राजस्व लक्ष्य में पिछड़ रहे प्रदेश के सभी RTO, जुलाई तक की समीक्षा रिपोर्ट में हुआ खुलासा 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/25 05:34

जयपुर: परिवहन विभाग राज्य सरकार के लिए कमाई लाने वाले विभागों में शामिल है. पिछले साल विभाग अपने लक्ष्य को पाने में कामयाब नहीं हो सका था और कमोबेश यही हालात इस बार भी नजर आ रहे हैं. लगता नहीं कि विभाग इस बार भी लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होगा. जुलाई तक की समीक्षा रिपोर्ट में यह सामने आया है कि विभाग औसत लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है. एक रिपोर्ट:

लक्ष्य का 87.4 फीसदी राजस्व ही अर्जित:
राज्य सरकार के राजस्व अर्जन करने वाले विभागों में से एक नाखुशी वाली खबर निकलकर आई है. परिवहन विभाग इस बार भी राज्य सरकार की उम्मीदों पर शायद ही खरा उतरे, कारण है राजस्व लक्ष्य में पिछड़ना. अब तक विभाग को जो लक्ष्य आवंटित किया गया था, परिवहन विभाग उसे पूरा करने में विफल रहा है. आगामी महीनों में विभाग के लिए यह लक्ष्य और बढ़ता जाएगा. विभाग अब तक के दिए लक्ष्य का 87.4 फीसदी राजस्व ही अर्जित कर सका है. 

पिछले साल भी पिछड़ा:
परिवहन विभाग पिछले साल भी राज्य सरकार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका था. परिवहन विभाग को राज्य सरकार ने 5000 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य दिया था, जिसके विपरीत विभाग 4577 करोड़ रुपए ही जुटा सका था. विभाग लक्ष्य से करीब 8.4 फीसदी पीछे रहा था. इस बार विभाग का लक्ष्य और ज्यादा बढ़ गया है. विभाग को इस वित्त वर्ष में 5650 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाना है. जुलाई माह तक की समीक्षा रिपोर्ट में यह सामने आया है कि विभाग इस बार भी लक्ष्य से पीछे चल रहा है. परिवहन आयुक्त राजेश यादव हालांकि लगातार प्रयास कर रहे हैं कि लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके, इसके लिए अलग-अलग समय पर जिला परिवहन अधिकारी और आरटीओ लेवल पर समीक्षा की जा रही है, लेकिन फिर भी हालात नहीं सुधर पा रहे हैं. 

कमाई में कौंन आगे, कौंन पीछे ?
—सीकर RTO सतीश चौधरी राजस्व अर्जन में हैं सबसे आगे
—राजस्व लक्ष्य के विपरीत अभी तक 99.57 फीसदी अर्जन किया
—मार्च में विभाग ने खराब परफॉर्मेंस बता चौधरी को भरतपुर से एपीओ किया था
—वही विभाग के लिए टॉप परफॉर्मर साबित हो रहे हैं
—जोधपुर RTO 93.71 फीसदी के साथ दूसरे नंबर पर
—दौसा RTO 91.82 फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर
—चित्तौड़गढ़ RTO प्रवीणा चारण पिछले साल राजस्व अर्जन में नंबर 1 पर थीं
—लेकिन इस बार वे चौथे नंबर पर फिसलीं, राजस्व का मात्र 90.23 फीसदी जुटा सकी हैं
—अलवर RTO 88.6 फीसदी अर्जन के साथ पांचवें नंबर पर
—जयपुर RTO 86.28 फीसदी अर्जन के साथ छठे नंबर पर
—विभाग का अब तक की औसत आय रही 87.4 फीसदी
—5650 करोड़ के लक्ष्य के विपरीत अब तक 1340 करोड़ जुटाए

परफॉर्मेंस सुधार का मौका:
अभी हालांकि इस वित्त वर्ष में केवल 4 माह ही गुजरे हैं और लम्बा समय अभी बाकी है, ऐसे में सभी परिवहन विभाग के अधिकारियों के समक्ष ये मौका है कि वे अपनी परफॉर्मेंस को सुधार सकें. हाल ही में जब राज्य सरकार ने बजट में वाहनों के पंजीयन पर टैक्स दरों में बढ़ोतरी कर दी है, उससे विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि परिवहन विभाग इस बार राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल हो सकेगा. हालांकि इसमें देखने वाली बात होगी कि आगामी महीनों की समीक्षा में कौंन RTO बाजी मारता है और कौंन साबित होता है फिसड्डी. 

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 

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