Live News »

Heavy Rain : दौसा में दो दशक बाद बांध लबालब, किसानों को फसल सिचाई के लिए मिला जीवनदान
Heavy Rain : दौसा में दो दशक बाद बांध लबालब, किसानों को फसल सिचाई के लिए मिला जीवनदान

दौसा: दौसा जिले में इस बार इन्द्रदेव की मेहरबानी के चलते जोरदार बारिश हुई हैं. अब तक जिले में बारिश का आंकड़ा सामान्य से अधिक पहुंच गया है. गुजरे कई सालों में दौसा मुख्यालय ने तो बारिश का रिकोर्ड ही तोड दिए. जिसके चलते जिले के लगभग सभी बांध लबालब हैं. भारी बारिश से किसानों को फसल सिचाई के लिए जीवनदान मिला है. 

मोरेल डैम 20 साल बाद लबालब:
दरअसल दौसा मुख्यालय पर 800 एमएम बारिश दर्ज की गई है. दूसरे नम्बर पर रामगढ पचवारा में 690 एमएम बारिश अब तक हो चुकी है. जबकि औसत जिले में बारिश का आंकड़ा इस वर्ष का 544 एमएम है. बात बांधों की की जाए तो बीस साल बाद जिले का मेजर डैम व एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी की पाल से बना डैम मोरेल 20 साल बाद लबालब हो गया और दो दिन से लगातार ओवर फ्लो हो रहा है. इस बांध की भराव झमता तीस फिट है. 

जिले में 21 माईनर डैम:
इसके अलावा जिले में चार मिडिल डैम है. इनमें माधोसागर में भी पानी की आवक हुई है. कालाखोह बांध सैंथल सागर भरने के कगार पर है व चादराना डैम भी झलकने के कगार पर है. दौसा जिले में 21 माईनर डैम है, जिन में भी पानी की शानदार आवक हुई है. सूरजपुरा में दो दिन से चादर चल रही है. कुल मिला कर कहा जा सकता है कि दो दशक बाद जिले में पानी की कमी से राहत मिली है और किसानों को इस बार बांधों से सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा. 
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें
और पढ़ें

Stories You May be Interested in