भामाशाहों की पहल, नेकी की दीवार के बाद अब शुरू की नेकी की रसोई

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/30 10:59

झुंझुनू। नवाचारों के मामले में झुंझुनू जिला प्रदेश ही नहीं पूरे देश में एक अलग पहचान बना चुका है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान हो या नशा मुक्ति अभियान, शिक्षा, खेल या महिला उत्थान हो या चिकित्सा स्वास्थ्य क्षेत्र, झुंझुनू जिले ने कई नवाचार और कीर्तिमान अपने नाम किए हैं। यहां के भामाशाहों ने भी नवाचारों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। जरूरतमंदों को कपड़े उपलब्ध कराने के लिए झुंझुनू में कुछ युवाओं ने मिलकर नेकी की दीवार बनाई। पहनने योग्य पुराने कपड़ों को फेंकने की बजाए लोग नेकी की दीवार पर छोड़ जाते हैं जो जरूरतमंदों के काम आ जाते हैं। 

युवा भामाशाह देवकीनंदन कुमावत ने बताया कि नेकी की दीवार के बाद उन्होंने नेकी की रसोई शुरू की जो राजकीय भगवान दास खेतान (बीडीके) अस्पताल की कैंटीन में संचालित है। देवकीनंदन ने बताया की अस्पताल में दूर-दूर से मरीज आते हैं। उनके साथ आने वाले परिजनों को खाना खाने के लिए अच्छे रेस्टोरेंट की तलाश में भटकना पड़ता है। उनकी पीड़ा को देखते हुए देवकीनंदन ने अपने दोस्तों से मशवरा किया और नेकी की रसोई शुरू करने पर सबकी सहमति बनी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से बात कर अस्पताल के कैंटीन में ही नेकी की रसोई शुरू कर दी। जहां रोजाना शाम पांच से सात बजे तक गरमा गरम भोजन मरीजों के परिजनों उपलब्ध कराया जाता है वह भी निशुल्क। भोजन के बाद व्यक्ति खुद ही अपनी थाली मांज कर भी रखते हैं। देवकीनंदन ने बताया कि नेकी की रसोई में हर रोज अलग मीनू होता है। 

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