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VIDEO: निकाय चुनाव परिणाम के बाद अब मंत्रीपरिषद फेरबदल और विस्तार की संभावनाएं, ये विधायक बन सकते हैं मंत्री

VIDEO: निकाय चुनाव परिणाम के बाद अब मंत्रीपरिषद फेरबदल और विस्तार की संभावनाएं, ये विधायक बन सकते हैं मंत्री

जयपुर: निकाय चुनावों के परिणामों ने राजनीति में नये समीकरण बनाने का प्रयास किया है. छोटे सरकार के चुनावों में पहले ही कांग्रेस ने बाजी मार ली थी फिर निकाय प्रमुखों के चुनावों में भी विपक्षी दल पर सत्ताधारी दल की बढ़त देखने को मिली. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की रणनीति ,कांग्रेस संगठन की सक्रियता और EWS जैसे फैसलों के असर ने उन निकायों में भी प्रमुख बना लिये जहां पर बहुमत कांग्रेस का नहीं था. इन परिणामों के बाद सत्ताधारी दल कांग्रेस के अंदर भावी बदलाव देखने को मिल सकते है चाहे मंत्रीपरिषद हो या फिर कांग्रेस संगठन. उधर दो उपचुनाव के परिणामों से कुछ खास हासिल नहीं कर पाई बीजेपी को निकाय चुनावों ने बड़ा झटका दे दिया, पहले लिटमस टेस्ट को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया पास नहीं कर पाये, अभी पंचायत चुनावों की अग्निपरीक्षा भी उनके सामने है. जनता ने कड़ी से कड़ी जोड़ दी.      

अशोक गहलोत अब अपना पिटारा खोल सकते है: 
सियासत के जादूगर कहे जाने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब अपना पिटारा खोल सकते है. निकाय चुनावों में मिली सफलता के बाद ऐसी उम्मीद की जा रही है. लिहाजा उम्मीद है मंत्रीपरिषद फेरबदल और विस्तार की ,उम्मीद है राजनीतिक नियुक्तियों से जुड़ी सौगात की. निकाय चुनावों और उसके बाद प्रमुखों के चुनाव में कांग्रेस को बड़ी सफलता मिली. 49 में से 37 निकायों में प्रमुख बना लेना बड़ी बात है. ऐसे में निगाहें गढ़ गई है सीएम गहलोत पर कि वो अब क्या निर्णय भविष्य में लेने जा रहे है. संभावनाएं है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सियासी फैसले ले सकते है इनमें प्रमुख है मंत्रीपरिषद फेरबदल और विस्तार. इस विस्तार और फेरबदल में निर्दलीय और कांग्रेस में आये अन्य दलों के विधायकों को भी जगह मिल सकती है. इसके अलावा नये विकल्प के तौर पर आयोग और बोर्ड में भी जगह दी जा सकती है. दो या तीन उप मुख्यमंत्री बनाये जाने की भी जोरदार चर्चाएं. अब उन कद्दावर विधायकों के नाम की चर्चा जिन्होंने छोटे सरकार के चुनावों में अपनी परफोरमेंस से खुद को साबित किया, इनमें से कुछ ने अपनी क्षमता के बाद मंत्रीपरिषद में आने के लिये दरवाजा खटखटाया है. 

--------चमके विधायक---------
--संदीय यादव..कांग्रेस विधायक
-भिवाड़ी नगर परिषद में कांग्रेस का प्रमुख बनवाया
-बसपा से कांग्रेस में आये है संदीप

--कांति मीना..निर्दलीय विधायक
-थानागाजी से निर्दलीय विधायक
-कांग्रेस का प्रमुख बनाने का काम किया

--मेवाराम जैन..कांग्रेस विधायक
-बाड़मेर से कांग्रेस का बोर्ड और प्रमुख बनाया
-बाड़मेर से दूसरी बार कांग्रेस के विधायक है जैन

---सुभाष गर्ग..राज्य मंत्री व भरतपुर के विधायक
-भरतपुर नगर निगम में कांग्रेस का मेयर बनाने में रही भूमिका
-गहलोत मंत्रीपरिषद में उनकी बढ़ सकती है भूमिका
-आरएलडी के विधायक लेकिन गहलोत टीम में माने जाते है

---राजेन्द्र सिंह विधूड़ी ..कांग्रेस विधायक
-रावतभाटा में कांग्रेस का बोर्ड और प्रमुख बनाने का क्रेडिट मिला
-कांग्रेस में गुर्जर नेता के तौर पर चर्चित
-दिल्ली के रसूखातों के बल पर सियासत में मुकाम
-करीब 20साल बाद रावतभाटा में कांग्रेस का प्रमुख बना

---कृष्णा पूनिया..विधायक कांग्रेस
-राजगढ़ में कस्वां परिवार का तिलिस्म तोड़ा
-पहले विधानसभा में हराया अब निकाय में भी
-राजगढ में कांग्रेस का प्रमुख बनाने में कामयाब रही

---राजकुमार गौड़ ..निर्दलीय विधायक
-श्रीगंगानगर में कांग्रेस का प्रमुख बनाने में योगदान दिया
-जिसे विधानसभा चुनावों में परास्त किया था उसी का किया सहयोग
-जीते निर्दलीय लेकिन सीएम गहलोत को मानते है अपना नेता

---विनोद लीलावाली....विधायक हनुमानगढ़
-हनुमानगढ़ में प्रमुख बनाने में सफलता मिली
-विनोद लीलावाली पहले भी रह चुके है मंत्री
-हनुमानगढ़ की सफलता से उनका कद बढ़ा

---रीटा चौधरी ..विधायक मंडावा
-बिसाऊ में कांग्रेस का परचम फहराया
-हाल ही में विधानसभा का उपचुनाव जीता था
-दूसरी बार मंडावा से विधायक है रीटा
-कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय रामनारायण चौधरी की बेटी

---बृजेन्द्र ओला........विधायक झुंझुनूं
-निकाय में भी ओला परिवार की बादशाहत कायम
-शहर में भी ओला परिवार की मेहनत रंग लाई
-बृजेन्द्र ओला पहले भी रह चुके है मंत्री

---भरत सिंह ...विधायक कांग्रेस
-कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने सांगोद के शहर में बनाई सरकार
-निकाय प्रमुख और बोर्ड दोनों बनवाये
-भरत सिंह पिछली गहलोत सरकार में भी रह चुके पीडब्लूडी मंत्री

---चेतन डूडी ..विधायक डीडवाना
-डीडवाना में कांग्रेस को बड़ी जीत मिली
-डूडी पहली बार बने है कांग्रेस के विधायक
-संसदीय सचिव पद के लिये नाम चर्चा में

----सुरेश मोदी ...कांग्रेस विधायक 
-नीम का थाना में मोदी परिवार ने परम्परागत गढ़ में लोहा मनवाया
-बोर्ड और प्रमुख दोनों बनाने में रहे कामयाब
-बाजौर-खंडेलवाल की महायुति को उन्होंने धवस्त किया

---राजेन्द्र पारीक .......कांग्रेस विधायक
-सीकर नगर परिषद में हाथ की फिर सरकार
-राजेन्द्र पारीक ने अपनी क्षमता को साबित किया
-पारीक पिछली गहलोत सरकार में थे काबिना मंत्री
-इस सफलता से उनके हौंसले बुलंद,दावा मंत्री का

--संयम लोढ़ा..निर्दलीय विधायक
-सिरोही-शिवगंज दोनों में लोहा मनवाया
-हाथ से नहीं बने विधायक लेकिन निकाय में हाथ को किया मजबूत
-दोनों जगहों के निकाय प्रमुख बने कांग्रेस के नेता
-डॉ सीपी जोशी के करीबी माने जाते है लोढ़ा

मंत्रीपरिषद फेरबदल और विस्तार के लिये गहलोत इस समय को चुन सकते है जब कांग्रेस के अंदर फीलगुड़ का एहसास ...इसके कई कारण है. पहला कारण महाराष्ट्र में शिवसेना,एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार का निर्माण. महाराष्ट्र की सियासत राजस्थान से भी ताल्लुक रहा. जयपुर के एक रिसोर्ट में ही महाराष्ट्र के कांग्रेस के विधायकों को ठहराया गया था और कमान संभाली थी खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने. उनके विश्वस्त सलाहकार चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा,कृषि मंत्री लालचंद कटारिया,मुख्य सचेतक महेश जोशी ,कांग्रेस नेता धर्मेन्द्र राठौड़ ने टास्क को पूरा किया. यूं कह सकते है कि जयपुर महाराष्ट्र के विधायकों के लिये शुभ साबित हुआ. इससे पहले विधानसभा में मंडावा के उपचुनाव में कांग्रेस को सफलता मिली. मंडावा में कांग्रेस को बड़ी जीत मिली और अब अशोक गहलोत ने निकाय चुनावों में कड़ी से कड़ी जोड़कर जता दिया कि उन्हे यूं ही सियासी जादूगर नहीं कहा जाता. टर्निंग पाइंट के तौर पर अशोक गहलोत का ईडब्लूएस का राहत भरे बदलावों से जुड़ा फैसला बीजेपी के मूल वोट बैंक में सेंध लगाने में मददगार साबित हुआ. निकाय प्रमुखों के चुनावों के आंकड़े बताते है कि करीब 22जगहों पर कांग्रेस के सामान्य वर्ग के नेताओं ने निकाय प्रमुख का पद हासिल किया. इसी फीलगुड़ के बीच उम्मीद की जा रही मंत्रीपरिषद फेरबदल और विस्तार की. 

------------गहलोत कर सकते है मंत्रीपरिषद का फेरबदल और विस्तार-----------
- दो या तीन उप मुख्यमंत्री बनाये जाने की चर्चाएं
- डॉ सीपी जोशी को उपमुख्यमंत्री बनाये जाने की चर्चा,उनके साथ ही लालचंद कटारिया,मा.भंवर लाल मेघवाल-खिलाड़ी लाल बैरवा का नाम भी चर्चाओं में
- जोशी अगर स्पीकर पद पर ही बने रहे तो महेश जोशी या राजेन्द्र पारीक को मंत्रालय मिल सकता है. 
- डॉ सीपी जोशी को मंत्री बनाकर उनकी सियासी कुशलता को इस्तेमाल करने के बारे में सोचा जा रहा.
- महेन्द्रजीत मालवीय को भी फ्रंट में लाया जा सकता है चाहे मंत्रीमंडल हो या फिर प्रदेश कांग्रेस का संगठन. 
- हरीश चौधरी को अपग्रेड़ करने की चर्चाएं
- निर्दलीय विधायकों में से कुछ दिग्गज चेहरों को जगह मिल सकती है.
- बसपा से कांग्रेस में आये विधायकों में से कुछ को आयोग-बोर्ड चैयरमेन बनाये जाने की चर्चा-मंत्री अथवा संसदीय सचिव भी संभव
- ईडब्लूएस के फैसले के कारण राजपूत-ब्राह्मण-वैश्य नेताओं को तरजीह मिलने की संभावना
- राजनीतिक नियुक्तियों का पिटारा खुल सकता है जिसका बेसब्री से इंतजार हो रहा 

बीजेपी इन दिनों झंझावतों से जूझ रही. आपसी एकता और सामंजस्य के अभाव के कारण बीजेपी ना तो उपचुनाव और ना ही निकाय चुनावों में कोई छाप छोड़ पाई. बीजेपी के नये प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को विरासत में कांटो का ताज मिला है लिहाजा उन्हें चुनौतियों का डटकर मुकाबला करना होगा. पहले टेस्ट में तो वो उतीर्ण नहीं हो पाये लेकिन भविष्य में चुनौती मिलने वाली है पंचायत चुनावों की, इनमें कांग्रेस सदैव मजबूत रहती आई है. 

....फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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जयपुर: नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी का आभार जताया है. डोटासरा ने कहा कि पार्टी ने जो मुझे इज्जत बख्शी है,मैं बहुत आभार व्यक्त करता हूं. प्रदेश कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने की लिए हमेशा तत्पर प्रयास करूंगा. कांग्रेस संगठन के कार्यकर्ताओं ने राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनाने में मेहनत की. उनकी भावनाओं के अनुरूप काम करूंगा. साल 2023 में कांग्रेस के को सत्ता में लाने के लिए अभी से रणनीति बनाएंगे.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुलाई बैठक, शाम 7.30 बजे होगी CMR में कैबिनेट मीटिंग

3 मंत्रियों को पद से हटाया:
इससे पहले राजस्थान में चल रहे सियासी घटनाक्रम के चलते कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल, अविनाश पांडे, रणदीप सुरजेवाला और अजय माकन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने तीन मंत्रियों को बर्खास्त किया है. इसमे सचिन पायलट, विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा शामिल है. 

पायलट को पीसीसी चीफ से भी हटाया:
वहीं सचिन पायलट को पीसीस चीफ पदे से भी हटाया गया है. उनके स्थान पर  गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने हैं. वहीं मुकेश भाकर को यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर उनके स्थान पर गणेश घूघरा को यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं हेमसिंह शेखावत सेवादल प्रदेशाध्यक्ष होंगे. 

कांग्रेस सेवादल के नए अध्यक्ष हेम सिंह शेखावत पहुंचे PCC, कहा-हम बहुत अच्छा काम करेंगे,संगठन को और मजबूत बनाएंगे

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जयपुर: कांग्रेस सेवादल के नए अध्यक्ष हेम सिंह शेखावत राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे. जहां पर उन्होंने पूर्व PM राजीव गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. हेम सिंह ने कहा कि मैं कांग्रेस का निष्ठावान कार्यकर्ता हूं. सोनिया गांधी जी ने मुझ पर भरोसा किया है. उनका मैं आभार व्यक्त करता हूं. मैं आज से संगठन में कार्य काम करना शुरू कर रहा हूं. कांग्रेस ने हमेशा जनहित के लिए काम किया है. सेवादल के सभी कार्यकर्ता निष्ठावान हैं. हम बहुत अच्छा काम करेंगे, संगठन को और मजबूत बनाएंगे.

गोविंद सिंह डोटासरा बने कांग्रेस के नए पीसीसी चीफ, सचिन पायलट बर्खास्त

तीन मंत्रियों को किया बर्खास्त:
इससे पहले राजस्थान में चल रहे सियासी घटनाक्रम के चलते कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल, अविनाश पांडे, रणदीप सुरजेवाला और अजय माकन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने तीन मंत्रियों को बर्खास्त किया है. इसमे सचिन पायलट, विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा शामिल है.

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गुलाबचंद कटारिया बोले, गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई है, बहुमत साबित करना चाहिए

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जयपुर: राजस्थान में कांग्रेसी सियासी घमासान के बीच नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि कांग्रेस अपने ही झगड़ों से समाप्ति की ओर जा रही है. उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई है. अभी यह तय नहीं है कि बहुमत है या नहीं. मंत्री पद बांट कर बहुमत साबित करने का प्रयास करेंगे. इन्हें फ्लोर पर बहुमत साबित करना चाहिए. मंत्री पद बांटने का अधिकार अल्पमत की सरकार को नहीं है. गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि हमने इस पूरे मामले पर वसुंधरा राजे से बात की है. वे कल जयपुर आएंगी. उसके बाद आगामी रणनीति पर चर्चा होगी. राजे कल होने वाली बैठक में शामिल होंगी.

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अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में भाजपा:
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने फर्स्ट इंडिया से बातचीत में कहा था कि हम अभी फ्लोर टेस्ट की मांग नहीं कर रहे है, हम अभी बस पूरे मामले पर वॉच कर रहे है.पहले यह तो देख लो कि किस गुट के पास कितने विधायक है. विधायकों की संख्या क्लियर होने के बाद ही बीजेपी अगला स्टेप उठाएगी. तब तक वेट एंड वॉच की स्थिति में भाजपा है. वहीं अविश्वास प्रस्ताव को लेकर गुलाबचंद कटारिया बोले, अविश्वास प्रस्ताव के नियमों को देखते हुए ही बीजेपी आगामी रणनीति बना रही है.

कांग्रेस की विदाई का आ गया समय:
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने प्रेसवार्ता में कहा कि कांग्रेस की विदाई का समय आ गया है. कांग्रेस आज देश में अप्रासंगिक हो गई है. राजस्थान बड़ा प्रदेश था. पीसीसी चीफ होने के कारण सचिन पायलट का हक था. वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा हुई. युवा नेताओं को दरकिनार किया गया है, जो देश में सत्ता में आना चाहते थे. वो प्रदेश में अपनी सरकार नहीं संभाल पाए. परिस्थिति को देखते हुए आगामी रणनीति बनाई जाएगी.

Rajasthan Political Crisis: मुख्यमंत्री गहलोत ने की राज्यपाल से मुलाकात, कल हो सकता है प्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल 

Rajasthan Political Crisis: बागियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव पारित, कांग्रेस विधायक दल की बैठक जारी

Rajasthan Political Crisis: बागियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव पारित, कांग्रेस विधायक दल की बैठक जारी

जयपुर: कांग्रेस विधायक दल की बैठक से बड़ी खबर निकल कर सामने आई है. बागियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव पारित हो गया है. मंत्री शांति धारीवाल ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव रखा जिसका सभी विधायकों ने दोनों हाथ खड़े करके समर्थन किया. ऐसे में अब पायलट को सभी पदों से बर्खास्त किया जा सकता है. पायलट को प्रदेशाध्यक्ष पद से साथ मंत्रिमंडल से भी बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. इसके साथ सभी बागी विधायकों को पार्टी से निष्कासित किया जा सकता है.

Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू, अपनी बात मनवाने पर अड़ा पायलट गुट!

विधायकों ने अशोक गहलोत को ही अपना नेता करार दिया: 
इससे पहले गहलोत समर्थक विधायकों ने बागियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है. कांग्रेस पार्टी पायलट के आने की उम्मीद लगाई बैठी थी लेकिन सचिन पायलट की ओर से बिल्कुल मना कर दिया गया. बैठक में विधायकों ने अशोक गहलोत को ही अपना नेता करार दिया है. सभी विधायक अशोक गहलोत का समर्थन कर रहे हैं. ऐसे में सचिन पायलट गुट को ये बड़ा झटका माना जा रहा है. 

कांग्रेस ने पायलट पर कार्रवाई करने का मन बना लिया: 
वहीं कांग्रेस अब विधायक दल की बैठक में नहीं शामिल हुए विधायकों को नोटिस भेजने की तैयारी में है. पार्टी की ओर से बार-बार विधायकों को चेतावनी दी गई थी, लेकिन कोई भी शामिल नहीं हुआ. वहीं सूत्रों की माने तो अब कांग्रेस आलाकमान ने सचिन पायलट से और कोई बात नहीं करने का मन बना लिया है. उनका मानना है कि पायलट को मनाने की जितनी कोशिश हो सकती थी वो की जा चुकी हैं. ऐसे में अब माना जा सरहा है कि कांग्रेस ने पायलट पर कार्रवाई करने का मन बना लिया है और उनके समर्थक विधायकों पर भी सख्त फैसला लिया जा सकता है. 

VIDEO: सचिन पायलट समर्थक विधायक भंवरलाल शर्मा का बयान, कहा- फ्लोर टेस्ट में सब कुछ क्लीयर हो जाएगा 

रणदीप सुरजेवाला व अविनाश पांडे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे:
कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले सीएम अशोक गहलोत ने केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला, अविनाश पांडे,अजय माकन और विवेक बंसल से अमह चर्चा की. चर्चा में आगे की रणनीति पर बात हुई. इसके साथ ही विधायक दल की बैठक के बाद रणदीप सुरजेवाला व अविनाश पांडे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. 

Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू, अपनी बात मनवाने पर अड़ा पायलट गुट!

Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू, अपनी बात मनवाने पर अड़ा पायलट गुट!

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच एक बार फिर विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है. कांग्रेस के विधायक जयपुर के फेयरमॉन्ट होटल में है. बैठक में विधायकों ने अशोक गहलोत को ही अपना नेता करार दिया है. वहीं सूत्रों की माने तो सचिन पायलट आज होने वाली विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे तो उन पर कार्रवाई हो सकती है. इसके अलावा सचिन पायलट के समर्थक विधायक भी अगर बैठक में नहीं आए तो उनपर भी कार्रवाई के लिए विधानसभा अध्यक्ष से उनकी सदस्यता रद्द करने के लिए कहा जा सकता है. 

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गहलोत को सीएम के पद से हटाने पर ही समझौता हो पाएगा: 
राजस्थान में पायलट का गुट अपनी बात पर अड़ गया है. पायलट गुट के विधायकों ने कहा कि जब तक मान सम्मान की गारंटी नहीं होगी, तब तक वापसी नहीं होगी और मान-सम्मान तब तक वापस नहीं मिलेगा जब तक लीडरशिप चेंज नहीं होगा. सूत्रों के मुताबिक पायलट गुट ने आलाकमान के पास संदेश भिजवा दिया है कि अशोक गहलोत को सीएम के पद से हटाने पर ही समझौता हो पाएगा. फिलहाल जयपुर आने का कोई कार्यक्रम नहीं है और बीजेपी में जाने का भी कोई कार्यक्रम नहीं है.

सचिन पायलट को बीजेपी में आना चाहिए: 
दूसरी ओर राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि सचिन पायलट को बीजेपी में आना चाहिए क्योंकि बीजेपी में युवा शक्ति का सम्मान होता है और सीनियर नेताओं को भी पूरा आदर दिया जाता है. सचिन पायलट को बीजेपी में आने के बारे में सोचना चाहिए.

Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ मीटिंग कर रहे सीएम गहलोत, आगे की रणनीति पर कर रहे चर्चा 

सौ से अधिक विधायकों को साथ लेकर गहलोत ने अपनी ताकत दिखाई: 
जयपुर में सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सौ से अधिक विधायकों को साथ लेकर अशोक गहलोत ने अपनी ताकत दिखाई. साथ ही साफ कर दिया कि विधायक उनके साथ हैं. लेकिन अब एक बार फिर आज पार्टी ने बैठक बुलाई है. जिसमें सचिन पायलट समेत अन्य विधायकों को एक मौका और दिया है. 

कांग्रेस विधायक दानिश अबरार बोले, सरकार के पास बहुमत से ज्यादा नंबर हैं

जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट अभी भी बरकरार है, इस बीच कांग्रेस विधायक दानिश अबरार ने कहा कि सरकार के पास बहुमत से ज्यादा नंबर हैं. अभी 109 विधायक एक छत के नीचे है. वहीं सचिन पायलट को लेकर दानिश अबरार ने कहा पायलट अभी भी उप मुख्यमंत्री और पीसीसी अध्यक्ष हैं. वहीं मुकेश भाकर के ट्वीट को लेकर दानिश ने कहा कि किसी को भी व्यक्तिगत बात कहने का अधिकार है. इससे पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सीएम गहलोत के शक्ति प्रदर्शन के बाद अब सचिन पायलट का बड़ा बयान सामने आया है. ये बयान एक टीवी चैनल के माध्यम से सामने आया है. जिसमें सचिन पायलट ने कहा कि हमने समझौते की कोई शर्त नहीं रखी है. साथ ही आलाकमान में मेरी किसी से कोई बात नहीं हुई है. साथ ही उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत के पास सिर्फ 84 विधायक हैं, जबकि बाकी सभी विधायक मेरे साथ है.

राजस्थान सियासी संकट को सुलझाने के प्रयास:
पहले जानकार सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई थी, उसमें कहा गया था कि अब राजस्थान सियासी संकट को सुलझाने के प्रयास हो रहे हैं. खुद प्रियंका गांधी इसकी मध्यस्थता कर रही है. सूत्रों के मु​ताबिक प्रियंका गहलोत और पायलट दोनों से बात कर रही है. ऐसे में जानकारी के मुताबिक पायलट ने आलाकमान के सामने कुछ मांगे रखी है. सूत्रों के अनुसार पायलट गृह और वित्त विभाग खुद के पास रखना चाहते हैं. इसके साथ ही अपने करीबी 4 विधायकों को मंत्री बनाने की मांग की है. वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद भी पायलट अपने पास रखना चाहते हैं. 

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राजस्थान में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की:
इससे पहले बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने ट्वीट करके राजस्थान में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस बहुमत साबित करें. 

अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा:
इससे पहले राजस्थान सरकार पर मंडराते खतरे के बीच कांग्रेस विधायक दल की सोमवार को सीएमआर में बैठक हुई. जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार पर मंडराता खतरा हटता हुआ नजर आया. सीएमआर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सौ से ज्यादा विधायक पहुंचे. जहां पर सीएम अशोक गहलोत ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए विक्ट्री साइन दिखाया. इसके साथ ही संदेश दिया कि उनके पास बहुमत है और सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित होते दिखाई दे रहे हैं. बैठक के बाद सभी अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा की गई. पार्टी या सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल विधायकों, पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. प्रदेश की जनता की सेवा के प्रति विधायक दल संकल्पबद्ध है. प्रस्ताव में  विधायक दल ने मुख्यमंत्री गहलोत पर विश्वास जताया है.

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भाजपा की राजस्थान में फ्लोर टेस्ट की मांग, कहा-बहुमत साबित करें कांग्रेस

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जयपुर: कांग्रेस विधायक दल की बैठक में गहलोत सरकार के शक्ति प्रदर्शन के बाद अब बीजेपी के अमित मालवीय ने ट्वीट करके राजस्थान में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस बहुमत साबित करें. लेकिन अभी तक बीजेपी राजस्थान की ओर से ऐसा बयान सामने नहीं आया है. आपको बता दें कि अमित मालवीय बीजेपी के आईटी सेल के हेड और बीजेपी प्रवक्ता भी है.

होटल फेयरमोंट पहुंचे कांग्रेस विधायक:
इससे पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद 4 लग्जरी बसों से कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री आवास से होटल फेयरमोंट पहुंचे. जहां पर सभी विधायकों की बाड़ेबंदी की जाएगी. पहली बस में ममता भूपेश रवाना हुई. तीसरी बस से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रवाना हुए. मुख्यमंत्री गहलोत विक्ट्री साइन दिखाते हुए विधायकों के साथ बसों से रवाना हुए. रणदीप सुरजेवाला और अविनाश पांडे भी साथ हैं. सभी विधायकों ने परिजनों को सूचना देकर सामान मंगवाया है. 

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अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा:
सभी विधायक 2 दिन  होटल फेयरमोंट में रहेंगे. राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पारित हुआ. सभी विधायकों ने गहलोत नेतृत्व वाली सरकार के प्रति पूर्ण समर्थन का प्रस्ताव पारित किया. बैठक के बाद सभी अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा की गई. पार्टी या सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल विधायकों, पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. प्रदेश की जनता की सेवा के प्रति विधायक दल संकल्पबद्ध है. प्रस्ताव में  विधायक दल ने मुख्यमंत्री गहलोत पर विश्वास जताया है.

सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित:
इससे पहले राजस्थान सरकार पर मंडराते खतरे के बीच कांग्रेस विधायक दल की सोमवार को सीएमआर में बैठक हुई. जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार पर मंडराता खतरा हटता हुआ नजर आया. सीएमआर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सौ से ज्यादा विधायक पहुंचे. जहां पर सीएम अशोक गहलोत ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए विक्ट्री साइन दिखाया. इसके साथ ही संदेश दिया कि उनके पास बहुमत है और सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित होते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में अब सचिन पायलट के अगले कदम पर सबकी नजरे टीक गई है.

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CMR में विधायक दल की बैठक खत्म, 4 लग्जरी बसों से होटल फेयरमोंट लाए गए सभी विधायक

CMR में विधायक दल की बैठक खत्म, 4 लग्जरी बसों से होटल फेयरमोंट लाए गए सभी विधायक

जयपुर: कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद 4 लग्जरी बसों से विधायक होटल के लिए रवाना हुए. मुख्यमंत्री आवास से होटल फेयरमोंट के लिए बसें रवाना हुई. जहां पर सभी विधायकों की बाड़ेबंदी की जाएगी. पहली बस में ममता भूपेश रवाना हुई. तीसरी बस से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रवाना हुए. मुख्यमंत्री गहलोत विक्ट्री साइन दिखाते हुए विधायकों के साथ बसों से रवाना हुए. रणदीप सुरजेवाला और अविनाश पांडे भी साथ हैं. सभी विधायकों ने परिजनों को सूचना देकर सामान मंगवाया है. 

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अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा:
सभी विधायक 2 दिन  होटल फेयरमोंट में रहेंगे. राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पारित हुआ. सभी विधायकों ने गहलोत नेतृत्व वाली सरकार के प्रति पूर्ण समर्थन का प्रस्ताव पारित किया. बैठक के बाद सभी अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा की गई. पार्टी या सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल विधायकों, पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. प्रदेश की जनता की सेवा के प्रति विधायक दल संकल्पबद्ध है. प्रस्ताव में  विधायक दल ने मुख्यमंत्री गहलोत पर विश्वास जताया है.

सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित:
इससे पहले राजस्थान सरकार पर मंडराते खतरे के बीच कांग्रेस विधायक दल की सोमवार को सीएमआर में बैठक हुई. जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार पर मंडराता खतरा हटता हुआ नजर आया. सीएमआर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सौ से ज्यादा विधायक पहुंचे. जहां पर सीएम अशोक गहलोत ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए विक्ट्री साइन दिखाया. इसके साथ ही संदेश दिया कि उनके पास बहुमत है और सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित होते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में अब सचिन पायलट के अगले कदम पर सबकी नजरे टीक गई है.

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