जयपुर VIDEO: आखिर चिरंजीवी योजना को मिलेगी बूस्टर डोज, कॉरपोरेट थीम पर होगा सरकारी अस्पतालों में इलाज, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: आखिर चिरंजीवी योजना को मिलेगी बूस्टर डोज, कॉरपोरेट थीम पर होगा सरकारी अस्पतालों में इलाज, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राज्य सरकार की "राइट टू हेल्थ" की सोच को धरातल पर उतारने के लिए प्रदेश के बड़े सरकारी अस्पताल जल्द ही कॉरपोरेट थीम पर काम करते नजर आएंगे.जी हां हम बात कर रहे है सीएम गहलोत के इस शासनकाल की सबसे बड़ी चिरंजीवी योजना की.दरअसल, योजना को शुरू हुए चार माह हो चुके है, बावजूद इसके अभी तक सरकारी अस्पतालों में बीमा योजना के लाभार्थी करीब 10 फीसदी के आसपास है.ऐसे में अब चिकित्सा शिक्षा विभाग ने योजना को बढ़ावा देने के लिए निजी सर्विस प्रोवाइडर की मदद लेने प्लानिंग बनाई है....आखिर क्या है चिरंजीवी योजना को "बूस्टर डोज" देने की प्लानिंग और किसको मिलेगा इससे फायदा.

सीएम अशोक गहलोत की मंशा है कि प्रदेश की जनता को चिकित्सा का कानूनी अधिकार मिले.इसी सोच को मूर्तरूप देने के लिए एक मई यानी मजदूर दिवस के दिए 1600 करोड़ की यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज स्कीम की शुरूआत की.मंशा सिर्फ एक है कि लोगों को चिकित्सा पर लगने वाले बड़े खर्चो से पूरी तरह फ्री करके सामाजिक सुरक्षा दी जाए.सरकारी वेबसाइट के आंकड़ों पर गौर फरमाए तो अभी तक 1.35 करोड़ परिवार योजना से जोड़े जा चुके है.यानी करीब 80 फीसदी से अधिक आबादी योजना में कवर हो चुकी है.लेकिन यदि सरकारी अस्पतालों में लाभार्थियों का आंकड़ा देखे तो ये काफी कम है.प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में ही सिर्फ दस फीसदी के आसपास मरीज योजना का फायदा उठा रहे है.आईए आपको बताते है कि एसएमएस में विभागवार क्या है योजना का आंकड़ा.

SMS में चिरंजीवी योजना का विभागवार पोस्टमार्टम:

विभाग : ऑकोलॉजी
आईपीडी : 5,781
टीआईडी : 541
पैकेज पेश :  708
पैकेज रिजेक्ट : 34

विभाग : ट्रोमा
आईपीडी : 2157
टीआईडी : 127
पैकेज पेश :  447
पैकेज रिजेक्ट : 17

विभाग : नेत्र और ईएनटी
आईपीडी : 1610
टीआईडी : 121
पैकेज पेश :  121
पैकेज रिजेक्ट : 15

विभाग : आर्थो
आईपीडी : 2058
टीआईडी : 257
पैकेज पेश : 257
पैकेज रिजेक्ट : 26

विभाग : कार्डियोलॉजी
आईपीडी : 2030
टीआईडी : 465
पैकेज पेश :  1120
पैकेज रिजेक्ट : 86

विभाग : सीटीवीएस
आईपीडी : 765
टीआईडी : 156
पैकेज पेश :  196
पैकेज रिजेक्ट : 8

विभाग : मेडिसीन
आईपीडी : 5300
टीआईडी : 501
पैकेज पेश :  2183
पैकेज रिजेक्ट : 127

सरकारी अस्पतालों में ही सरकारी योजना के क्रियान्वयन की काफी धीमी रफ्तार को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है.खुद चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया ने मॉनिटरिंग की कमान संभाली है.गालरिया ने पिछले दिनों ही सभी मेडिकल कॉलेज में विभागवार योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की, साथ ही फील्ड में आ रही दिक्कतों पर मंथन किया.इस दौरान सामने आया कि सरकारी अस्पतालों में बीमा योजना को लेकर कोई एक्सपर्ट नहीं है.इसके साथ ही इस काम के लिए डेडिकेटेड एजेंसी की जरूरत सामने आई.ऐसे में तय किया गया कि पायलेट प्रोजेक्ट के तहत एसएमएस अस्पताल में योजना का काम किसी थर्ड पार्टी को दिया जाए.इसके लिए बाकायदा निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके बाद ही सर्विस प्रवाइडर को काम सौंपा जाएगा.

एसएमएस अस्पताल में मिलेगा चिरंजीवी आर्शीवाद:
-योजना में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए नियुक्त होगा सर्विस प्रोवाइडर
-ओपीडी में बनाया जाएगा चिरंजीवी योजना का अलग से काउंटर
-आईपीडी में भर्ती होते वक्त ही मरीज की बीमारी,उसका निर्धारित पैकेज और जरूरी दस्तावेज की तैयार होगी टीआईडी
-इसके साथ ही चिकित्सकों से परामर्श के बाद टीआईडी में जोड़े जाएंगे एडिशनल पैकेज
-सर्विस प्रोवाइडर ही बीमा कम्पनी को पेश करेंगे क्लेम और वहां से आने वाले क्वेरी को किया जाएगा दुरूस्त
-यदि क्लेम रिजेक्ट होते है तो सर्विस प्रोवाइडर ही बीमा कम्पनी में रखेगा पक्ष
-अधिकारियों की माने तो सर्विस प्रोवाइडर इस काम के एवज में बीमा राशि का एक तय प्रतिशत दिया जाएगा

चिरंजीवी योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन बढ़ने से सरकार को दोहरा फायदा होगा.एक तरफ जहां आम मरीजों की जेब पर किसी भी रूप में आने वाला भार खत्म होगा.पांच लाख रुपए तक का इलाफ बिल्कुल फ्री मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों की आमदनी भी बढ़ेगी.ऐसे में उम्मीद ये है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग की इस कवायद को धरातल पर उतारने में अस्पताल प्रबन्धन भी दिल से मदद करेंगे.

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