इस्लामाबाद कराची विश्वविद्यालय हमले के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चीन का भरोसा हुआ कम - पाकिस्तानी सांसद

कराची विश्वविद्यालय हमले के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चीन का भरोसा हुआ कम - पाकिस्तानी सांसद

कराची विश्वविद्यालय  हमले के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चीन का भरोसा हुआ कम - पाकिस्तानी सांसद

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के एक वरिष्ठ सांसद का कहना है कि पिछले महीने कराची विश्वविद्यालय पर हुए हमले के बाद से चीनी नागरिकों और उसकी परियोजनाओं की रक्षा करने की पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता में चीन का विश्वास कम हुआ है.

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) से संबंधित बुर्का पहने एक महिला आत्मघाती हमलावर ने 26 अप्रैल को कराची के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में कन्फ्यूशियस संस्थान की एक वैन में विस्फोट किया था, जिसमें तीन चीनी शिक्षकों की मौत हो गई थी. पाकिस्तान में चीनी नागरिकों को निशाना बनाकर किया गया यह ताजा हमला है. पाकिस्तान के वरिष्ठ सीनेटर मुशाहिद हुसैन ने हमले के बाद चीनी पक्ष को लेकर शुक्रवार को दैनिक समाचार पत्र डॉन से कहा कि इस हमले को लेकर चीन की सरकार गंभीर रूप से चिंतित और आक्रोश में है.

कराची विश्वविद्यालय पर हमला एक साल में पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर हुआ तीसरा आतंकवादी हमला था:

मुशाहिद हुसैन सीनेट रक्षा समिति के अध्यक्ष भी हैं. हुसैन के नेतृत्व में सीनेट के एक प्रतिनिधिमंडल ने पिछले हफ्ते चीनी दूतावास में जाकर विश्वविद्यालय हमले में चीनी नागरिकों की मौत पर शोक एवं संवदेना व्यक्त की थी. हुसैन ने कहा कि कराची विश्वविद्यालय पर हुए हमले के बाद से चीनी नागरिकों और उसकी परियोजनाओं की रक्षा करने की पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता में चीन का विश्वास बेहद कम हो गया है. कराची विश्वविद्यालय पर हमला एक साल में पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर हुआ तीसरा आतंकवादी हमला था. सोर्स-भाषा  

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