आगरा रोड इलाके के विकास का खुला रास्ता, जेडीए ने इलाके के लिए गाइडलाइंस की  मंजूर

जयपुर: प्रदेश की राजधानी जयपुर के आगरा रोड इलाके के लिए बड़ी खुशखबरी है. यहां के करीब 40 वर्ग किलोमीटर इलाके के विकास के लिए की जाने वाली गतिविधियों का रास्ता खोल दिया गया है जयपुर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए गाइडलाइन को मंजूरी दे दी है इस इलाके में आखिर किस तरह की गतिविधियां हो सकेंगी और उनके क्या मापदंड होंगे जानने के लिए देखे फर्स्ट इंडिया न्यूज़ की यह खास रिपोर्ट.

परकोटे की तर्ज पर यहां बनेगी हेरिटेज सिटी:
पिछली अशोक गहलोत सरकार के समय आगरा रोड पर खो नागोरियान व जगतपुरा से लगते 39.20 वर्ग किलोमीटर इलाके में नया जयपुर योजना प्रस्तावित की थी. पुराने मास्टर प्लान के अनुसार इसमें से करीब 29 वर्ग किलोमीटर हिस्सा इलाका इकोलॉजिकल जोन में आता है. बाद में सरकार ने नया जयपुर योजना को वापस ले लिया. वर्ष 2011 जून में जयपुर के नए मास्टर प्लान में नया जयपुर योजना के प्रस्तावित इलाके में ग्रीन सिटी और हेरिटेज सिटी प्रस्तावित की गई थी. गुलाब कोठारी प्रकरण में हाईकोर्ट ने 12 जनवरी 2017 को आदेश दिए कि पुराने मास्टर प्लान में जो इकोलॉजिकल जोन था उसे मौजूदा मास्टर प्लान में भी इकोलॉजिकल जोन रखा जाए. आपको बताते हैं कि हाईकोर्ट के इस आदेश के चलते इस इलाके में पूर्व में प्रस्तावित ग्रीन सिटी और हेरिटेज सिटी की योजना में अब किस तरह का बदलाव किया गया है.

योजना में यूं किया गया बदलाव

-आगरा रोड के उत्तर में 25.10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ग्रीन सिटी योजना प्रस्तावित की गई थी
- पुराने मास्टर प्लान के अनुसार अब यह पूरा क्षेत्र ही इकोलॉजिकल जोन में आ गया है 
-यहां केवल इकोलोजिकल क्षेत्र में अनुज्ञेय गतिविधि की ही अनुमति होगी
-आगरा रोड के दक्षिण दिशा में गोनेर रोड पर गोविन्दपुरा रोपाड़ा के नजदीक 14.10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में हैरिटेज सिटी प्रस्तावित की गई थी
-इसमें करीब 10 वर्ग किलोमीटर हिस्सा ही पुराने मास्टरप्लान के इकोलोजिकल जोन से बाहर है
- शेष 4 वर्ग किलोमीटर इलाके में इकोलॉजिकल जॉन के अनुसार ही गतिविधियों की स्वीकृति दी जाएगी
-गुलाब कोठारी मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जेडीए ने मामला सरकार को भेजा
- सरकार ने 11 अक्टूबर 2019 को जेडीए को निर्देश दिए कि हेरिटेज सिटी के बिल्डिंग पैरामीटर्स तैयार किए जाएं

राज्य के नगरीय विकास विभाग का आदेश मिलने के बाद जेडीए के निदेशक आयोजना आरके विजयवर्गीय के नेतृत्व में इस इलाके में स्वीकृत की जा सकने वाली गतिविधियों को लेकर गाइडलाइंस तैयार की गई. जयपुर विकास प्राधिकरण की भवन मानचित्र समिति लेआउट प्लान की हाल ही हुई बैठक में इस गाइडलाइंस को मंजूरी दे दी गई है. आपको बताते हैं मंजूर की गई इन गाइडलाइंस के प्रमुख प्रावधान.

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-जो इलाका पुराने मास्टर प्लान में इकोलॉजिकल जॉन में आता है वहां इकोलॉजिकल जोन के अनुसार ही गतिविधियों की मंजूरी दी जा सकेगी 

-कृषि,बॉटनिकल गार्डन, पक्षी अभयारण्य, फार्म हाउस, नर्सरी, आउटडोर स्टेडियम, खेल का मैदान, पार्क, रिसोर्ट, ढाबा, स्पोर्ट्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, स्विमिंग पूल, एग्रीकल्चरल, वेयरहाउसिंग और फूड स्टोरेज सेंटर आदि गतिविधियों की स्वीकृति दी जा सकेगी

-हेरिटेज सिटी के इकोलॉजिकल जॉन से बाहर 10 वर्ग किलोमीटर इलाके का विकास जयपुर के परकोटे की तर्ज पर मल्टीफंक्शनल जोन के तौर पर होगा 

- किसी भी योजना का आकार न्यूनतम 5 हेक्टेयर होगा जिसमें कोई भी एक प्रमुख इकोनामिक एक्टिविटी होगी

- भूखंड के लिए मिश्रित उपयोग का पट्टा जारी किया जा सकेगा

-यहां जयपुर के परकोटे की तरह भवनों के आगे कंगूरे, झरोखा, फसाड, जाली व अन्य प्राचीन निर्माण शैली रखना अनिवार्य होगा 

-भवन के बाहरी हिस्से में गेरुआ गुलाबी रंग होगा और चारों ओर सफेद पट्टी रहेगी। 

-भूखंडों के सेटबैक यूनिफाइड बिल्डिंग ब्लॉक के अनुरूप होंगे 

-बड़े से बड़े भूखंड क्षेत्रफल में भी 15 मीटर तक ही अधिकतम उंचाई तक निर्माण होगा

-30 मीटर से कम चौड़ी सड़कों का निर्माण विकासकर्ता को करना होगा, इससे अधिक चौड़ी सड़कें जेडीए बनाएगा

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इकोलॉजिकल जॉन से बाहर के हेरिटेज सिटी इलाके में कई प्रकार की गतिविधियों की स्वीकृति दी जा सकेगी. ऑडिटोरियम, होटल, शॉपिंग सेंटर, ग्रुप हाउसिंग, हॉस्टल, स्कूल, अस्पताल आदि तमाम 161 प्रकार की गतिविधियों के लिए बाकायदा पैरामीटर्स इन गाइडलाइंस में तय किए गए हैं. जेडीए इन गाइडलाइंस को अब यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को भेजेगा मंत्री शांति धारीवाल की स्वीकृति के बाद जेडीए अधिसूचना जारी कर इन गाइडलाइंस को इलाके में लागू करेगा.

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