नई दिल्ली VIDEO: ट्रैक्टर परेड हिंसा: किसान आंदोलन में पड़ी फूट, दो किसान यूनियनों ने आंदोलन से अलग होने का लिया फैसला 

VIDEO: ट्रैक्टर परेड हिंसा: किसान आंदोलन में पड़ी फूट, दो किसान यूनियनों ने आंदोलन से अलग होने का लिया फैसला 

नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड में हिंसा के बाद करीब दो महीनों से चल रहा किसान आंदोलन में अब फूट पड़ने लगी है. दिल्ली में हिंसा के बाद किसान यूनियन अब किसान आंदोलन से अपना समर्थन वापस ले रहे हैं. अभी तक दो किसान यूनियनों ने किसान आंदोलन से अपना समर्थन वापस लेते हुए आंदोलन से अपने आप को पूरी तरह से अलग कर लिया है.

किसान यूनियनों ने आंदोलन से वापस लिया अपना समर्थनः
जानकारी के अनुसार दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान उग्र प्रदर्शन के बाद अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और भारतीय किसान यूनियन ने किसान आंदोलन से समर्थन लेते हुए अपने आप को अलग कर लिया है. उन्होंने ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा की आलोचना करते हुए इसे मर्यादा के खिलाफ बताया है.

हिन्दुस्तान का झंडा सबकी गरिमा और मर्यादाः
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के अध्यक्ष वीएम सिंह ने बुधवार को प्रेस वार्ता करते हुए संवादाताओं से कहा कि 'कल दिल्ली में जो कुछ हुआ उससे देश को ठेस पहुंची है. हिन्दुस्तान का झंडा सबकी गरिमा और मर्यादा है. उस मर्यादा को कल भंग किया किया. उन्होंने तिरंगे की मर्यादा को भंग करने वालों को गलत बताते हुए ऐसे लोगों पर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. 

उनके साथ आंदोलन आगे नहीं बढ़ा सकते जिसकी दिशा कुछ और होः
किसान नेता वीएम सिंह इस दौरान किसान नेता राकेश टिकैत को लेकर भी अपना विरोध जताते हुए कहा कि वे अलग रूट से जाना चाहते थे. उन्होंने कहा कि हम देश को बदनाम करने नहीं आए थे और न ही किसी को शहीद कराने के लिए यहां आए थे. उन्होंने कहा कि हम किसी ऐसे व्यक्ति के साथ विरोध को आगे नहीं बढ़ा सकते जिसकी दिशा कुछ और हो. इसलिए, मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति इस विरोध को तुरंत वापस ले रही है.

भानु अध्यक्ष ने की धरना खत्म करने की घोषणाः
वहीं दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा के बाद भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने भी आंदोलन से हुआ अलग होने का फैसला लिया है. भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बुधवार को चिल्ला बॉर्डर से अपना धरना खत्म करने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि कल दिल्ली में जो कुछ भी हुआ उससे मैं बहुत आहत हूं और हमारे 58 दिनों के विरोध को समाप्त कर रहा हूं. 

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