिकल स्टाफ को वरीयता देने की बात कही थी. रेलवे द्वारा की जा रही यह संविदा भर्ती इसलिए भी अलग थी, क्योंकि इसमें चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं थी. साथ ही आवेदन भी वॉट्सएप पर किया जा सकता था. जानकारों की मानें तो यह सरकारी क्षेत्र की ऐसी पहली भर्ती प्रक्रिया थी, जिसमें वॉट्सएप के जरिए भी आवेदन मांगे गए थे. इस भर्ती में शामिल होने के लिए रेलवे के पास करीब 1100 से अधिक आवेदन आए थे. लेकिन रेलवे ने अब इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे अब इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से कराए जाने पर योजना बना रहा है. 

इन पदों पर होनी थी भर्ती:
- केंद्रीय अस्पताल जयपुर में 168 पदों पर होनी थी भर्ती
- 48 स्टाफ नर्स, 60 हॉस्पिटल अटेंडेंट, 3 एक्स-रे टेक्निशियन, 8 लैब टेक्निशियन
- 2 ईसीजी टेक्निशियन, 45 हाउस कीपिंग असिस्टेंट और 2 फार्मासिस्ट के पद विज्ञापित किए गए
- बांदीकुई और रेवाडी रेलवे अस्पताल में 5-5 स्टाफ नर्स और 3-3 हाउस कीपिंग असिस्टेंट नियुक्त किए जाने थे
- सभी पदों पर वेतनमान 7वें पे कमीशन के आधार पर तय किया गया था
- बुधवार तक मांगे थे आवेदन, गुरुवार और शुक्रवार को होने थे इंटरव्यू
- लेकिन अब रेलवे प्रशासन ने रद्द की भर्ती प्रक्रिया

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हालांकि रेलवे प्रशासन ने जयपुर केंद्रीय अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में संविदा पर की जा रही चिकित्सकों की भर्ती को यथावत रखा है. यानि इन पदों पर रेलवे भर्ती प्रक्रिया को जारी रखेगा. रेलवे की दलील है कि डॉक्टर्स के लिए आवेदन कम आए हैं. ऐसे में इंटरव्यू की प्रक्रिया में सोशल डिस्टेंसिंग की पूरी पालना की जा सकेगी. 

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

कोरोना संकट में राज्य सरकार ने पाक विस्थापितों की भी ली सुध, सीएम गहलोत ने दिए निर्देश

कोरोना संकट में राज्य सरकार ने पाक विस्थापितों की भी ली सुध, सीएम गहलोत ने दिए निर्देश

जयपुर: कोरोना संकट में राज्य सरकार ने पाक विस्थापितों की भी सुध ली है. सीएम गहलोत ने सभी कलेक्टर्स से रिपोर्ट मंगाकर निर्देश दिए हैं कि पाक विस्थापित परिवारों को राशन सामग्री समय पर उपलब्ध कराया जाए. प्रदेश के विभिन्न जिलों में करीब 6 हजार पाक विस्थापित परिवार रह रहे हैं, उनमें से कई जरूरतमंद परिवारों को लॉकडाउन के चलते राशन सामग्री की आवश्यकता है. 

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मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित जिलों के कलेक्टर्स से रिपोर्ट भी मांगी: 
दरअसल सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष हिन्दू सिंह सोढ़ा ने मुख्यमंत्री गहलोत को पत्र लिखकर पाक विस्थापितों का मामला उठाया था. इसके बाद सीएम गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाक विस्थापित परिवारों को राशन सामग्री समय पर दिलाना सुनिश्चित किया जाए. मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित जिलों के कलेक्टर्स से रिपोर्ट भी मांगी है. कलेक्टर्स द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार जयपुर जिले के जामड़ोली, गोविन्दपुरा एवं मांग्यावास में रह रहे 500 पाक विस्थापित परिवारों से जिला प्रशासन संपर्क में है एवं इन परिवारों को राशन सामग्री वितरित की जा रही है. जोधपुर जिले में 618 पाक विस्थापित परिवारों एवं जरूरतमंदों को राशन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है. साथ ही अतिरिक्त जिला कलेक्टर (द्वितीय) महिपाल कुमार को सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष सोढ़ा के सम्पर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं.

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पाक विस्थापित परिवारों को राशन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही:
बाड़मेर जिले की शिव और चैहटन पंचायत समिति में करीब 200 पाक विस्थापित परिवारों, पाली जिले में रह रहे 92 परिवारों, बीकानेर जिले की पूगल एवं बज्जू तहसील में रह रहे 93 परिवारों को मांग के अनुसार राशन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है. इन जिलों के साथ ही जैसलमेर, जालौर एवं सिरोही जिलों में रह रहे पाक विस्थापित परिवारों को राशन सामग्री के साथ ही वित्तीय सहायता के लिए पात्र परिवारों को अनुग्रह राशि भी वितरित की जा रही है. गहलोत ने निर्देश दिए कि ऐसे जरूरतमंद पाक विस्थापित परिवार जो किसी भी सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में नहीं आ रहे हैं, उन्हें राशन सामग्री के किट पहुंचाए जाएं. 

कोरोना से जंग में आगे आई प्रदेश की न्यायपालिका, राजस्थान हाईकोर्ट के सभी 26 जजों ने सीएम फंड में दिए 14.75 लाख की मदद

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जयपुर: देश प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढते जा रहे हैं. वहीं पूरा देश इस महामारी से लड़ने में अपनी एकजूटता दिखा रहा है. हर आम और खास अपने तरीके से मदद करने में जुटा है. प्रदेश की न्यायपालिका भी लगातार कोरोना को लेकर पहल करती नजर आ रही है. वही अब मुख्य न्यायाधीश के साथ ही सभी हाईकोर्ट जज भी मदद को आगे आए है. राजस्थान हाईकोर्ट के सभी 26 जजों ने सीएम फंड में दिए 14.75 लाख की मदद की है.

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26 जजों ने मुख्यमंत्री सहायता कोष में 50—50 हजार की आर्थिक मदद की:
राजस्थान हाईकोर्ट के सभी 26 जजों ने मुख्यमंत्री सहायता कोष में 50—50 हजार की आर्थिक मदद की है. वहीं जस्टिस पंकज भण्डारी ने अपने एक माह का वेतन 2 लाख 25 हजार रूपये मुख्यमंत्री सहायता कोष में दिये है. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की पहल पर सभी जजो की ओर से 14 लाख 75 हजार की आर्थिक सहायता का चैक मुख्यमंत्री को भिजवाये गये है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी जजो की इस पहल का स्वागत करते हुए आभार जताया है. मुख्यमंत्री गहलोत ने एक पत्र लिखकर मुख्य न्यायाधीश के साथ ही सभी जजो को सहायता के लिए आभार जताया है. गौरतलब है कि इससे पूर्व सोमवार को ही मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति ने एक प्रेस रिलीज जारी कर केन्द्र और राज्य सरकार के कार्यो की तारीफ की है. उन्होने आम जनता से इस जंग में साथ देने की अपील की है. राजस्थान हाईकोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट के 33 जजो ने भी प्रधानमंत्री राहत कोष में 50—50 हजार की सहायता की है. वही जस्टिस एन वी रमन्ना ने 3 लाख, पूर्व जस्टिस दीपक वर्मा ने 51 लाख की मदद पीएम फंड में की है. 

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अब प्रदेश के 1300 जज देंगे मुख्यमंत्री सहायता कोष 5—5 दिन का वेतन:
मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की पहल पर हाईकोर्ट जजो के बाद अब प्रदेश की अधिनस्थ न्यायपालिका में भी आगे आयी है. प्रदेश में अधिनस्थ अदालतों में कुल 1300 जज कार्यरत है. जिनमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश कैडर से मुंशीफ तक शामिल है. इन सभी जजो ने कोरोना की जंग में आगे आकर मुख्यमंत्री सहायता कोष में 5—5 दिन का वेतन देने की घोषणा की है. जिसके बाद अब हाईकोर्ट प्रशासन ने भी एक प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए 5—5 दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में देने का ऐलान किया है. ये राशि करीब 65 से 70 लाख तक की हो सकती है. 

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