बागी बिगाड़ रहे कांग्रेस का खेल, तो भाजपा को भीतरघात का खतरा

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/06 01:20

आहोर(जालोर)। जालोर जिले की आहोर विधानसभा सीट पहले आम चुनाव के साथ ही सुर्खियों में रही है । 1952 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के दावेदार जयनारायण व्यास ने यहां से चुनाव लड़ा लेकिन आहोर की जनता ने पहले ही चुनाव में जयनारायण व्यास को पटखनी देकर प्रदेश सहित पूरे भारतवर्ष में सनसनी खेज चुनाव परिणाम देकर आहोर को एक अलग पहचान दिलाई थी। उसके बाद हुए हर चुनाव में किसी न किसी दिग्गज नेता ने यहाँ से चुनाव लड़ा । लेकिन पहली बार इस बार के चुनाव में कोई दिग्गज प्रत्याशी मैदान में नही है । दोनों ही बड़ी पार्टियों ने इस बार नौसिखियो को मैदान में उतारा है।

बात भाजपा उम्मीदवार छगनसिंह की करें तो छगनसिंह के जीवन का यह पहला चुनाव है । इसके पहले छगनसिंह ने कोई भी चुनाव नहीं लड़ा है । अपने जीवन का पहला चुनाव और वो भी विधायक का चुनाव । ऐसे में अनुभवहीनता उनके चेहरे पर साफ झलकती दिखाई दे रही है। चुनाव प्रचार के दौरान क्षेत्र में उनकी हर नुक्कड सभा के दौरान छगनसिंह के भाषणों में वो धार दिखाई नही देती जो हर बार भाजपा प्रत्याशी के चुनावी भाषणों में हुआ करती थी । ऐसे में मतदाताओं के दिलो में उतरना उनके लिए बड़ी चुनौती प्रतीत हो रहा है ।

वही बात अगर कांग्रेस प्रत्याशी सवाराम पटेल की करें तो 2013 में विधानसभा चुनाव वो लड़े थे । मगर उन्हें जीत नसीब नही हो पाई थी । वही उनकी वाक्पटुता की बात करें तो सवाराम पटेल के भाषणों में भी वो धार नज़र नही आती जो एक मंझे हुए नेता में होती है ।  ऐसे में गाँवों में उन्हें भी वैसा समर्थन नही मिल रहा जैसा पिछले चुनावों में कोंग्रेस प्रत्याशियों को मिला करता था । 

हालांकि चुनावी मैदान में इन दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों के अलावा बसपा से पंकज मीणा और कांग्रेस से बागी जगदीश चौधरी भी मैदान में डटे हुए है । जिन्होंने गाँव गाँव गली गली जाकर अपना अपना प्रचार किया है । परन्तु आहोर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस को छोड़कर किसी तीसरे प्रत्याशी पर चर्चा ही नहीं है । ऐसे में पूरा चुनावी समीकरण अब जातिगत समीकरणों पर आकर रुक गया है । भाजपा प्रत्याशी जहां सवर्ण वोट बैंक और ओबीसी वोट बैंक के दम पर चुनावी वैतरणी पार करने की कोशिश में जुटी हुई है । वही कांग्रेस चौधरी वोट बैंक के साथ साथ एससी-एसटी और मुस्लिम वोट बैंक से अपना चुनाव जीतने की फिराक में है ।

दोनों तरफ छाया है भीतरघात का खतरा
भीतरघात का खतरा दोनों ही पार्टियों में छाया हुआ है । टिकिट वितरण से पहले दोनों ही पार्टियों के दावेदार दिखावे के तौर पर तो पार्टी प्रचार में साथ दिखाई दे रहे है। लेकिन इनसे भीतरघात की आशंका भी बनी हुई है । भाजपा के निवर्तमान विधायक पुरे चुनाव प्रचार के दौरान क्षेत्र में कहीं भी दिखाई नही दिए । ये साफ़ और स्पष्ट संकेत है कि वो पार्टी प्रत्याशी चुनाव से खुश नही है । ऐसे में वो अपने सर्मथको से कितनी भीतरघात करवाएंगे यही भाजपा की जीत और हार का आंकड़ा तय करेगा । वही कोंग्रेस के पूर्व विधायक के बेटे ने निर्दलीय ताल ठोककर कोंग्रेस के सामने बड़ी चुनोती पेश कर दी है । जगदीश चौधरी और सवाराम पटेल दोनों एक ही जाति से आते है । ऐसे में जगदीश चौधरी को मिलने वाले वोट भी चौधरी जाति से ही आयेंगे ऐसे में जगदीश चौधरी के वोटो का आंकड़ा ही कांग्रेस के सवाराम पटेल की जीत हार सुनिश्चित करेगा।

छगनसिंह भाजपा उम्मीदवार 
ताकत- स्थानीय उम्मीदवार, बेदाग़ चेहरा, एलआईसी अभिकर्ता के रूप में क्षेत्र में मजबूत पकड, 
कमजोरी- निवर्तमान विधायक से चार साल तक की नजदीकियां, अनुभव की कमी 

सवाराम पटेल कोंग्रेस उम्मीदवार 
ताकत- सरल स्वभाव, जातिगत वोटबैंक, पांच साल तक क्षेत्र में सक्रीय, आमजन से सीधा संपर्क 
कमजोरी- बाहरी उम्मीदवार का ठप्पा, जगदीश चौधरी की बगावत, sc/st वोटबैंक खिसकने का डर 
आहोर विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे 
-जवाई कमांड क्षेत्र का विस्तार करवाना 
-उपखंड मुख्यालय पर मुंसिफ कोर्ट खुलवाना 
-उपखंड मुख्यालय पर रिको की मांग 
-आहोर कस्बे को नगरपालिका बनवाना
-भाद्राजुन को तहसील का दर्जा
-क्षेत्र में नर्मदा का पानी पहुँचाना 

कुल मतदाता- 245805
पुरुष- 129454
महिला- 116350
अन्य- 1
 
कुल मतदान केंद्र- 262
कुल राजस्व गाँव- 158 

आहोर विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति 
आहोर विधानसभा क्षेत्र कुल दो पंचायत समिति क्षेत्र में विस्तारित है । जिसमे कुल 158 राजस्व गांव व 3 गैर आबाद गांव सम्मिलित है । जिसमे आहोर पंचायत समिति की कुल 41 ग्राम पंचायतो के कुल 113 राजस्व गांव व 3 गैर आबाद ढाणी शामिल है । वही जालोर पंचायत समिति की 18 ग्राम पंचायत के कुल 45 राजस्व गांव शामिल है । विधानसभा क्षेत्र दो तहसील क्षेत्र में विद्यमान है । जिसमे आहोर तहसील के 139 गांव व जालोर तहसील के 19 गांव शामिल है ।  

23 राजस्व गांव जिनमे नही है मतदान केंद्र 
सांपनी, नोसरा की ढाणी, खाम्बी, कोलोरापादर, थुम्बो का गोलिया, रातानाडा, देवगढ़, कुण्डली, महेशपुरा, खेड़ा धनारी, चवरडा, सुगालिया सिंघलान, मानपुरा, केराल, दयालपुरा द्वितीय, पचानवा, आलावा ए, आलावा बी, रतनपुरा, राजनवाड़ी, बागोतरा, देवदा, तखतपुरा
कैमरामेन ॐ वैष्णव के साथ विक्रमसिंह करणोत, 1st इंडिया न्यूज आहोर

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