पुलिस कस्टडी में आरटीआई कार्यकर्ता की मौत के बाद पूरा थाना लाइन हाजिर

पुलिस कस्टडी में आरटीआई कार्यकर्ता की मौत के बाद पूरा थाना लाइन हाजिर

पुलिस कस्टडी में आरटीआई कार्यकर्ता की मौत के बाद पूरा थाना लाइन हाजिर

बालोतरा(बाड़मेर): पचपदरा पुलिस थाने में शांती भंग के आरोप में गिरफ्तार किये गये युवक की पुलिस हिरासत में मौत होने के बाद पचपदरा पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई तरह के सवाल खड़े हो गये. पचपदरा थाने के थानाधिकारी सरोज चौधरी की कार्यशैली विवादों में रही हैं ऐसे में आरटीआई कार्यकर्ता की मौत के बाद अन्य आरटीआई कार्यकर्ताओं सहित परिजनों ने मौत को संदिगध मानते हुए पचपदरा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये. मृतक जगदीश की मां ने मीडिया को बताया कि मेरा बेटा आरटीआई कार्यकर्ता था जो किसी से नही डरता था ऐसे में पुलिस ने उसके साथ गलत किया हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए, मां ने मीडिया से गुहार लगाई आप ही कुछ करिये पुलिस अधिकारी कोई कार्रवाई नही करेंगे. घटना की गंभीरता को देखते हुए बाड़मेर पुलिस अधीक्षक ने थानाधिकारी सरोज चौधरी सहित पूरे स्टाफ को लाईन हाजिर कर दिया. मृतक का देर रात मजिस्ट्रेक की उपस्थिति में कैमरे की निगरानी में पोस्टमार्टम किया गया. 

क्या था पूरा मामला: 
जानकारी के अनुसार शनिवार को जमीनी विवाद को लेकर सराणा गांव से पुलिस ने तीन जनों को हिरासत में लिया था तथ पुलिस ने धारा 151 में तीनों को गिरफ्तार किया था, जिसमें से दो आरोपियों को पचपदरा तहसीलदार के समक्ष पेश किया गया जिनको जमानत पर रिहा कर दिया गया था. लेकिन जगदीश गोलिया की तबीयत सही नही होने से उसको मजिस्टे्रेड के सामने पेश बजाय नाहटा अस्पताल लाया गया जहां पर चिकित्सकों ने जगदीश को मृत घोषित कर दिया.  

मृतक की मां ने लगाये गंभीर आरोप: 
जगदीश गोलिया की संदिग्ध हालातों में मौत को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगया. मृतक की मां वरजू देवी ने मीडिया को बताया कि जगदीश निडर था और आरटीआई के तहत भ्रष्टाचार उजागर करता था, जागरूक होने से पुलिस अधिकारियों और कलक्टर से भी नही डरता था ऐसे में इसकी मौत होना समझ से परे हैं. पुलिस अधीक्षक पचपदरा थाने को लाईन हाजिर करने की बात कह रहे हैं यह कोई सजा नही हैं, पुलिस वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.  

पुलिस अधीक्षक की मीडिया से वार्ता: 
पूरे मामले को लेकर बाडमेर पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी भी बालोतरा पहुंचे, स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी लेने के बाद मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पचपदरा पुलिस थानाधिकारी सरोज चौधरी सहित पूरे थाने को लाईन हाजिर कर दिया गया हैं. पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच करवाई जायेगी. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मामले की जांच करेंगे जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.  
उन्होंने बताया कि जगदीश गोलिया की मां ने पचपदरा थानाधिकारी सरोज चौधरी सहित अन्य स्टाफ के खिलाफ धारा 302 में एफआईआर दी गई हैं जिसको दर्ज की जाकर बालेातरा पुलिस उपाधीक्षक को जांच सौंपी जायेगी.  

विवादो में रही सरोज चौधरी: 
पचपदरा थानाधिकारी सरोज चौधरी पहले भी विवादों में रही हैं. अवैध बजरी खनन मामलों में जमकर वारे न्यारे किये थे तथा खबर करने पर पत्रकारों की भी धमकियां दी गई थी, इसके अलावा जनता में भी इसकी रिपोर्ट साफ नही रही हैं. 

बाड़मेर हुआ था तबादला, सिंगल आदेश से आई थी वापस: 
गत दिनों बाडमेर पुलिस अधीक्षक ने कई थानाधिकारियों का तबादला किया था उसके सरोज चौधरी को बाडमेर अपराध शाखा में लगाया गया था, लेकिन पुलिस अधीक्षक ने अपने ओदश को हाथो-हाथ बदलते हुए फिर से सिंगल ऑर्डर जारी करते हुए सरोज चौधरी को पचपदरा थानाधिकारी लगाया. उस दौरान मीडिया में खबरे भी चली थी कि एक पुलिस सब इंस्पेक्टर को हाईवे थाने से लगाव, हाथों-हाथ करवा दिया तबादला निरस्त. ऐसे में विवादों रहने वाली थानाधिकारी सरोज चौधरी को लाईन हाजिर होना पड़ा हैं. 

गायब हुआ पचपदरा थाने का स्टाफ: 
आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश गोलिया की मौत के बाद पचपदरा पुलिस थाने का पूरा स्टाफ की गायब हो गया. थानाधिकारी सहित पूरा स्टाफ थाने से नदारद नजर आया. ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर शक गहराता नजर आ रहा हैं.  

बालोतरा में बुलाया अतिरिक्त जाब्ता: 
आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश गोलिया की मौत के बाद बालोतरा में  पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता बुलाया तथा मंडली थानाधिकारी हरचंद देवासी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल नाहटा अस्पताल में मौजूद रहा, साथ ही आंसू गैंस छोडने के वज्र वाहन को भी बालोतरा लाया गया. 

...बालोतरा से फर्स्ट इंडिया के लिए बंशीलाल चौधरी की रिपोर्ट 

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