VIDEO: आखिर कौन है शहर की सफाई दुर्दशा का जिम्मेदार? शहर की चमचमाती सड़कें बनी कचरागाह, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: आखिर कौन है शहर की सफाई दुर्दशा का जिम्मेदार? शहर की चमचमाती सड़कें बनी कचरागाह, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजधानी जयपुर की चमचमाती सड़के पिछले तीन दिनों से कचरे के ढेर में तब्दील हुई पड़ी है, लेकिन दोनों ही निगमों की जिम्मेदार कमिश्नर इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है. दरअसल बीबीजी कंपनी  के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते घर से घर से उठने वाला कचरा अब नहीं उठ पा रहा है. लिहाजा अब लोग शहर की सड़कों पर ही गंदगी फेकतेहुए नजर आ रहे है. कोरोना काल में ये गंदगी की ढेर अब आमजनता को मुसिबत में डालते हुए दिख रहे है.

हूपरों के घर नहीं पहुचने से आमजनता सड़को को बना रही कचरागाह:
-शहर की प्रत्येक सड़को पर दिख रहे कचरे के बडे बडे ढेर
-सड़कों पर पड़े कचरे के चलते राहगीरों को हो रही भारी परेशानी
-खाली  प्लाटों को भी आमजनता ने बना दिया इन दिनों कचरागाह

 आम जनता पूरी तरह से परेशान :

भुगतान नहीं होने के चलते बीबीजी कंपनी के कर्मचारियों ने हडताल कर दी जिसके चलते पिछले तीन दिनों से दोनों ही निगमों से घर से घर से उठने वाला कचरा अब नहीं  उठ रहा है. आम जनता भी पूरी तरह से परेशान दिख रही है. घर पर हुपरों के नही पहुचने से अब लोग अपना कचरा सड़कों पर डाल रहे है.जिसके चलते अब शहर की सड़के भी कचरे केढेर में तब्दील होती हुई नजर आ रही है. ग्रेटर नगर निगम की  बात करें तो  यहां मामला  और भी उल्टा हो गया है. बीबीजीं कंपनी की वैकल्पिक व्यवस्था कोलेकर खुद कमिश्नर और मेयर आपस में उलझ गए जिससे मामला और भी उल्टा हो गया. अब सफाई की व्यवस्था भी राम भरोसे दिखाई दे रही है. आलम ये है कि ग्रेटर नगर निगम की सड़के सडती हुए नजर आ रही है और इन सड़कों से गुजरने वाले लोगों को बदुबू  का सामाना करना पड़ रहा है. हेरीटेज नगर निगम की बात करें तो यहां भी ग्रेटर नगर निगम जैसे हालात देखने को मिले. कर्मचारियों की हडताल के चलते यहां भी कचरा सड़कों पर नजर आ रहा है. कुछ इलाकों तो सड़कों की बीच  तक कचरा पहुंच गया. लोग इसको लेकर शिकायत भी करते है, लेकिन जबाब मिलता है कि अभी हडताल चल रही है.  बीबीजी की हडताल के संबध में राज्य सरकार से परामर्श लिया जा सकता है. कमिश्नर ने कहा बीबीजी के अधिकारियों से हडताल तोडने की संबध में चर्चा की जाएगी.

कर्मचारियों को 50 फीसदी भुगतान देने की हुई थी बात:

बीबीजी कंपनी के भुगतान को लेकर हाल मे दोनों नगर निगमों की बैठक हुई थी,  जिसमें ग्रेटर नगर निगम से खुद कमिश्नर शामिल हुए थे. जिसमें कंपनी को डीजल और उनके कर्मचारियों को 50 फीसदी भुगतान देने की बात हुई थी, लेकिन  ग्रेटर नगर निगम  मेयर ने इसका विरोध किया औऱ कहा कि जब तक बीबीजी कंपनी की पूरी जांच नहीं हो जाती तब तक भुगतान नहीं किया जाए. जिसके बाद बीबीजी कंपनी ने हडताल कर दी. फिलहाल दोनों ही निगमों के पास वैक्लपिक  व्यवस्था का कोई विकल्प दिख नही रहा है. शहर की सडती सडकें दोनों की निगमों की बदहाली की सच्चाई वयां कर रही है, कि जिम्मेदार व्यक्तियों को आमजनता की तखलीफों से कोई सरोकार नहीं है.  

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