राजस्थान के रण में इन हॉट सीटों पर रहेगी सबकी निगाहें

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/05 11:11

जयपुर (योगेश शर्मा)। आज चुनाव प्रचार की समाप्ती के साथ ही कूटनीति का खेल शुरु हो गया है। अगले दो दिनों में जो वोटर्स को अपनी ओर लाने की चुनावी गणित में सफल हो जायेगा, वही 7 दिसम्बर को मतदान के दिन बढ़त बनाने में कामयाब हो सकेगा। 200 सीटों में कुछ सीटें ऐसी है जिन्हें बीते दिनों चुनाव प्रचार में हॉट सीट कहा गया, कारण साफ यहां मुकाबला ख्यातनाम और दिग्गज नेताओं के बीच है। खास रिपोर्ट- 

राजस्थान के मौजूदा विधानसभा चुनाव इस बार बेहद खास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने अपने दलों को जीताने के लिये चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राजस्थान में रिकार्ड चुनावी दौरे किये। उन्होंने राजस्थान पर ही नजरें गढ़ा रखी थी। कांग्रेसी कैम्प में भी कमान आलाकमान के विश्वस्तों अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, मुकुल वासनिक सरीखे दिग्गजों के हाथों में रही। इतना ही दिग्गजों ने खुद चुनाव लड़ते हुये भी अपने निर्वाचन क्षेत्रों से बाहर जाकर चुनाव प्रचार में कसर नहीं छोडी। वसुंधरा राजे ने झालरापाटन से चुनाव लड़ते हुये भी कमोबेश राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कमल संदेश पहुंचाने के लिये कोई कसर नहीं छोडी। कांग्रेस के क्षत्रपों अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने भी खुद चुनाव लडते हुये पार्टी के अन्य नेताओं के प्रचार के लिये तूफान दौरे किये। राजस्थान में इस बार कुछ सीटें ऐसी है जो दिग्गजों के चुनाव लड़ने के कारण हॉट सीट के तौर पर देखी जा रही है। 

-----टॉप हॉट सीट----

------झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र
वसुंधरा राजे (भाजपा) और मानवेन्द्र सिंह(कांग्रेस)

वसुंधरा राजे(भाजपा) 
—राजस्थान की मुख्यमंत्री
—मौजूदा चुनाव में बीजेपी का सीएम फेस
—झालरापाटन से चुनाव जीतकर दूसरी बार मुख्यमंत्री
—लगातार जीत चुकी है 3विधानसभा चुनाव
—झालावाड़ से रह चुकी सांसद
—राजे के अभेद्य दुर्ग के तौर पर झालरापाटन चर्चित
—उनके पुत्र दुष्यंत सिंह यहां से सांसद
—सिंधिया राजघराने के प्रति जनता में आदर का भाव
—झालावाड़ सटा है मध्यप्रदेश के ग्वालियर से
—यहां की 36कौमों के बीच राजे का प्रभाव

मानवेन्द्र सिंह(कांग्रेस) 
—पूर्व केन्द्रीय मंत्री -राजपूत नेता जसवंत सिंह के पुत्र
—राजे के मुकाबले भेजा बाडमेर से झालावाड़ 
—इस बार नहीं लड़ रहे शिव से चुनाव
—राजपूत कार्ड के भरोसे लड़ रहे. चुनाव
—बाडमेर के शिव से चुने गये थे बीजेपी के  

------टोंक विधानसभा क्षेत्र
सचिन पायलट(कांग्रेस)-यूनुस खान(भाजपा)

सचिन पायलट(कांग्रेस) 
—आलाकमान के कहने के बाद उतरे चुनावी समर में
—कांग्रेस के टिकट पर पहली बार लड़ रहे विधानसभा चुनाव
—प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष औऱ कद्दावर नेता है पायलट
—पायलट की युवा नेता की छवि
—कांग्रेस की ओर से संभावित मुख्यमंत्रियों चेहरों में शुमार
—मुस्लिम,गुर्जर,एससी,एसटी समीकरण को बेस मान कर चुनाव
—टोंक कस्बे में मुस्लिम और ग्रामीण क्षेत्र में गुर्जर वर्ग की बहुलता
—फारुख अब्दुल्ला है पायलट के ससुर और उमर अब्दुल्ला है साले
—सारा पायलट है सचिन पायलट की पत्नी

यूनुस खान(भाजपा) 
—राजे सरकार में पीडब्लूडी मंत्री
—बीजेपी के राज्य में सबसे बडे मुस्लिम फेस
—डीडवाना से विशेष तौर पर भेजा गया टोंक
—बीजेपी ने पायलट के लिये खेला मुस्लिम कार्ड
—बीजेपी ने पायलट के लिये बदली मुस्लिम पॉलिसी
—कांग्रेस के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति
—मुस्लिम,जनरल,जैन वोटों के भरोसे लड़ रहे चुनाव

------सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र
अशोक गहलोत(कांग्रेस)-शंभू सिंह खेतासर(भाजपा)

अशोक गहलोत(कांग्रेस)
—गहलोत जीत चुके लगातार सरदारपुरा से 3 चुनाव
—यहीं से दो बार चुनाव जीतकर दो बार रह चुके मुख्यमंत्री
—कांग्रेस की ओर से संभावित मुख्यमंत्रियों चेहरों में शुमार  
—36कौमों पर जोधपुर में गहलोत का असर
—जोधपुर में जन्मे,पले,बढ़े,पढ़े और राजनीति की
—चुनावी रणनीति के मास्टर माइंड
—कुशल राजनेता और रणनीतिकार
—पिछले विधानसभा चुनावों में भी खेतासर को हराया चुनाव
—मारवाड़ के गांधी के रुप में चर्चित  

शंभू सिंह खेतासर(भाजपा)
—राजपूत सामाजिक नेता की छवि
—पिछला चुनाव भी अशोक गहलोत के सामने लड़ा था
—बीजेपी कॉडर और जातीय कार्ड के भरोसे मैदान में
—राजपूत,ब्राह्मण,वैश्य समीकरण पर लड़ रहे चुनाव

------नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र
डॉ सीपी जोशी(कांग्रेस)--महेश प्रताप सिंह(भाजपा)

डॉ सीपी जोशी(कांग्रेस) 
—नाथद्वारा से सीपी जोशी रह चुके है विधायक
—कांग्रेस की ओर से संभावित मुख्यमंत्रियों चेहरों में शुमार  
—श्रीनाथ जी की नगरी है जन्मभूमि और कर्मभूमि
—ब्राह्मण वर्ग के नाते जातीय गणित मजबूत
—नाथद्वारा से 1वोट से चुनाव हार चुके है
—जोशी चुनावी मैनेजमेंट में माहिर और इलाके में पकड़
—नाथद्वारा में सीपी जोशी का परिवार अपनी सादगी के लिये चर्चित
—सामान्य,एससी,ओबीसी वोटों के दम पर मैदान में

महेश प्रताप सिंह(भाजपा)
—कोठारिया रॉयल परिवार से ताल्लुक
—पिछले दो चुनावों से नाथद्वारा में राजपूत वर्ग के विधायक की जीत
—कल्याण सिंह के निधन के कारण उनके स्थान पर महेश प्रताप को मौका
—राजपूत कार्ड है महेश प्रताप का मजबूत पक्ष

------उदयपुर विधानसभा क्षेत्र
गुलाब चंद कटारिया(भाजपा)---गिरिजा व्यास(कांग्रेस)

गुलाब चंद कटारिया(भाजपा)
—कटारिया है प्रदेश के गृह मंत्री
—उदयपुर शहर में कटारिया का दबदबा
—लगातार यहां से जीत रहे है चुनाव
—राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का साथ
—जैन वर्ग से होना है उनका मजबूत पक्ष
—बीजेपी के स्थानीय कैडर काफी सशक्त
—उदयपुर से रह चुके है सांसद 
—शाह के पक्ष में अमित शाह ने किया रोड शो

गिरिजा व्यास(कांग्रेस)
—पूर्व केन्द्रीय मंत्री ,पूर्व सांसद और पूर्व विधायक
—ब्राह्मण कार्ड के तौर पर इन्हें चुनावी समर में उतारा गया 
—मेवाड़ में कांग्रेस के ब्राह्मण वुमेन फेस के तौर पर चर्चित
—ब्राह्मण,एससी,एसटी,मुस्लिम यहां है उनकी जातीय गणित
—व्यास के लिये राहुल गांधी आये उदयपुर 

------सांगानेर विधानसभा क्षेत्र
घनश्याम तिवाड़ी(भारत वाहिनी),अशोक लाहोटी(भाजपा),पुष्पेन्द्र भारद्धाज(कांग्रेस) औऱ ज्ञानदेव आहूजा(निर्दलीय)

घनश्याम तिवाड़ी(भारत वाहिनी)
—पहली बार कमल के चिन्ह पर नहीं लड़ रहे चुनाव 
—सांगानेर से बीजेपी विधायक,लगातार 3चुनाव जीत चुके
—प्रदेश के सबसे बड़े ब्राह्मण सियासी चेहरों में शुमार
—सांगानेर में तिवाड़ी का खुदका मजबूत कॉडर नेटवर्क
—सरकार के विरोध का प्रदेश में बने हुये थे फेस
—ब्राह्मण,वैश्य,एससी,मुस्लिम,जाट,सिंधी वोटों की गणित

अशोक लाहोटी(भाजपा)
—जयपुर के मौजूदा मेयर
—लाहोटी है वैश्य वर्ग के युवा चेहरे
—राविवि छात्रसंघ के रह चुके अध्यक्ष
—सांगानेर के ही वार्ड से पार्षद का चुनाव जीतकर मेयर बने
—एबीवीपी पृष्ठभूमि -संघ का साथ मिलने की उम्मीद
—लाहोटी की जातीय गणित वैश्य,राजपूत,सिंधी,छींपा,एससी वोटों की गणित
—एक बार लड़ चुके है सिविल लाइंस से विधायक का चुनाव
—बीजेपी का स्थानीय नेटवर्क मजबूत
—सांसद रामचरण बोहरा का साथ

पुष्पेन्द्र भारद्वाज(कांग्रेस)
—कांग्रेस के युवा चेहरे
—युवा वोटों की आस
—राविवि छात्रसंघ के रह चुके अध्यक्ष
—फ्रेस के चेहरे तौर पर प्रभाव छोड़ने की उम्मीद
—ब्राह्मण,एससी,मुस्लिम,सिंधी वोट है जातीय गणित

ज्ञानदेव आहूजा(निर्दलीय)
—प्रदेश के चर्चित व बेबाक बोलने वाले अंदाज के लिये विख्यात
—विधानसभा में लंकेश के नाम से चर्चित
—सिंधी वोटों के मद्देनजर रामगढ़(अलवर) से सांगानेर का रुख

------खींवसर विधानसभा क्षेत्र
हनुमान बेनीवाल(आर एल पी),रामचंद्र उत्ता(भाजपा),सवाई सिंह गोदारा(कांग्रेस)

हनुमान बेनीवाल (आर एल पी)
—खुद के दम पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का निर्माण
—खींवसर से मौजूदा विधायक
—राविवि छात्र संघ के रह चुके अध्यक्ष
—युवा तेजतर्राज नेता की इमेज
—प्रदेश के कद्दावर जाट नेता
—जाट वर्ग के वोटों को प्रभावित करने की ताकत
—जाट,मुस्लिम,एससी वोटों का जातीय गणित

सवाई सिंह गोदारा (कांग्रेस)
—सेवानिवृत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी
—नागौर पर हमेशा रहा फोकस
—जाट समाज के बीच रही सक्रियता
—गोदारा की राजनीतिक पृष्ठभूमि
—इनके पिता भी रह चुके विधायक,किसान नेता की रही इमेज
—राजनीति में नये चेहरे पर कांग्रेस का दांव
—जाट औऱ परम्परागत कांग्रेस वोट है जातीय गणित

रामचंद्र उत्ता(भाजपा)
—बीजेपी के जिला अध्यक्ष के तौर पर चर्चित रहे
—संगठनात्मक पृष्ठभूमि
—जांगिड समाज से ताल्लुक
—खींवसर में मूल ओबीसी के वोट बहुतायत में
—ब्राह्मण,वैश्य,राजपूत,खाती,माली,सुनार,दलित वोटों की गणित

------सपोटरा विधानसभा क्षेत्र
रमेश मीना(कांग्रेस) और गोलमा देवी(भाजपा)
—यहां मीना क्षत्रपों के बीच मुकाबला 

रमेश मीना(कांग्रेस)के प्लस फेक्टर
—रमेश मीना सपोटरा से लगातार दो बार विधायक
—विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता रहे
—तेजतर्रार मीना नेता की छवि
—मीना, सामान्य, एससी, गुर्जर, मुस्लिम, माली वोटों का जातीय गणित

गोलमा देवी(भाजपा)
—गोलमा देवी है डॉ किरोड़ी लाल मीना की पत्नी
—सपोटरा से पहली बार लड रही चुनाव
—राजगढ़ से मौजूदा विधायक
—पूर्वी राजस्थान के मीना क्षत्रप की पत्नी
—मीना वोटों को भाजपा की ओर मोड़ने की क्षमता
—महिला वोटर्स को लुभाने वाला चेहरा
—डॉ किरोड़ी है कुशल चुनावी रणनीतिकार
—मीना,सामान्य,एससी,माली वोटों का जातीय गणित

------नोखा विधानसभा सीट
रामेश्वर डूडी(कांग्रेस)-बिहारी विश्नोई(भाजपा)

रामेश्वर डूडी (कांग्रेस)
—रामेश्वर डूडी है राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष
—डूडी है नोखा से मौजूदा विधायक
—बीकानेर से सांसद भी रह चुके है
—कद्दावर किसान जाट नेता की छवि
—के एल झंवर को कांग्रेस में लाने से फायदे की उम्मीद
—जाट,मुस्लिम,दलित,वैश्य वोट है जातीय गणित

बिहारी विश्नोई(भाजपा)
—बीजेपी की सियासत में युवा चेहरे के तौर पर चर्चित
—बीकाणा में युवा विश्नोई कार्ड के दम पर जीत की उम्मीद
—विश्नोई समाज के वोटो की ताकत है प्रमुख कार्ड
—बीजेपी के कैडर की मजबूती
—विश्नोई,सामान्य,मूल ओबीसी,राजपूत,मेघवाल वोटों की गणित


------डीग-कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र
विश्वेन्द्र सिंह(कांग्रेस)-शैलेष सिंह(भाजपा)

विश्वेन्द्र सिंह (कांग्रेस)
—डीग -कुम्हेर से कांग्रेस के विधायक
—भरतपुर जाट रॉयल फैमिली से इनका ताल्लुक
—राजस्थान के कद्दावर जाट नेता छवि
—भरतपुर से सांसद भी रह चुके
—साम,दाम,दंड,भेद की राजनीति के माहिर
—गैर कांग्रेसी वोटों को भी खींचने की क्षमता
—जाट,सामान्य,मुस्लिम,दलित वोट है जातीय गणित

डॉ शैलेश सिंह(भाजपा)
—शैलेश सिंह है स्वर्गीय डॉ दिगम्बर सिंह पुत्र
—डॉ दिगम्बर सिंह रहे थे डीग-कुम्हेर के विधायक
—युवा चेहरे के तौर पर भाजपा का दांव
—पिता के कराये गये विकास कार्य
—सहानुभूमि वोटों के जरिये जीत की उम्मीद
—जाट,सामान्य,दलित,राजपूत वोट है जातीय गणित

ताबड़तोड़ जनसभाएं और रोड़ शो के जरिये सत्ताधारी दल बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी अपनी जीत की गणित बनाने में खुद को बढ़ चढ़ कर दिखाया। हनुमान बेनीवाल की आर एल पी और घनश्याम तिवाड़ी की भारत वाहिनी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में कोई कसर नहीं छोडी। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भी मजबूत सीटों पर दौरे किये। कॉमरेड भी कुछ सीटों पर लाल सलाम का झंडा बुलंद किये हुये है। राजस्थान में चुनाव 200विधानसभा सीटों पर हो रहे है। इस चुनाव में वसुंधरा राजे, अशोक गहलोत, सचिन पायलट, डॉ सीपी जोशी, रामेश्वर डूडी, गुलाब चंद कटारिया, गिरिजा व्यास, डॉ किरोड़ी लाल मीणा, विश्वेन्द्र सिंह समेत दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है। देश और प्रदेश का चुनावी इतिहास गवाह रहा है कि उलटफेर सियासत का अंग है, यहां समीकरण बनते और बिगड़ते देर नहीं लगती। 

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