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प्रत्याशी घोषित होने के बाद दौसा लोकसभा सीट पर कांग्रेस में चुनावी रंगत परवान पर

प्रत्याशी घोषित होने के बाद दौसा लोकसभा सीट पर कांग्रेस में चुनावी रंगत परवान पर

दौसा। जिले में लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट परवान चढ़ने लगी है। कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी के रूप में सविता मीना को घोषित करने के बाद कांग्रेस में चुनावी रंगत परवान पर है। कांग्रेस दस साल से लोकसभा के बनवास को पूरा कर जीत की गणित बिठा रही है। कांग्रेस के पास दौसा में सकारात्मक गणित है पर कांग्रेस इस गणित को कितना साध पाती है ये चुनाव परिणाम बताएंगे। एसटी रिजर्व सीट दौसा में कांग्रेस के पास एसटी व एससी वर्ग के अलावा मुस्लिम वोटर, माली सैनी समाज के साथ साथ गुर्जर मतदाताओं का सहारा है, लेकिन बदले सियासी समीकरण के साथ गुर्जर व माली मतदाताओं को एक साथ साधना भी चुनौती है। 

वहीं भाजाप का आने वाला उम्मीदवार एससी व एसटी मतों में कितनी सैंधमारी करेगा ये प्रत्याशी घोषणा के बाद साफ हो सकेगा, लेकिन भाजपा दौसा में अभी उम्मीदवारी तय करने में ही हिचकोले खा रही है। वैसे दौसा लोकसभा में सामान्य वर्ग के मतदाताओं को निर्णायक भूमिका में देखा जाता है। सवर्ण मतदाता जिन में ब्राह्मण, वैश्य, राजपूत को माना जाता है का रुझान भाजपा की ओर अधिक माना जाता है। ऐसे में भाजपा को जीत के लिए एक वर्ग के मतदाताओं की बड़ी खेप होना बेहद जरूरी है। जो बदले राजनितिक समीकरणों में ओबीसी मतदाताओं के एक वर्ग से मिलना तय माना जा रहा है। 

दौसा की जीत व हार के समीकरण कहीं न कहीं बसपा के घोषित होमे वाले प्रत्याशी पर भी निर्भर है। क्योकि बसपा एससी वर्ग के मतदाताओं को अपनी ओर काफी हद तक ध्रूवृत करने में सक्षम है। ऐसे में प्रत्याशी किस जाति वर्ग से आता है ये दूसरे वर्ग के वोटरों के किस वर्ग को अपनी ओर धूमाने में सक्षम हो सकेगा ये भी चुनावों के परिणामों को प्रभावित करने वाला है। ऐसे में दौसा लोकसभा चुनाव का ऊंट किस करवट बैठे सकेगा अभी कहना जल्दबाजी होगा। हालांकि बसपा से हिमाचल के गुर्जर प्रतिनिधी जो एसटी वर्ग में चुनाव लड़ सकते है दौसा सीट पर नजर गढाए बैठे है ऐसे में प्रत्याशी घोषणा के बाद तस्वीर और साफ हो सकेगी। 

लक्ष्मीकांत शर्मा फर्स्ट इंडिया न्यूज दौसा

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जैसलमेर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच विधायक संयम लोढ़ा का बड़ा बयान सामने आया है. फर्स्ट इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कोर्ट बसपा के विधायकों का वोट फ्रीज नहीं कर सकता. कोर्ट अधिकाधिक बसपा के विलय को रोक सकता है, तब नया दल बसपा लोकतांत्रिक या कोई और दल बनाने से नहीं रोका जा सकता है. 

राहुल गांधी-सचिन पायलट मुलाकात आज! पायलट कैंप से जुड़े सूत्रों ने दिए संकेत  

मदन दिलावर जाने क्यों परेशान? 
इसके साथ ही संयम लोढ़ा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा तो फड़फड़ा रही है, मानसकिता संकीर्ण रही है. इसके साथ ही आदिवासी लीडरशिप का अपमान किया है. लोढ़ा ने कहा कि मदन दिलावर जाने क्यों परेशान है उन्होंने लिखा है कि उन्हें अपूरणीय क्षति हुई है. लेकिन ये समझ नहीं आता कि बसपा के विलय से उन्हें कैसे क्षति हुई है. ऐसे में सत्य की जीत होगी और सत्य अशोक गहलोत के साथ है. राजस्थान के चप्पे चप्पे से जनता का आशीष है. संवाददाता लक्ष्मण राघव ने विधायक संयम लोढा से खास बातचीत की...

 

राहुल गांधी-सचिन पायलट मुलाकात आज! पायलट कैंप से जुड़े सूत्रों ने दिए संकेत

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच आज एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है. पायलट कैंप से जुड़े सूत्रों ने आज राहुल गांधी और सचिन पायलट की मुलाकात के संकेत दिए हैं. सूत्रों की माने तो यह मुलाकात आलाकमान के बुलावे पर हो रही है. लेकिन मुलाकात से पहले राहुल गांधी ने पायलट के सामने सभी विधायकों को साथ लेकर आने की शर्त रखी है और पायलट ने राहुल गांधी की बात मान ली. 

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जैसलमेर में विधायक दल की बैठक में ही संकेत दे दिए थे:  
ऐसे में अब पायलट कैंप के विधायक गुजरात या दूसरे स्थानों से दिल्ली पहुंच रहे हैं. वहीं राहुल-पायलट की संभावित मुलाकात की खबर से गहलोत खेमे में भी उत्सुकता है. हालांकि शायद गहलोत को इस मुलाकात की पहले ही जानकारी थी. इसलिए कल उन्होंने जैसलमेर में विधायक दल की बैठक में ही संकेत दे दिए थे और पायलट गुट के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे विधायकों को दो टूक संदेश दिया था कि जो भी दिल्ली का फैसला होगा हम उसे मानेंगे. हम सभी लोग पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं.  

भाजपा कैंप में हैरानी और आश्चर्य: 
दूसरी ओर राहुल-पायलट की संभावित मुलाकात से भाजपा कैंप में हैरानी और आश्चर्य होने की जानकारी सामने आ रही है. क्योंकि पायलट के NATURAL ALLY के रूप में भाजपा का भी इस सारे मामले में STAKE है. हालांकि भाजपा ने हमेशा गहलोत और पायलट की अंदरूनी लड़ाई बताया है. लेकिन अब राजनीतिक क्षेत्रों में एक सवाल पूछा जा रहा है कि क्या इतना आगे बढ़ने के बाद सचमुच पायलट लौट पाएंगे पीछे? आखिर अब क्या होगी राहुल और पायलट के बीच कोई डील? पायलट कैंप की खुद पायलट को सीएम बनाने की एक ही शर्त है और इसके लिए गहलोत के 96 या 100 विधायक कतई तैयार नहीं है, तो फिर ऐसे में क्या होगा नया 'शांति फॉर्मूला'? इस बारे में सभी लोगों के अपने-अपने अनुमान है. 

Rajasthan Political Crisis:  बसपा विधायकों के विलय मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई 

वेस्टर्न कंट्री क्लब होटल से देर रात निकले सभी विधायक:
इसी बीच पायलट गुट से जुड़ी बड़ी खबर है. वेस्टर्न कंट्री क्लब होटल से देर रात निकले सभी विधायक. इसके साथ ही मौके से एंबुलेंस और कोविड केयर सेंटर को हटाया गया है. पहले विधायकों के हयात होटल जाने की खबर थी लेकिन विधायक वहां भी नहीं पहुंचे. 

 

Rajasthan Political Crisis: बसपा विधायकों के विलय मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई

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जयपुर: राजस्थान में चल रहा सियासी संकट अभी थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. बसपा विधायकों के विलय मामले पर भाजपा विधायक मदन दिलावर की SLP पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुबह 11 बजे अहम सुनवाई होगी. जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता में 3 सदस्य बैंच इस मामले की सुनवाई करेगी. 

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हाईकोर्ट के 6 अगस्त के फैसले को चुनौती दी गई: 
याचिका में राजस्थान हाईकोर्ट के 6 अगस्त के फैसले को चुनौती दी गई है. हाईकोर्ट ने स्पीकर सीपी जोशी के विलय के फैसले पर रोक लगाने से इंकार किया था. याचिका में कहा गया है कि, 14 अगस्त से शुरू होने वाले राजस्थान विधानसभा सत्र में इन 6 बसपा विधायकों के वोटिंग राइट्स पर रोक लगाई जाए. साथ ही, यह सभी विधायक कांग्रेस विधायक के रूप में काम न कर सकें.

11 अगस्त को होगी भाजपा विधायक दल की बैठक, गुजरात गए तमाम विधायक भी आएंगे जयपुर 

अगर वोटिंग अधिकार पर नहीं लगती रोक, तो होगी अपूरणीय क्षति:
याचिका में कहा गया एकलपीठ के बाद खण्डपीठ ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय होने को लेकर कोई आदेश नहीं दिया और ना ही स्टे एप्लीकेशन पर स्टे ही दिया है. 14 अगस्त से राजस्थान में विधानसभा का सत्र आहूत हो रहा है. ऐसे में अगर वोटिंग अधिकार पर रोग नहीं लगती तो यह अपूरणीय क्षति होगी. याचिका में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के साथ 6 विधायकों को पक्षकार बनाया गया है. 
 

11 अगस्त को होगी भाजपा विधायक दल की बैठक, गुजरात गए तमाम विधायक भी आएंगे जयपुर 

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि 11 अगस्त को भाजपा विधायक दल की बैठक होगी. शाम 4 बजे क्राउन प्लाजा में बैठक होगी और उसके बाद बाड़ेबंदी शुरू होगी. गुजरात गए तमाम विधायक भी जयपुर आएंगे. हनुमान बेनीवाल की पार्टी के तीनों विधायकों की भी मौजूदगी रहेगी.

षड्यंत्र को नहीं होने देंगे सफल: 
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ.सतीश पूनियां ने कहा कि प्रदेश सरकार ओछी राजनीति और षड्यंत्र कर रही है. हमारे विधायक को की सुरक्षा को बहुत खतरा है, जो घटनाक्रम हुए, यही बताते जो उनसे सहमत नहीं. उनके लिए भी बहुत खतरा है. सरकार कहीं न कहीं गलती पर है. हमारे अपने विधायकों को प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, कांग्रेस की स्थानीय नेता मनोवैज्ञानिक दबाव देने की कोशिश कर रहे है. इसलिए हमें उन्हें शिफ्ट करना पड़ा है. जिन पर दबाव डाला जा रहा था. विधानसभा में घुस के दिखाओ ऐसा बयान आया सामने. कांग्रेस वाले खुद राष्ट्रपति शासन को आमंत्रण दे रहे है. हम षड्यंत्र को सफल नहीं होने देंगे. जिन विधायक पर कांग्रेस खेमे से संपर्क का इनपुट दिया उन्हीं भेजा बाहर गया है. उन्हें भी विधायक दल की बैठक से पूर्व बुला लिया जाएगा. एक दो दिन में विधायक दल की बैठक होने की बात कही. 

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गुजरात गए विधायकों के मुद्दे और अन्य पहलुओं पर मंत्रणा:
राजस्थान सियासी संकट को लेकर रविवार को भाजपा के तीन प्रमुख नेताओं की फिर बैठक हुई. इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, प्रदेशाध्यक्ष डॉ.सतीश पूनियां, उपनेता प्रतिपक्ष डॉ.राजेन्द्र राठौड़ मौजूद रहे. सभी के बीच लंबी राजनैतिक मंत्रणा चली. विधायक दल की बैठक और विधायक शिफ्टिंग को लेकर बातचीत हुई. गुजरात गए विधायकों के मुद्दे और अन्य पहलुओं पर मंत्रणा हुई. राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर आगामी रणनीति बनाई गई. उसी रणनीति पर आपस में सभी के बीच बातचीत हुई है. अब विधायकों से संवाद का  सिलसिला फिर से शुरू हो सकता है. फिलहाल जिला संगठन की हर टीम विधायकों से संपर्क बनाए हुए है. सतीश पूनियां की कोर टीम को  हर अपडेट दिया जा रहा है. हालांकि चार्टर विमान कल पोरबंदर से 6 विधायकों को ड्रॉप करके लौट आया था. अब फिर से करीब 1 दर्जन से ज्यादा विधायक गुजरात जा सकते हैं.

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जैसलमेर: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द डोटासरा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की बाड़ेबंदी ने इस बात को पुख्ता कर दिया है, भाजपा के बड़े नेता खरीद फरोख्त में शामिल थे. एक लोकतांत्रिक सरकार को गिराना चाहते थे. चुनाव राजस्थान की जनता से जीतते है, विधायको को गुजरात, हरियाणा और कर्नाटक ले जाते है. ये लोकतंत्र का दुर्भाग्य है. डोटासरा ने कहा कि कैलाश चौधरी जो केन्द्रीय मंत्री है उन्होंने यहां कोरोना फैला दिया. सरकार गिराने के लिए लगे हुए थे, जबकि रिपोर्ट कराने के बाद घर बैठना था. साथ ही डोटासरा ने कहा कि निश्चित तौर पर सरकार 5 साल चलेगी.

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शेखावत पर साधा निशाना:
पीसीसी चीफ डोटासरा ने गजेन्द्र शेखावत पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बार बार ऑडियो टेप करने की बात कह रहे है, पहले उनको जो आडियो टेप हुआ है उस पर बयान दे. वे उस पर तो बयान दे नहीं रहे है दूसरों पर आरोप लगा रहे है. सब जो समर्थन दे रहे वे स्वतंत्रता से रह रहे है. 

पायलट को लेकर बोले डोटासरा:
सचिन पायलट को लेकर पीसीसी चीफ डोटासरा बोले, मैं ना केवल पायलट साहब, बल्कि  हर एक विधायक जो वहां है उनको कहना चाहता हूं. कांग्रेस के कार्यकर्ता ने खून पसीने की मेहनत से जीते है, उनको वापिस आकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मान रखना चाहिए. उनको भाजपा के षड्यंत्र में नहीं फंसना चाहिए. गुजरात ही तो तोड़फोड़ का मॉडल है. देश की जनता देख रही है महाराष्ट्र, कर्नाटक और गोवा में सबने देखा. बसपा के मर्जर को चुनौती पर डोटासरा बोले, संविधान और कानून बहुत स्पष्ठ है. सुप्रीम कोर्ट के बहुत से फैसले है जो ये बताते है कि कोई भी 2/3 बहुमत से दल छोड़ सकता है या नया बना सकता है. संवाददाता लक्ष्मण राघव ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष से खास बातचीत की.

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VIDEO: आखिर कहां तक जा सकती कल्पना की उड़ान? इन दिनों वसुंधरा राजे के संदर्भ में चल रहा कुछ ऐसा ही...

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच भाजपा नेता भी सक्रिय हो गए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर प्रदेश के राजनीतिक हालात पर चर्चा की. वहीं कल राजस्थान के समाचार पत्रों में प्रकाशित एक सनसनीखेज खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी. भाजपा के 46 विधायकों के साथ राजे द्वारा कोई नई पार्टी बनाने की खबर देखकर खुद वसुंधरा राजे सकते में आ गई. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि कल्पना की उड़ान आखिर कहां तक जा सकती है? क्योंकि मौजूदा राजनीतिक हालात में कोई दूर-दूर तक ऐसा नहीं सोच सकता तो फिर आखिर किन लोगों ने मीडिया में ऐसी खबर 'प्लान्ट' करवाई.  

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यह खबर देख दिल्ली ने भी मैडम को किया बाकायदा फोन: 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह खबर देख दिल्ली ने बाकायदा मैडम को फोन किया और मैडम से इस खबर का सच जानना चाहा? इस पर राजे ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि आप खुद ही पता लगवा लीजिए. अब जानकार सूत्रों ने इस बात के संकेत दिए है कि आलाकमान इन खबरों की सच्चाई का पता लगा सकता है. आलाकमान के हाथ बहुत लंबे है और केवल 24 घंटे में ही अपनी एजेंसियों से आलाकमान सच्चाई का पता लगा सकता है. कुल मिलाकर भाजपा की यह अंदरूनी गुटबाजी कोई अच्छा संकेत नहीं है. 

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मुख्यमंत्री पद के संभावित भाजपाई उम्मीदवारों में मची भागदौड़:
जानकारों की माने तो इस बढ़ती गुटबाजी का शायद एक कारण यह भी है कि राजस्थान में सीएम पद की कोई 'वैकेंसी' नहीं होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद के संभावित भाजपाई उम्मीदवारों में भागदौड़ मची है. वहीं मुख्यमंत्री पद की इस भागदौड़ को देखकर खुद पायलट खेमा भी हैरान है. क्योंकि सीएम बनने की दौड़ में पायलट कैंप अभी स्वयं को सबसे आगे मान रहा है. 


 

VIDEO: 2 बार की मुख्यमंत्री हैं वसुंधरा राजे उनकी सलाह की जरूरत हुई तो लेंगे- सतीश पूनिया

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि वसुंधरा राजे 2 बार की मुख्यमंत्री है उनकी सलाह की जरूरत हुई तो लेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कैलाश मेघवाल को लेकर कहा कि पार्टी की उनसे बात हुई है उसके बाद उनका कोई बयान नहीं आया. उन्होंने कहा कि उनकी उम्र नहीं कि उन्हें बाड़ेबंदी में शामिल किया जाए. 

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हम लोग विपक्ष में है सरकार को घेरने का काम हम करेंगे: 
सतीश पूनिया ने कहा कि 2 साल से कई तरह की चर्चाएं होती है. हमारी पार्टी में न तो कोई विग्रह बाकी है और कोई भी गॉसिप होती रहे हमे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि हम लोग विपक्ष में है और सरकार को घेरने का काम हम करेंगे. 30 प्रश्न एक विधायक लगा सकता है तो हमारे विधायक भी सत्र में अधिकाधिक प्रश्न लगाएंगे. हम कांग्रेस की हर रणनीति का जवाब देने के लिए तैयार है. राजेंद्र राठौड़ को रणनीति के पता नहीं होने पर पूनिया ने कहा कि कई बार एक घर में पति-पत्नी को भी कई बातें पता नहीं होती. 

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भाजपा विधायकों की बाड़ेबंदी को लेकर दिया जवाब: 
भाजपा विधायकों की बाड़ेबंदी को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने बयान देते हुए कहा कि विधायकों को शिफ्ट करना गैरकानूनी नहीं है. आवश्यक हुआ तो उन्हें जयपुर बुलाया जाएगा. हमारी 45 विधायकों से बातचीत हुई है इसे दूसरे नजरिया से देखने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि सत्र के बाद सभी चीजें मीडिया के सामने रखूंगा. हमने जिलों के हिसाब से विधायकों को कैटेराइज्ड किया है. 2 महीने से कांग्रेस वाले पड़े है तो हमारे वाले भी 7 दिन घूमकर आ जाएंगे. 

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जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच अब कांग्रेस के बाद भाजपा ने भी अपने विधायकों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी. इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. मिली जानकारी के अनुसार करीब 12 विधायकों को अहमदाबाद के रिसोर्ट में शिफ्ट किया गया है. यह रिसोर्ट अहमदाबाद के पास भावदा में स्थित है. इन विधायकों के आज  सोमनाथ के दर्शन के लिए ले जाने का भी प्लान है. 

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बाड़ेबंदी में इन विधायकों के शामिल होने की सूचना: 
सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार इन विधायकों में जगसीराम कोली, समाराम गरासिया, धर्मनारायण जोशी, बाबूलाल खराड़ी, फूल सिंह मीणा, गौतम लाल मीणा, अमृत लाल मीणा, गोपीचंद मीणा, कैलाश मीणा, हरेंद्र निनामा, नारायण सिंह देवल व शोभा चौहान के शामिल होने की सूचना है. वहीं इनके अलावा तीन निर्दलीय विधायकों के पहुंचने की भी सूचना है. ऐसे में अब आज भाजपा कार्यालय में भी कुछ अन्य विधायक जुट सकते हैं. इसके लिए दर्जनभर विधायक जयपुर पहुंच चुके हैं. 

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भाजपा ने ऐसी किसी प्रकार की बाड़ाबंदी को लेकर साफ इनकार किया: 
वहीं मिल रही जानकारी के अनुसार बीजेपी के बाकी विधायकों की बाड़ेबंदी जयपुर में करने की तैयारी है. संभवत: 12 अगस्त से यह बाड़ेबंदी शुरू होगी. 11 अगस्त से होटल वगैरह तय करने का प्लान है. हालांकि भाजपा ने ऐसी किसी प्रकार की बाड़ाबंदी को लेकर साफ इनकार किया है. पार्टी सूत्रों की माने तो 11 अगस्त को बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर हाईकोर्ट का निर्णय आने की संभावना है. ऐसे में भाजपा भी अलर्ट मोड पर है. इसी के चलते आलाकमान के निर्देश पर करीब एक दर्जन विधायकों को गुजरात शिफ्ट किया गया है.  

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