भाजपा में चल रही पोस्टर पॉलिटिक्स पर वसुंधरा राजे के बाद अब राजेंद्र राठौड़ का भी बड़ा बयान, जानिए क्या कुछ कहा

भाजपा में चल रही पोस्टर पॉलिटिक्स पर वसुंधरा राजे के बाद अब राजेंद्र राठौड़ का भी बड़ा बयान, जानिए क्या कुछ कहा

जयपुर: पोस्टर पॉलिटिक्स पर बीजेपी (BJP Poster Controversy) के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ (Rajendra Rathod) का बड़ा बयान सामने आया है. पोस्टर पॉलिटिक्स पर वसुंधरा राजे के कल के बयान के बाद आज राजेंद्र राठौड़ से सवाल पूछा गया. इस पर राठौड़ ने जवाब में कहा कि पोस्टर की बातें खत्म हो गई है. वसुंधरा जी हमारी नेता हैं वो इन बातों को नगण्य मानती है. ऐसे में इन पर चर्चा करने की आवश्यता नहीं है. 

इससे आगे बोलते हुए राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि वसुंधरा जी ने खुद ही पोस्टर को लेकर कह दिया है. वो लोगों के दिलों में राज नहीं करती तो दो-दो बार मुख्यमंत्री थोड़े ही बनती. वो लोकप्रिय तो थी ही, आज भी उनकी भूमिका है. आज राजस्थान की राजनीति में उनकी भूमिका को कौन नकार सकता है? वसुंधरा जी नेता है और नेता रहेंगी. वो निष्क्रिय थी ही नहीं, वो हमेशा सक्रिय रही है. ऐसे में निष्क्रियता का प्रश्न ही क्यों खड़ा हो रहा है? 

वहीं झालावाड़-बारां दौरे से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पार्टी का काई भई छोटा-बड़ा कार्यकर्ता जब सक्रिय रहता है तो उससे पार्टी को मजबूती मिलती है. वरसों से वह उस इलाके का प्रतिनिधित्व करती है. ऐसे में इस इलाके में उनका सक्रिय रहना स्वागत योग्य है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह जनता के लिए ही सक्रिय है. उन्होंने जो कुछ किया वह जनता के लिए किया, जनता की आवाज उठाई. वसुंधरा राजे हमेशा से ही सक्रिय रही है. इसके साथ ही राठौड़ ने कहा कि पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वह पिछले दिनों जयपुर प्रवास नहीं कर पाई. 

वसुंधरा राजे ने पोस्टर विवाद पर दी थी अपनी प्रतिक्रिया:
आपको बता दें कि इससे पहले बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए वसुंधरा राजे ने पोस्टर विवाद (Poster Controversy) पर भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी. पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि मैं पोस्टर और होर्डिंग में नहीं, जनता के दिलों में रहना चाहती हूं. मुझे खुशी है कि जनता के दिलों पर राज कर रही हूं. जब मैं मुख्यमंत्री थी तब भी मेरे समर्थक मेरे फोटो लगे पोस्टर लगवा देते थे और तब मैं नगर निगम से कहकर मेरे फ़ोटो लगे पोस्टर हटवाती थी. क्योंकि मैं कागजों में नहीं हूं, जनता के दिलों में हूं. उन्होंने कहा कि मेरी मां राजमाता सिंधिया ने भी शुरू से मुझे यही सिखाया है कि लोगों के दुख दर्द बांट कर उन्हें अपने गले से लगाओ और उनके दिलों में जगह बनाओ. 

...फर्स्ट इंडिया न्यूज के लिए एश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

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