सांभर पक्षी त्रासदी के बाद अलर्ट जारी, सरकार पूरी तरह से गंभीर

सांभर पक्षी त्रासदी के बाद अलर्ट जारी, सरकार पूरी तरह से गंभीर

सांभर पक्षी त्रासदी के बाद अलर्ट जारी, सरकार पूरी तरह से गंभीर

डीडवाना(नागौर): सांभर झील में हुई पक्षी त्रासदी के बाद सरकार पूरी तरह से गंभीर है. इसी के चलते आज सरकार द्वारा प्रवासी पक्षियों की आने वाली खेप को लेकर एक अलर्ट भी जारी किया गया है. अलर्ट के मुताबिक सांभर झील क्षेत्र में बोटलिज्म के प्रसार को रोकने के निर्देश जारी किए गए है ताकि आने वाले प्रवासी पक्षियों की खेप को मरने से बचाया जा सके. 

झील क्षेत्र में 14 से ज्यादा टीमें काम कर रही: 
सांभर झील में हजारों पक्षियों की हुई मौत के बाद पक्षियों को बचाने की कवायद जारी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मामले को गंभीरता से ले रहे है और कई बार उच्च अधिकारियों की बैठक लेकर रेस्क्यू के निर्देश दिए जा चुके है, ताकि जो घायल पक्षी है उनको बचाया जा सके. इसके लिए झील क्षेत्र में 14 से ज्यादा टीमें काम कर रही है और 200 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी झील क्षेत्र में नजर बनाये हुए है. आज झील क्षेत्र में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है तो दूसरी तरफ आज सरकार ने प्रदेश के प्रवासी पक्षियों के रुकने के वेटलैंड्स एरिया के लिए एक अलर्ट भी जारी किया गया है. अलर्ट के मुताबिक घना सांभर झील, घना पक्षी विहार, डीडवाना नमक झील और खिंचन सहित अन्य स्थानों के लिए अलर्ट जारी कर साइबेरिया सहित बाहरी देशों से आने वाली पक्षियों की दूसरी खेप उतरने को तैयार है. ऐसे में बोटलिज्म के खतरनाक प्रसार को रोकने की कवायद कर, मृत पक्षियों को हर हाल में झील से बाहर निकालने के निर्देश दिए गए है. 

प्रशासनिक लवाजमा पक्षियों को बचाने की कवायद में जुट गया: 
अलर्ट जारी करने के बाद एक बार सारा प्रशासनिक लवाजमा पक्षियों को बचाने की कवायद में जुट गया है. वहीं पर्यावरणविदों का मानना है कि सांभर झील के साथ साथ, डीडवाना झील, खिंचन, घना पक्षी विहार सहित प्रदेश के वेटलैंड्स की मिट्टी पानी और आबोहवा की जांच समय समय पर करवाई जानी चाहिये ताकि सांभर झील जैसी पक्षी त्रासदी से बचा जा सके. 

सांभर झील पक्षी त्रासदी के बाद सरकार पूरी तरह से गंभीर: 
सांभर झील पक्षी त्रासदी के बाद सरकार पूरी तरह से गंभीर है. जरूरत इस बात की है कि सूबे के मुखिया जिस तरह से मामले को गंभीरता से ले रहे है. ठीक इसी तरह अधिकारी और वन विभाग के जिम्मेदारों को भी गंभीरता दिखानी चाहिये ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी से बचा जा सके. 

...नरपत ज़ोया संवाददाता डीडवाना

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