नई दिल्ली अयोध्या फैसले के बाद पीएम का देश के नाम संबोधन, बोले-पूरे देश ने मन से माना निर्णय 

अयोध्या फैसले के बाद पीएम का देश के नाम संबोधन, बोले-पूरे देश ने मन से माना निर्णय 

अयोध्या फैसले के बाद पीएम का देश के नाम संबोधन, बोले-पूरे देश ने मन से माना निर्णय 

नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आज आ गया है. इस फैसले को लेकर तरह तरह की टिप्पणियां सामने आ रही हैं. वहीं देशभर में इस फैसले का स्वागत हो रहा है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का फैसला ऐतिहासिक है. सुप्रीम कोर्ट ने सबका धैर्य सुना और सबकी सहमति से फैसला आया, ये खुशी की बात है.

फैसले को पूरे देश ने मन से माना:
पीएम मोदी ने कहा कि फैसला आने के बाद हर वर्ग ने स्वागत किया है और इस फैसले को पूरे देश ने मन से माना है. उन्होंने कहा कि पूरा देश चाहता था कि हर रोज सुनवाई हो. विविधता में एकता हमारी पहचान है. आज की घटना का उल्लेख आगे जरूर होगा. साथ ही कहा कि देशवासी आज नया इतिहास रच रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने दृढ़इच्छा की शक्ति के दर्शन कराए. न्यायपालिका विशेषतौर पर अभिनंदन की अधिकारी है. इस फैसले से आगे बढ़ने की सीख मिलती है.

आज ही के दिन बर्लिन की दीवार गिरी:
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज ही के दिन बर्लिन की दीवार गिरी थी. वहीं 9 नवंबर की तारीख हमें जोड़ने का संदेश दे रही है. आज कटुता को तिलांजलि देने का दिन है. सुप्रीम कोर्ट का फैसला नया सवेरा लेकर आया है. पीएम मोदी ने कहा कि हमें न्यू इंडिया का संकल्प लेना चाहिए. आज के फैसले से हमें धैर्य की सीख लेनी चाहिए. हर नागरिक पर राष्ट्र की जिम्मेदारी बढ़ गई है. कानून का सम्मान करना हम सबका कर्तव्य है. हमारे बीच का सौहार्द्र, शांति, स्नेह देश के लिए जरूरी है और हमें भविष्य के भारत की ओर देखना चाहिए. 

फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए:
इससे पहले फैसले को लेकर पीएम मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी. पीएम मोदी ने सिलसिलेवार ट्वीट किए. पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है. इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. पीएम ने आगे लिखा कि रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है. देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें. 

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