किशनगढ़ में अभी नहीं उतर सकेंगे एयरबस विमान, एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया में आया रोड़ा

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/10/22 17:10

जयपुर: किशनगढ़ एयरपोर्ट को जयपुर के वैकल्पिक एयरपोर्ट के रूप में तैयार किया जा रहा है. एयरपोर्ट अथॉरिटी यहां पर अच्छे यात्रीभार व विमान संचालन की उम्मीद लगाए हुए है, लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी की इन उम्मीदों को विस्तार के कार्य में सामने आई बाधाओं से झटका लगा है. किशनगढ़ एयरपोर्ट के विस्तार में क्या हैं बाधाएं, कैसे हो सकता है समाधान, और कब तक संभव हो सकता है बड़े विमानों का आवागमन, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट:

किशनगढ़ एयरपोर्ट प्रदेश का छठा ऑपरेशनल एयरपोर्ट है. अभी यहां से रोजाना 3 फ्लाइट का संचालन हो रहा है और दैनिक फ्लाइट आवागमन के मामले में ये फिलहाल बीकानेर एयरपोर्ट से आगे है. लेकिन अभी भी एक बड़ी खामी यह है कि यहां पर बड़े विमानों का संचालन संभव नहीं है. किशनगढ़ एयरपोर्ट के रनवे की लम्बाई वर्तमान में 2000 मीटर यानी 6561 फुट है. यह लम्बाई छोटे विमानों के आवागमन के लिए तो ठीक है, लेकिन यहां पर बड़े विमानों का आवागमन संभव नहीं है. एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए पिछले दिनों किशनगढ़ एयरपोर्ट प्रशासन ने कवायद शुरू की थी. इसके लिए जमीन अधिग्रहण और आस-पास के इलाके का भौगोलिक सर्वेक्षण करवाया गया. इस सर्वेक्षण में यह पाया गया कि रनवे के दोनों तरफ ही ऊंचाई की बाधाएं है, जिन्हें हटाना होगा और इन्हें हटाए बिना एयरपोर्ट का विस्तार संभव नहीं है. एक तरफ जहां दो पहाड़ियां अधिक ऊंचाई की हैं, वहीं रनवे के दूसरी तरफ प्रसार भारती का टॉवर आड़े आ रहा है. 

किशनगढ़ एयरपोर्ट के विस्तार में ये आ रही परेशानी:
—किशनगढ़ एयरपोर्ट के रनवे के दो हिस्से हैं 05 और 23
—रनवे संख्या 23 के दोनों तरफ ऊंची पहाड़ी हैं, जो खतरा हैं
—150 मीटर तक ऊंचाई की पहाड़ी से खतरा नहीं
—लेकिन ये दोनों पहाड़ियां 150 मीटर से भी 25 से 30 मीटर ज्यादा ऊंची हैं
—दूसरी तरफ के रनवे 05 की तरफ प्रसार भारती का टॉवर बना हुआ है
—ये टॉवर निर्धारित ऊंचाई से करीब 71 मीटर ज्यादा है
—रनवे के विस्तार के लिए दोनों तरफ की बाधाओं को दूर करना जरूरी
—एयरपोर्ट प्रशासन ने दिल्ली मुख्यालय को अवगत करवाया
—दिल्ली मुख्यालय ने राज्य सरकार को पत्र लिखा कि बाधाएं हटवाएं

इन दोनों बाधाओं के दूर होने पर एयरपोर्ट प्रशासन रनवे विस्तार और स्ट्रैंथनिंग का कार्य शुरू कर देगा. दरअसल अभी मौजूदा रनवे काफी छोटा है, जिसकी लम्बाई बढ़ाए जाने की जरूरत है. रनवे का विस्तार करीब 1000 मीटर किया जाएगा. इस तरह रनवे की कुल लम्बाई 3000 मीटर हो जाएगी यानी करीब 9842 फीट हो जाएगी. यह लम्बाई किसी भी बोइंग या एयरबस विमान के आवागमन के लिए अच्छी स्थिति होगी. 

रनवे का कितना होगा विस्तार ?
—वर्तमान रनवे की लम्बाई 6561 फुट है, जिसे बढ़ाया जाएगा
—वर्तमान में केवल छोटे चार्टर विमान, एटीआर- 72 विमान या फिर
—क्यू-400 बॉम्बार्डियर विमान ही यहां लैंड हो सकते हैं
—लेकिन कई एयरलाइंस के पास छोटे विमान ही उपलब्ध नहीं हैं
—इंडिगो के पास छोटे विमान कम हैं, गो एयर, एयर एशिया के पास बिल्कुल नहीं
—रनवे की लम्बाई 3000 मीटर होने पर एयरबस 320 विमान उतर सकेंगे
—अभी छोटे विमानों में अधिकतम 80 यात्री सफर करते हैं
—लेकिन एयरबस या बोइंग विमान में 180 यात्री सफर कर सकेंगे
—छोटे विमानों की तुलना में उड़ान का समय कम होगा, स्पीड बढ़ेगी

ऐसे में यह जरूरी है कि इन सुविधाओं के लिए किशनगढ़ एयरपोर्ट का विस्तार जल्द से जल्द किया जाए. अभी किशनगढ़ से अहमदाबाद, हैदराबाद और दिल्ली की तीन फ्लाइट्स चल रही हैं, रनवे की लम्बाई बढ़ने पर न केवल फ्लाइट्स की संख्या बढ़ सकेगी, साथ ही जयपुर में मौसम खराब होने की स्थिति में दिल्ली डायवर्ट करने के बजाय नजदीकी एयरपोर्ट किशनगढ़ में ही उतारा जा सकेगा. 

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

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