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VIDEO: अफ्रीकी चीते बनेंगे राजस्थान की शान! दक्षिण अ​फ्रीका और नामीबिया से चीते लाने की तैयारी, केन्द्र सरकार की अनुमति मिलने का इंतजार

जयपुर: प्रदेश के जंगलात में चीते छलांग भरेंगे ऐसी उम्मीद जगी है. सभी के जेहन में एक ही सवाल है.क्या 70 साल बाद अब चीता बन सकता है राजस्थान की शान? वन विभाग के स्तर पर अफ्रीका से चीता लाने की योजना पर काफी काम हो चुका है. जल्द ही केंद्र की अनुमति मिलने के बाद एअरलिफ्ट कर चीता राजस्थान में लाया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब भारत में अफ्रीकी चीता बसाने की  तैयारियों नें ज़ोर पकड़ लिया है. 1948 के आसपास चीता खत्म हो गए थे जिसका मुख्य कारण शिकार एवं हैबिटैट लॉस था. अब अफ्रीकी चीता को भारत में बसाने की हरी झंडी मिल चुकी है जिसमें राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं गुजरात के कुछ हिस्से सम्मलित हो सकते हैं वहीं नामीबिया व साउथ अफ्रीका से चीता को एयर लिफ्ट करके लाने की योजना है.

चीता सबसे तेज़ दौड़ने वाले वन्य प्राणियों में से एक:
आपको बता दें कि चीता सबसे तेज़ दौड़ने वाले वन्य प्राणियों में से एक है, यहां चीता के नेचुरल प्रे बेस में केवल काला हिरण और चिंकारा है, इसके साथ ही चीता कुछ छोटे जानवरों का भी शिकार करता है. राजस्थान में शाहगढ़ सहित कई अन्य जगहों पर भी चीता बसाने की चर्चा है. चीता को यदि भारत में बसाना है तो चिंकारा, काला हरिण से भरपूर लंबे ग्रासलैंड चाहिए होते हैं. जानकारी यहाँ तक है कि कुछ भारतीय रिसर्चर अफ्रीकी देशों में जाकर कुछ चीतों को चिन्हित भी कर चुके हैं, एवं कागज़ी कार्रवाई होते ही इन्हें एयर लिफ्ट कर लाना है बस.  भारत में फ़िलहाल बड़ी बिल्लियों में बाघ, एशियाटिक लायन, तेंदुआ मौजूद हैं.

चीता यहां से 70 साल पहले हो चुका है विलुप्त:
चीता यहां से 70 साल पहले विलुप्त हो चुका है, लेकिन चीता नाम वास्तव में भारतीय नाम ही है, चीता का शाब्दिक अर्थ है चित्ती यानी अंग्रेजी भाषा में स्पॉट, उन काले धब्बों को के कारण ही इस प्रजाति नाम चीता पड़ा और कोलोनियल पीरियड में यह नाम सब जगह फैल गया. हालांकि राजस्थान में तेंदुए को आज भी चीते के नाम से पुकारा जाता है, हालांकि तेंदुए और चीते में काफी फर्क है. भारत में पाया जाने वाला चीता एशियाटिक चीता था,  अफ्रीकी चीते को लाने से पहले ईरान से बात की गई जहां एशियाटिक चीते की प्रजाति अभी तक बची हुई है.

भारत में मिलने वाली तीन में से दो प्रजातियां बाघ और तेंदुए:
लेकिन ईरान के मना करने के बाद अफ्रीकी चीते को भारत में लाने के प्रयास शुरू किए गए मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया, लेकिन अब न्यायालय की हरी झंडी के बाद भारत में चीता लाने की प्रक्रिया लगभग शुरू हो चुकी है. बड़ी बिल्लियों में राजस्थान में फ़िलहाल भारत में मिलने वाली तीन में से दो प्रजातियां बाघ और तेंदुए हैं. यदि यहां चीते को लाया जाता है तो राजस्थान में 70 साल के बाद ये राजस्थान की शान बन सकता है. राजस्थान के अलावा, मध्यप्रदेश के पालपुर कूनो, और नौरादेही सहित गुजरात में भी चीते को बसाने के कुछ स्थान उपयुक्त माने गए हैं. अब देखना ये होगा कि राजस्थान के अधिकारी इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर कैसे उतार पाते हैं.

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खेतों में ही नहीं बल्कि किसान आंदोलन में भी पुरुषों के साथ खड़े होकर उनका साथ दे रही हैं हजारों महिलाएं

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सोनीपत (हरियाणा): नये कृषि कानूनों को लेकर केंद्र के विरूद्ध आंदोलन में हजारों किसानों को साथ देने के लिए पंजाब के विभिन्न हिस्सों से महिलाएं अपने बच्चों के साथ दिल्ली की सीमाओं पर पहुंची हैं और वे खुले में सर्दी के बावजूद उनके साथ डटी हुई हैं.

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भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के नेता शिंगारा सिंह ने मंगलवार को बताया कि वृद्धाओं समेत करीब 15000 महिलाएं केंद्र के कृषि कानून के खिलाफ किसानों के आंदोलन में शामिल हुई हैं. भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) की नेता हरिंदर कौर बिंदू ने फोन पर कहा कि महिलाएं कृषि कानूनों के खिलाफ वर्तमान आंदोलन में बहुत सहयोग कर रही हैं. बड़ी संख्या में महिलाएं पश्चिम दिल्ली में हरियाणा में टिकरी बोर्डर पर रूकी हुई हैं. उनका कहना है कि अपने घरों से दूर वे ‘काले कानूनों’ को वापस कराने के लक्ष्य को पूरा कराने के लिए डटी हुई हैं.

बठिंडा से आयी 40 वर्षीय परमजीत कौर ने कहा कि हमें ठंड की परवाह नहीं है. हम अपने सहयोगी प्रदर्शनकारियों से कहते हैं कि यह लंबी लड़ाई होने जा रही हैं और उन्हें डटे रहना चाहिए. महिलाएं इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है और मंच से कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज भी उठाती हैं.

बिंदू ने कहा कि कई महिलाएं अच्छा वक्ता हैं और वे केंद्र द्वारा हाल ही में पारित कये गये कानूनों पर अपनी राय भी रखती हैं. उन्होंने कहा कि वे इन कानूनों का कृषक समुदाय पर संभावित बुरे प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाती हैं. प्रदर्शन स्थल पर महिलाएं दैनिक कार्य जैसे खाना बनाने और कपड़े धोने का काम भी कर रही हैं. वे टैक्टर ट्रॉयियों पर ही सोती हैं जिन्हें अस्थायी आश्रय में तब्दील कर दिया गया है.
बिंदु ने कहा कि कुछ महिलाएं अपने साथ बच्चों को भी लायी हैं. बच्चे अपनी पाठ्यपुस्तक लेकर आये हैं ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो.
सोर्स भाषा
 

AusvInd: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच में अपनी प्रतिष्ठा बचाने उतरेगी भारतीय टीम

AusvInd: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच में अपनी प्रतिष्ठा बचाने उतरेगी भारतीय टीम

कैनबराः पहले दो मैचों में एकतरफा हार के बाद भारतीय टीम का बुधवार को यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव करना लगभग तय है जिससे कि लगातार दूसरी श्रृंखला में क्लीन स्वीप से बचा जा सके.ऑस्ट्रेलिया अगर 3-0 से जीत दर्ज करने में सफल रहता है तो लगातार दूसरी श्रृंखला में भारत का सूपड़ा साफ होगा क्योंकि इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड ने भी उसे इसी अंतर से हराया था.

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श्रेयस अय्यर ने कहा- हम अगले मैच में जीत दर्ज करने के लिए प्रतिबद्ध और प्रयास करेंगे कि क्लीन स्वीप नहीं होः
भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर से जब यह पूछा गया कि उनकी टीम ऑस्ट्रेलिया को 20 साल में पहली बार क्लीन स्वीप से रोकने के लिए क्या कर सकती है तो उन्होंने कहा कि हम अगले मैच में जीत दर्ज करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और प्रयास करेंगे कि क्लीन स्वीप नहीं हो. उन्होंने कहा कि हमारे गेंदबाज अपने तैयारी को लेकर बेहद सकारात्मक हैं और हम ट्रेनिंग में इसे देख सकते हैं, कुछ गेंदबाज निश्चित योजनाओं के साथ तैयारी कर रहे हैं. पहले दो मैचों में ढेरों रन बने जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने दबदबा बनाते हुए विराट कोहली की टीम के खिलाफ आसान जीत दर्ज की और टीम इंडिया अगर मनुका ओवल में जीत दर्ज करती है तो टी20 श्रृंखला से पहले उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा. कप्तान कोहली पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि ऑस्ट्रेलिया ने पहले दो मैचों में उन्हें ‘पूरी तरह से पछाड़’ दिया और उम्मीद है कि जीत की तलाश में भारत कुछ बदलाव करेगा. 

पहली बार ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आए तेज गेंदबाज नवदीप सैनी की गेंदबाजी रही नाकामः
पहली बार ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर आए भारत के सबसे तेज गेंदबाज नवदीप सैनी अब तक सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करने में नाकाम रहे हैं और मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ आसानी से रन जुटाए हैं. सैनी के सात ओवर में 70 रन लुटाने के बाद कोहली को हार्दिक पांड्या और मयंक अग्रवाल जैसे गेंदबाजों से उनका स्पैल पूरा कराना पड़ा. पांड्या गेंदबाजी करने के लिए पूरी तरह से फिट नहीं हैं जबकि अग्रवाल आम तौर पर गेंदबाजी नहीं करते.

अंतिम वनडे में शार्दुल ठाकुर या टी नटराजन को मिल सकता है मौकाः
तीसरे और अंतिम वनडे में अगर शार्दुल ठाकुर या बायें हाथ के तेज गेंदबाज टी नटराजन को मौका मिलता है तो हैरानी नहीं होगी. शार्दुल को 27 अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव है जबकि नटराजन को यॉर्कर फेंकने में महारत हासिल है. कोहली अगर टेस्ट श्रृंखला से पहले जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी दोनों को आराम देने का फैसला करते हैं तो शार्दुल और नटराजन दोनों को खेलने का मौका मिल सकता है.
मौजूदा श्रृंखला में भारतीय गेंदबाज बिलकुल भी लय में नजर नहीं आ रहे हैं और उनके खिलाफ पहले दो मैचों में 69 चौके और 19 छक्के लगे हैं.

भारतीय गेंदबाजों के लिए सिरदर्द बने स्टीव स्मिथः
कोहली ने कहा कि टी20 प्रारूप से एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में ढलने को बहाना नहीं बनाया जा सकता क्योंकि पिछले काफी समय से टीम के मुख्य खिलाड़ी समान हैं. गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ बने हुए हैं जिन्होंने लगातार दो मैचों में 62 गेंद में शतक जड़े. इंडियन प्रीमियर लीग में नाकाम रहे ग्लेन मैक्सवेल ने भी अपनी तूफानी बल्लेबाजी से अंतर पैदा किया है जिससे ऑस्ट्रेलिया की टीम अंतिम ओवरों में ताबड़तोड़ रन बटोरने में सफल रही है. भारत की 66 और 51 रन की हार को देखते हुए उनकी पारियां अहम हो जाती हैं. भारतीय कप्तान को मैच के दौरान अपने गेंदबाजों के रोटेशन के कारण भी आलोचना का सामना करना पड़ा है. गौतम गंभीर और आशीष नेहरा जैसे पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने मुख्य गेंदबाज बुमराह को पहले स्पैल में सिर्फ दो ओवर देने के लिए उनकी आलोचना की थी.

 भारतीय स्पिनर भी अब तक रहे विफलः 
तेज गेंदबाज अगर नाकाम रहे हैं तो स्पिनरों की विफलता ने भारत की मुसीबत को और बढ़ा दिया है. युजवेंद्र चहल पहले दो मैचों में सबसे महंगे गेंदबाज रहे. उन्होंने 19 ओवर में 160 रन लुटाए और सिर्फ एक विकेट हासिल कर सके. रविंद्र जडेजा ने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया लेकिन गेंद को घुमाने को अधिक तरजीह नहीं देने के कारण एक भी विकेट हासिल नहीं कर पाए. बल्लेबाजी की बात करें तो कोहली और लोकेश राहुल दूसरे मैच में अच्छी लय में दिखे लेकिन राहुल दूसरे पावर प्ले के दौरान स्ट्राइक रोटेट करने में नाकाम रहे जो चिंता का सबब है. भारतीय बल्लेबाज हालांकि दोनों मैचों में ठीक ठाक प्रदर्शन करने में सफल रहे हैं और अगर गेंदबाजों का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर होता है मेहमान टीम के पास मौका हो सकता था.
सोर्स भाषा
 

मंगल ग्रह पर खारे पानी से बनेगा ऑक्सीजन और ईंधन, भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने विकसित की नई प्रणाली

मंगल ग्रह पर खारे पानी से बनेगा ऑक्सीजन और ईंधन, भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने विकसित की नई प्रणाली

वाशिंगटन: अमेरिका में भारतीय मूल के वैज्ञानिक के नेतृत्व वाली टीम ने एक नई प्रणाली विकसित की जिसकी मदद से मंगल ग्रह पर मौजूद नमकीन पानी से ऑक्सीजन और हाइड्रोजन ईंधन प्राप्त किया जा सकता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस प्रणाली से भविष्य में मंगल ग्रह और उसके आगे अंतरिक्ष की यात्राओं में रणनीतिक बदलाव आएगा.

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अनुसंधानकर्ताओं ने संभावना जताई, कहा- बहुत अधिक नमक के कारण मंगल ग्रह पर नहीं जमता पानीः
अनुसंधानकर्ताओं ने रेखांकित किया कि मंगल ग्रह बहुत ठंडा है, इसके बावजूद पानी जमता नहीं है जिससे बहुत संभावना है कि उसमें बहुत अधिक नमक (क्षार) हो जिससे उससे हिमांक तापमान में कमी आती है. उन्होंने कहा कि बिजली की मदद से पानी के यौगिक को ऑक्सजीन और हाइड्रोजन ईंधन में तब्दील करने के लिए पहले पानी से उसमें घुली लवन को अलग करना पड़ता है जो इतनी कठिन परिस्थिति में बहुत लंबी और खर्चीली प्रक्रिया होने के साथ मंगल ग्रह के वातावरण के हिसाब से खतरनाक भी होगी.

अमेरिका स्थित वाशिंगटन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विजय रमानी ने किया अनुसंधानकर्ताओं की टीम का नेतृत्वः
अनुसंधानकर्ताओं की इस टीम का नेतृत्व अमेरिका स्थित वाशिंगटन विश्वविद्यालय में प्रोफेसर विजय रमानी ने किया और उन्होंने इस प्रणाली का परीक्षण मंगल के वातावरण की परिस्थितयों के हिसाब से शून्य से 36 डिग्री सेल्सियस के नीचे के तापमान में किया. रमानी ने कहा कि मंगल की परिस्थिति में पानी को दो द्रव्यों में खंडित करने वाले हमारा ‘इलेक्ट्रोलाइजर’ मंगल ग्रह और उसके आगे के मिशन की रणनीतिक गणना को एकदम से बदल देगा. यह प्रौद्योगिकी पृथ्वी पर भी सामान रूप से उपयोगी है जहां पर समुद्र ऑक्सीजन और ईंधन (हाइड्रोजन) का व्यवहार्य स्रोत है.

फिनिक्स मार्स लैंडर ने 2008 में मार्स पर पानी और वाष्प को पहली बार छुआ थाः
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंस नासा द्वारा भेजे गए फिनिक्स मार्स लैंडर ने 2008 में मंगल पर मौजूद पानी और वाष्प को पहली बार ‘छुआ और अनुभव’ किया था. लैंडर ने बर्फ की खुदाई कर उसे पानी और वाष्प में तब्दील किया था. उसके बाद से यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के मार्स एक्सप्रेस ने मंगल ग्रह पर कई भूमिगत तलाबों की खोज की है जिनमें पानी मैग्निशियम परक्लोरेट क्षार की वजह से तरल अवस्था में है.

अनुसंधानकर्ताओं ने बताया, मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यात्रियों को पानी और ईंधन सहित कुछ जरूरतों का उत्पादन लाल ग्रह पर ही करना पड़ेगाः
रमानी की टीम द्वारा किए गए अनुसंधान को जर्नल प्रोसिडिंग ऑफ नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस (पीएनएएस) में जगह दी गई है. अनुसंधानकर्ताओं ने रेखांकित किया कि मंगल ग्रह पर अस्थायी तौर पर भी रहने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को पानी और ईंधन सहित कुछ जरूरतों का उत्पादन लाल ग्रह पर ही करना पड़ेगा. नासा का पर्सविरन्स रोवर इस समय मंगल ग्रह की यात्रा पर है और वह अपने साथ ऐसे उपकरणों को ले गया है जो उच्च तापमान आधारित विद्युत अपघटन (इलेक्ट्रालिसिस) का इस्तेमाल करेंगे. हालांकि, रोवर द्वारा भेजे गए उपकरण ‘मार्स ऑक्सीजन इन-सिटू रिर्सोस यूटिलाइजेशन एक्सपेरिमेंट’ (मॉक्सी) वातावरण से कार्बन डॉइ ऑक्साइड लेकर केवल ऑक्सीजन बनाएगा.

प्रयोगशाला में तैयार प्रणाली 25 गुना अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन कर सकती हैः
अनुसंधानकर्ताओं का दावा है कि रमानी की प्रयोगशाला में तैयार प्रणाली, मॉक्सी के बराबर ऊर्जा इस्तेमाल कर 25 गुना अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन कर सकती है, इसके साथ ही यह हाइड्रोजन ईंधन का भी उत्पादन करती है जिसका इस्तेमाल अंतरिक्ष यात्री वापसी के लिए कर सकते हैं.
सोर्स भाषा

Farmers Protest: सरकार से नहीं बनी किसान संगठनों की बात, अगले दौर की बातचीत में किया जाएगा विचार

Farmers Protest: सरकार से नहीं बनी किसान संगठनों की बात, अगले दौर की बातचीत में किया जाएगा विचार

नई दिल्ली: सरकार ने किसान संगठनों से तीन नए कृषि कानूनों से संबंधित मसलों को स्पष्ट तौर पर चिन्हित करने और उसके बारे में बुधवार को बताने को कहा है. इन मसलों पर गुरुवार को होने वाली अगले दौर की बातचीत में विचार किया जाएगा. करीब तीन घंटे चली बैठक के बेनतीजा रहने के बाद मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई.

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मंत्रियों ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को कृषि सुधार कानूनों के लाभ के बारे में जानकारी दीः
कृषि मंत्री नरेंद्र सिहं तोमर, रेलवे और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सोमप्रकाश ने मंगलवार को 35 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. यहां विज्ञान भवन में हुई बैठक में मंत्रियों ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को कृषि सुधार कानूनों के लाभ के बारे में जानकारी दी. इन कानूनों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सौहार्दपूर्ण माहौल में विस्तार से चर्चा की गई.

बैठक में दिया आश्वासन, केंद्र सरकार हमेशा किसानों के हितों के संरक्षण को लेकर प्रतिबद्धः
तोमर ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और कृषि विकास हमेशा से शीर्ष प्राथमिकता रही है. बयान के अनुसार बातचीत के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों के मुद्दों को सामने रखने और विचार के लिए समिति गठित करने का प्रस्ताव किया ताकि आपसी सहमति से उसका समधान किया जा सके. किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि सभी प्रतिनिधि मामले के सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान के लिए सरकार के साथ बातचीत में शामिल होंगे. बातचीत के दौरान सरकार ने किसान प्रतिनिधियों को कृषि सुधार कानूनों से संबंधित मसलों को स्पष्ट तौर पर चिन्हित करने और उसे विचार के लिए दो दिसंबर को रखने को कहा. उसके बाद इन मसलों पर तीन दिसंबर को चौथे दौर की बातचीत में विचार-विमर्श किया जाएगा. बैठक में यह आश्वासन दिया गया कि केंद्र हमेशा किसानों के हितों के संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है और कृषकों के कल्याण के लिए बातचीत को सदा तैयार है. 

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने कहा बेनतीजा रही बातचीत,सरकार का प्रस्ताव कृषक संगठनों को मंजूर नहींः
बैठक के बाद अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) ने एक बयान में कहा कि बातचीत बेनतीजा रही और सरकार का प्रस्ताव कृषक संगठनों को मंजूर नहीं है. संगठन के अनुसार जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती, वे अपना विरोध-प्रदर्शन और तेज करेंगे. विज्ञान भवन में बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद कृषि मंत्रालय में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के प्रतिनिधियों के साथ अलग से बातचीत शुरू हुई. सरकार ने कहा कि बीकेयू सदस्यों के साथ बातचीत अच्छे माहौल में हुई और किसानों के सुझावों को ध्यान से सुना गया.
सोर्स भाषा

मुंबई में सीएम योगी की अक्षय कुमार से मुलाकात, फिल्म सिटी को लेकर हुई बातचीत

मुंबई में सीएम योगी की अक्षय कुमार से मुलाकात, फिल्म सिटी को लेकर हुई बातचीत

मुंबई: उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी बनाने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों मिशन बॉलीवुड पर हैं. दो दिनों के दौरे पर वे मुंबई पहुंच गए हैं. जहां सीएम योगी और बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की मुलाकात हुई. साथ ही दोनों ने डिनर किया. इस मौके पर यूपी के प्रमुख सचिव सूचना डॉ. नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव होम अवनीश अवस्थी और मुख्यमंत्री प्रमुख सचिव सूचना संजय प्रसाद मौजूद रहे. 

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फिल्म सिटी पर बातचीत:
आपको ​बता दें कि कुछ दिनों पहले ही यूपी में नई फिल्म सिटी बनाने की सीएम योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी. अब वह इसके लिए उन्होंने बॉलीवुड के अभिनेता अक्षय कुमार से मुलाकात की. इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी बुधवार को अन्य कलाकारों और बॉलीवुड के दिग्गजों से मुलाकात कर सकते हैं.आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी मुंबई दौरे के दौरान बॉलीवुड कलाकार, अभिनेता और मुंबई के कई बड़े बिजनेसमैन से रूबरू होंगे.सीएम योगी फिल्म सिटी की रूपरेखा पर चर्चा अलावा के अलावा वे कई किस्म की विकास की योजनाओं पर भी काम करने वाले हैं.

कल होगी लखनऊ नगर निगम के बॉन्ड की लिस्टिंग:
बुधवार को मुंबई में लखनऊ नगर निगम (Lucknow Nagar Nigam) के बॉम्बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (BSE) में लॉन्‍च बॉन्ड (Launch bond) की लिस्‍ट‍िंग होने वाली है. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भी मौजूद होंगे. उनके साथ नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन भी मौजूद रहेंगे.नगर निगम (Nagar Nigam) की इस उपलब्धि की देश और दुनिया कई औद्योगिक हस्तियां गवाह बनेंगी. बता दें कि नवंबर के शुरुआती सप्ताह में लखनऊ नगर निगम (Lucknow Nagar Nigam) ने BSE बॉन्ड मंच के माध्यम से नगरपालिका बॉन्ड जारी करके 200 करोड़ रुपए जुटाए हैं. नगर निगम ने BSE बॉन्ड प्लेटफॉर्म पर 450 करोड़ रुपए के लिए 21 बोलियां प्राप्त कीं, जो कि इश्यू के आकार का 4.5 गुना है. 

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कोविड-19 टीकाकरण को लेकर केन्द्र सरकार का बड़ा बयान, कहा- पूरे देश की आबादी को टीका लगाने की कभी नहीं कही बात 

कोविड-19 टीकाकरण को लेकर केन्द्र सरकार का बड़ा बयान, कहा- पूरे देश की आबादी को टीका लगाने की कभी नहीं कही बात 

नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि पूरे देश की आबादी को कोविड-19 का टीका लगाने के बारे में कभी कोई बात नहीं हुई. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने प्रेसवार्ता के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि कोविड टीका अभियान का उद्देश्य संक्रमण के प्रसार की श्रृंखला को तोड़ना होगा.

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टीकाकरण आबादी के कुछ हिस्से संक्रमण के प्रसार तोड़ने में सक्षम तो पूरी आबादी के टीकाकरण की आवश्यकता नहींः
बलराम भार्गव ने कहा कि हमारा उद्देश्य संक्रमण के प्रसार की श्रृंखला को तोड़ना होगा. अगर हम आबादी के कुछ हिस्से का टीकाकरण करने और संक्रमण के प्रसार की श्रृंखला को तोड़ने में सक्षम हैं तो हमें देश की पूरी आबादी के टीकाकरण की आवश्यकता नहीं होगी.

टीकाकरण के बाद भी जारी रहेगा मास्कः 
बलराम भार्गव ने कहा कि मास्क की भूमिका भी बेहद अहम है और टीकाकरण के बाद भी यह जारी रहेगी. क्योंकि हम एक समय में आबादी के छोटे हिस्से के साथ यह शुरू कर रहे हैं इसलिए वायरस के संक्रमण प्रसार की श्रृंखला को तोड़ने में मास्क की भूमिका बेहद अहम होगी. 

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा-कोविड-19 का टीका लगाने के बारे में कभी कोई बातचीत नहीं हुईः
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि पूरे देश की आबादी को कोविड-19 का टीका लगाने के बारे में कभी कोई बातचीत नहीं हुई. उन्होंने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार ने पूरे देश की आबादी के टीकाकरण के बारे में कभी नही कहा.
सोर्स भाषा

उत्तर प्रदेश में बड़ा फेरबदल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 43 आईपीएस अफसरों का किया तबादला 

उत्तर प्रदेश में बड़ा फेरबदल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 43 आईपीएस अफसरों का किया तबादला 

लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में बड़ा फेरबदल करते हुए 43 आईपीएस अफसरों का तबादला किया है. मंगलवार को हुए 43 आईपीएस अफसरों के तबादलों में सबसे दिलचस्प बात यह है कि 2015 बैच के 14 आईपीएस अफसरों में से 12 आईपीएस अफसरों को सीधे जिलों में कप्तान बना कर भेजा गया हैं.

इन आईपीएस अफसरों हुआ तबादलाः
जानकारी के अनुसार अमरेंद्र सिंह एसपी सोनभद्र, चक्रेश मिश्रा एसपी संभल, सुकीर्ति माधव एसपी शामली, डॉ. कौस्तुभ एसपी संतकबीरनगर, अपर्णा गौतम एसपी औरैया, सुनीति एसपी अमरोहा बनीं, विपिन टाडा एसपी बलिया, अविनाश पांडेय एसपी मैनपुरी, नीरज जादौन एसपी हापुड़, संजीव सुमन डीसीपी लखनऊ, अमित कुमार एसपी चंदौली, प्रमोद कुमार एसपी ललितपुर, अशोक मीणा एसपी फतेहगढ़, अभिषेक डीसीपी नोएडा, रवि कुमार डीसीपी लखनऊ, अजय कुमार एसपी फिरोजाबाद, प्रशांत वर्मा एसपी कन्नौज, हेमंत कुटियाल एसपी बलरामपुर, सतपाल एसपी फतेहपुर बनाए, सोनम कुमार एसपी ग्रामीण गोरखपुर, निपुण अग्रवाल एएसपी शाहजहांपुर, केशव कुमार एएसपी मेरठ, के वेंटक अशोक एएसपी आगरा, ईराज राजा एएसपी गाजियाबाद, सत्यजीत गुप्ता एएसपी आगरा, कुलदीप सिंह एएसपी अलीगढ़, आदित्य लंगेह एएसपी सुरक्षा वाराणसी, अर्पित विजय वर्गीय एएसपी मुजफ्फरनगरए कासिम आब्दी एडीसीपी लखनऊ,  सौरभ दीक्षित एएसपी प्रयागराज,  अतुल शर्मा एएसपी सहारनपुर, आशीष श्रीवास्तव एसपी इंटेलिजेंस लखनऊ,  यमुना प्रसाद एएसपी पीएसी मुख्यालय,  नित्यानंद राय एसपी इंटेलिजेंस लखनऊ, ब्रजेश सिंह एसपी यूपी 112 लखनऊ, देवेंद्र नाथ एसपी सीबीसीआईडी लखनऊ, देवरंजन वर्मा एसपी एसआईटी लखनऊ, स्वप्निल ममगैन एसपी ईओडब्ल्यू लखनऊ, चारू निगम सेनानायक 6 पीएसी मेरठ, अपर्णा गुप्ता एसपी रेलवे मुरादाबाद, मिर्जामंजर बेग एसपी पॉवर कार्पोरेशन, अनिल मिश्रा एसपी डीजी हेड क्वार्टर, सचींद्र पटेल एसपी एटीएस लखनऊ बनाया गया है.

जोधपुर: चार वाहन आपस में टकराये, एक महिला समेत 3 लोगों की मौत 

जोधपुर: चार वाहन आपस में टकराये, एक महिला समेत 3 लोगों की मौत 

जोधपुर: नागौर रोड पर सड़क पर मरी पड़ी दो भैंस की वजह से हुए सड़क हादसे में चार वाहन एक के बाद एक कर महज तीन मिनट के अंतराल से टकरा गए. इस घटना में एक महिला और दो बच्चों की मौत हो गई. जबकि छह जने गंभीर रूप से घायल हो गए. इन्हें इलाज के लिए जोधपुर लाया जा रहा है. भवाद फांटे के निकट दो भैंस सड़क पर मरी हुई पड़ी थी. किसी ने इन्हें सड़क से उठवा कर एक तरफ नहीं कराया.

एक महिला समेत 3 लोगों की मौत:
मंगलवार शाम अंधेरे में एक भैंस से टकरा कर एक कार पलटी खा गई. इसके पीछे आ रही एक बोलेरो कैंपर भी भैंस से टकराने के बाद कार से जा भिड़ी. कैंपर पिथासनी के एक विश्नोई परिवार के नौ जने सवार थे. यह परिवार एक सामाजिक समारोह में भाग लेकर लौट रहा था. कैंपर में पांच जने आगे और चार जने पीछे बैठे थे. इस हादसे में कैंपर में सवार एक महिला, एक बालक व एक बालिका की घटना स्थल पर ही मौत हो गई. छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

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एक के बाद एक कर दो अन्य कार भी भैंस से टकराई: 
कैंपर में फंसे लोगों को बाहर निकाला जाता उससे पहले एक के बाद एक कर दो अन्य कार भी भैंस से टकरा गई, लेकिन इन्हें ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा. मौके पर मौजूद लोगों ने कैंपर में फंसे लोगों को बाहर निकाला. तीन की घटना स्थल पर ही मौत हो गई. छह अन्य घायलों को एम्बुलेंस में बैठाकर जोधपुर के लिए रवाना किया गया है. वहीं सबसे पहले भैंस से टकरा कर पलटी कार में कोई नहीं मिला. इसका चालक टक्कर लगने के बाद स्वयं ही बाहर निकल वहां से भाग निकला.

...फर्स्ट इंडिया के लिए राजीव गौड़ की रिपोर्ट