पी चिदंबरम और कार्ति को कोर्ट से बड़ी राहत, 26 अप्रैल तक लगी गिरफ्तारी पर रोक

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/25 04:43

नई दिल्ली। बहुचर्चित एयरसेल मैक्सिस डील मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम तथा उनके पुत्र कार्ती चिदम्बरम को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम छूट को 26 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया है। बतादें, साल 2006 में एयरसेल-मैक्सिस समझौते में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड यानि एफआइपीबी की मंजूरी मिलने के मामले की जांच ईडी और सीबीआई कर रही है।

आरोप के मुताबिक इस समझौते को तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कैबिनेट कमेटी की अनुमति के बिना ही मंजूरी दी थी, जबकि यह समझौता 3500 करोड़ रुपये का था और इसमें कैबिनेट कमेटी की मंजूरी अनिवार्य थी।

गौरतलब है कि मैक्सिस मलेशिया की एक कंपनी है जिसका मालिकाना हक एक बिजनेस टॉयकून टी आनंद कृण्णन के पास है, जिन्हें टैक नाम से भी जाना जाता है। टैक श्रीलंका की तमिल पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले एक मलेशियाई नागरिक हैं। एयरसेल को सबसे पहले एक एनआरआई टॉयकून सी सिवसंकरन यानि सिवा ने प्रमोट किया था, जो कि तमिलनाडु के मूल निवासी थे।

साल 2006 में मैक्सिस ने एयरसेल की 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली थी। बाकी की 26 फीसदी हिस्सेदारी अब एक भारतीय कंपनी के पास है, जो कि अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप से संबंधित है। इन 26 फीसदी शेयर का मालिकाना हक सुनीता रेड्डी के पास है जो कि अपोलो के ग्रुप फाउंडर डॉ सी प्रताप रेड्डी की बेटियों में से एक हैं। ये डील उस वक्त विवादों के घेरे में आ गई, जब 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाला उजागर हुआ। तब देश के सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया था कि वो इस मामले में ए राजा के पूर्ववर्ती मंत्रियों की जांच करे।
 

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