कलेक्टर के आश्वासन के बाद सीकर में किसानों का महापड़ाव हुआ समाप्त

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/13 05:03

सीकर। किसानों का कलेक्टर के सामने चल रहा महापड़ाव आज 15 वे दिन समाप्त हो गया है। किसानों ने आज कलेक्ट्रेट का घेराव किया तथा राज्य और केंद्र सरकार दोनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। किसान 15 दिनों से प्याज को सरकारी दर पर खरीद एवं प्याज मंडी शुरू कराने की मांग को लेकर महापड़ाव पर बैठे थे। 

आज जब कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया तो किसानों में काफी जोश दिखाई दे रहा था। किसानों के सामने प्याज की फसल को लेकर चिंता थी। किसानों ने प्याज तो पैदा कर लिया, लेकिन उसका खरीदार कोई नहीं था और यह फसल सामने आने लग गई थी। किसानों की लागत मूल्य ₹8 प्रति किलो आ रही थी, जबकि किसान अपने प्याज 2 से ₹3 किलो में बेच रहा था। ऐसे में किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव करना पड़ा। 

आज जिला कलेक्टर ने राज्य सरकार से वार्ता की और राज्य सरकार के उचित आश्वासन के बाद जिला कलेक्टर चोथीराम ने महा पड़ाव स्थल पर आकर किसानों से वार्ता की। कलेक्टर ने आश्वासन दिलाया कि उनकी मांग राज्य सरकार तक पहुंचा दी गई है। जल्दी राज्य सरकार किसानों के प्याज को लेकर फैसला करेगी। वहीं राष्ट्रीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमराराम ने कहा कि आज हम महापड़ाव समाप्त करते हैं। 

अमराराम ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर जमकर निशाने साधे उन्होंने कहा कि आज किसान कर्ज  के तले दब रहा है। प्याज की फसल उनके लिए महंगा सौदा साबित हो गई है। किसान का प्याज ₹2 किलो में बिक रहा है और वही प्याज बाजार में आकर ₹20 किलो में बिक रहा है। सरकार को चाहिए कि वह किसान का प्याज सरकारी दर पर खरीदे। इसी के साथ उन्होंने कहा की हम हर घर घर जाकर किसानों से वार्ता करेंगे और आने वाले वक्त में दोनों ही सरकारों से आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान का चना ₹5000 प्रति क्विंटल नहीं खरीदा जा रहा है, जबकि केंद्र की सरकार ₹12000 प्रति क्विंटल के भाव से बाहर से चने की दाल मंगा रही है, यह किसानों की अनदेखी है। 

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