जयपुर से हवाई यात्रा महंगी! कई अन्य शहरों की तुलना में यात्रियों को चुकाने पड़ रहे हैं ज्यादा रुपए

जयपुर से हवाई यात्रा महंगी! कई अन्य शहरों की तुलना में यात्रियों को चुकाने पड़ रहे हैं ज्यादा रुपए

जयपुरः जयपुर एयरपोर्ट से हवाई यात्रा करना आम यात्रियों के लिए महंगा पड़ रहा है. दरअसल यहां से यूजर डवलपमेंट फीस के नाम पर भारी भरकम फीस वसूली जा रही है, जो कि देश के कई अन्य एयरपोर्ट्स की तुलना में काफी ज्यादा है. लिहाजा, हर यात्री की जेब पर औसतन 350 रुपए का अतिरिक्त भार पड़ रहा है. 

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से यात्रियों से वसूला जाता है सरचार्जः 
आमतौर पर माना जाता है कि हवाई किराया महंगा होने से एयरलाइंस अपनी जेबें भर रही हैं. ऐसे में ज्यादा बेस फेयर को हवाई किराया महंगा होने का सबसे बड़ा कारण माना जाता है. लेकिन हवाई किराया महंगा होने की यही एकमात्र वजह नहीं है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, जो जयपुर सहित देश के करीब 80 ऑपरेशनल एयरपोर्ट का संचालन करती है, वह भी आम यात्रियों से सरचार्ज वसूलने में पीछे नहीं है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से यात्रियों से यूजर डवलपमेंट फीस और कई एयरपोर्ट पर पैसेंजर सर्विस फीस इन दो मदों में सरचार्ज वसूला जाता है. जयपुर एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री से भी यूजर डवलपमेंट फीस के नाम पर मोटा सरचार्ज वसूला जा रहा है. दरअसल यह राशि एयरपोर्ट विकास कार्यों के मद्देनजर केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा तय की जाती है, लेकिन जयपुर एयरपोर्ट के लिए यह राशि काफी अधिक है. आम धारणा के मुताबिक निजी हो चुके एयरपोर्ट पर यह सरचार्ज अधिक होना चाहिए, लेकिन हालात इसके उलट हैं. कई निजी एयरपोर्ट पर सरचार्ज काफी कम है, जबकि एयरपोर्ट अथॉरिटी के सरकारी एयरपोर्ट्स पर यह सरचार्ज की राशि ज्यादा लग रही है. यह राशि एयरलाइन के टिकट राशि में जुड़ी होती है, जिसका भुगतान सम्बंधित एयरलाइन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को करती हैं.

हवाई यात्रा में ये लगते हैं चार्जः
उदाहरण के लिए 1 जनवरी 2021 को जयपुर से दिल्ली जाते हैं तो  इंडिगो फ्लाइट में कुल किराया लगेगा 2754 रुपए, इसमें एयरलाइन को मिलने वाला बेस फेयर है 1900 रुपए, एयरपोर्ट अथॉरिटी को मिलने वाली यूजर डवलपमेंट फीस है 465 रुपए, एविएशन सिक्योरिटी फीस 189 रुपए, क्यूट फीस 50 रुपए, रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम फीस 50 रुपए और जीएसटी फॉर राजस्थान 100 रुपए है.

प्रत्येक एयर ट्रैफिक कंट्रोल संचालन के पेटे 189 रुपए की ली जाती एविएशन सिक्योरिटी फीसः
जानकारी के अनुसार कुल किराए पर राज्य को मिलने वाली जीएसटी की राशि किराया दर बढ़ने के साथ बढ़ती जाती है. प्रत्येक टिकट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल संचालन के पेटे 189 रुपए की एविएशन सिक्योरिटी फीस ली जाती है. वहीं रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के संचालन के लिए फीस 50 से लेकर 100 रुपए तक प्रति टिकट पर ली जाती है. इसमें सबसे ज्यादा लगने वाली फीस यूजर डवलपमेंट फीस है. यह राशि 465 रुपए है. बड़ी बात यह है कि देश के अधिकांश एयरपोर्ट पर यह फीस जयपुर एयरपोर्ट की तुलना में कम है. देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों से यूडीएफ नहीं लिया जाता. हालांकि वहां यात्रियों से पैसेंजर सर्विस फीस यानी पीएसएफ के पेटे 91 रुपए का चार्ज लिया जाता है. 

देश के प्रमुख एयरपोर्ट पर यूडीएफ या पीएसएफः 
जानकारी के अनुसार देश के प्रमुख एयरपोर्ट यूडीएफ या पीएसएफ कुछ इस तरह हैं. दिल्ली एयरपोर्ट से यात्रा करने पर पीएसएफ 91 रुपए, बेंगलूरु एयरपोर्ट का यूडीएफ 217 रुपए, मुम्बई एयरपोर्ट की डवलपमेंट फीस 142 रुपए, हैदराबाद एयरपोर्ट का यूडीएफ 332 रुपए लिए जाते हैं. उल्लेखनीय है कि ये चारों प्रमुख एयरपोर्ट निजी कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे हैं. वहीं एयरपोर्ट अथॉरिटी के कोलकाता एयरपोर्ट का यूडीएफ सबसे ज्यादा 688 रुपए जबकि चेन्नई एयरपोर्ट अथॉरिटी का यूडीएफ मात्र 81 रुपए है जो सबसे कम है.

ये तीन एयरपोर्ट हाल ही में अडानी ग्रुप ने संभाले, लेकिन यूडीएफ है कम
जानकारी के अनुसार हाल ही में अडानी ग्रुप ने तीन एयरपोर्ट को संभाला है, लेकिन यहां यूडीएफ जार्ज कम है. जानकारी के अनुसार अहमदाबाद एयरपोर्ट से यूडीएफ 100 रुपए,  लखनऊ एयरपोर्ट से यूडीएफ 192 रुपए, मंगलूरु एयरपोर्ट से 150 रुपए यूडीएफ और 91 रुपए पीएसएफ यानी कुल 241 रुपए लिया जाता है, जबकि जयपुर एयरपोर्ट का यूडीएफ 465 रुपए, जो देश के कई एयरपोर्ट से ज्यादा है.

ये आंकड़े दिखाते हैं कि देश के कोलकाता एयरपोर्ट को छोड़ दें तो लगभग सभी एयरपोर्ट पर जयपुर से कम यूडीएफ लिया जा रहा है. यानी एक तरह से जयपुर एयरपोर्ट से हवाई यात्रा करना इसी वजह से अधिक महंगा पड़ रहा है. जयपुर एयरपोर्ट के निजीकरण का समझौता अगले माह हस्ताक्षरित हो जाएगा. इसके बाद संभवतया जून माह से अडानी ग्रुप एयरपोर्ट का संचालन अपने हाथों में ले सकता है. ऐसे में यह उम्मीद की जानी चाहिए कि देश के अन्य निजी एयरपोर्ट्स की तरह यहां भी यूडीएफ के रूप में वसूल की जाने वाली फीस कम हो सकेगी.
फर्स्ट इंडिया न्यूज से - काशीराम चौधरी की रिपोर्ट
 

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