जयपुर VIDEO: कृषि उपज मंडियों में आने वाले सभी लोगों को मिलेगा महज 8 रुपए में भोजन, अभी इन मंडियों में सस्ता भोजन उपलब्ध कराने नहीं हैं व्यवस्था, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: कृषि उपज मंडियों में आने वाले सभी लोगों को मिलेगा महज 8 रुपए में भोजन, अभी इन मंडियों में सस्ता भोजन उपलब्ध कराने नहीं हैं व्यवस्था, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: प्रदेश भर की कृषि उपज मंडियों में आने वाले किसान,पल्लेदार,ग्राहक व अन्य सभी लोगों को भरपेट सस्ता भोजन उपलब्ध कराने का रास्ता खुल गया है. कृषि उपज मंडियों में इंदिरा रसोईयां स्थापित करने की कृषि विपणन निदेशालय ने अपनी स्वीकृति दे दी है. 

देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर वर्ष 2020 में 20 अगस्त को शुरू की गई इंदिरा रसोई योजना के तहत प्रदेश भर के शहरों में 358 रसोईयां संचालित की जा रही हैं. इन रसोईयों में गरीब व जरूरतमंद लोगों को मात्र आठ रुपए में सस्ता व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस वित्तीय वर्ष के बजट में इंदिरा रसोईयों की संख्या 358 से बढ़ाकर 1 हजार करने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की घोषणा के मुताबिक योजना के नोडल विभाग स्वायत्त शासन विभाग संख्या बढ़ाने के लिए विकल्प की तलाश कर ही रहा था कि इसी बीच बारां ,श्रीगंगानगर सहित विभिन्न जिलों के शहरी निकायों ने कृषि उपज मंडियों में भी इंदिरा रसोईयां शुरू करने की मांग कर दी. इस पर स्वायत्त शासन विभाग ने कृषि विपणन निदेशालय को प्रस्ताव भेजकर कृषि उपज मंडियों में इंदिरा रसोईयां खोलने की सहमति मांगी थी. इस पर कृषि विपणन निदेशालय ने प्रथम चरण में प्रदेश की सी व डी प्रकार की कृषि उपज मंडियों में इंदिरा रसोईयों को खोलने की स्वीकृति दे दी है. आपको सबसे पहले बताते हैं कि प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में आने वाले कृषक,श्रमिक और अन्य आंगतुकों के लिए भोजन की क्या व्यवस्था है.

-अपने गांव से अल सुबह चलकर कृषि उपज मंडी आने वाले कृषकों को भोजन की जरूरत पड़ती है

-इसी प्रकार मंडी में दिन काम करने वाले मजदूर व अन्य लोग भी सस्ते भोजन की तलाश में रहते हैं

-सी व डी प्रकार की जिन कृषि उपज मंडियों के लिए कृषि विपणन निदेशालय ने स्वीकृति दी है

-इन सभी कृषि उपज मंडियों में लोगों को सस्ता व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की कोई कारगर व्यवस्था नहीं हैं

-प्रदेश की ए व बी श्रेणी की कृषि उपज मंडिया, जहां माल का उठाव ज्यादा है

-इन मंडियों में कृषि विपणन निदेशालय की ओर से किसान कलेवा योजना संचालित की जा रही है

-किसान जब मंडी में आता है और अपनी फसल तुलवाता है, उसके बाद उसे भोजन की पर्ची मिलती है

-इसके अलावा पंजीकृत पल्लेदार व मजदूरों को ही किसान कलेवा योजना का लाभ मिल पाता है

-जबकि अन्य मजदूरों, किसान के साथ आने वाले लोगों और अन्य आंगतुकों के लिए सस्ते भोजन की व्यवस्था नहीं हैं

कृषि विपणन निदेशालय ने सी व डी प्रकार की कृषि उपज मंडियों में इंदिरा रसोईयों की स्वीकृति देने के बाद अपने क्षेत्रीय अधिकारियों को भी इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं. इनमें सी प्रकार की मंडियां 43 और डी प्रकार की मंडियां 21 हैं. रसाई के लिए कृषि उपज मंडी में भवन मंडी समिति की ओर से ही उपलब्ध कराया जाएगा. रसोई में बिजली,पानी व अन्य मामलों में खर्च का वहन संबंधित शहरी निकाय की ओर से किया जाएगा. आपको बताते हैं कि जिन कृषि उपज मंडियों में ये रसोईयां शुरू करने की स्वीकृति दी गई, वहां यह व्यवस्था सबके लिए कैसे फायदेमंद रहेगी.

-इंदिरा रसोई योजना में भोजन के लिए किसी भी अलग पर्ची की जरूरत नहीं होगी

-मंडी में आने वाले सभी लोग चाहे वे किसान हो या किसान के साथ आने वाले या कोई भी मजदूर या आंगतुक सभी रसोई में भोजन कर सकेंगे

-इंदिरा रसोई की भोजन की थाली की लाभार्थी को महज आठ रुपए में उपलब्ध कराई जाएगी

-इसके अलावा प्रति थाली स्वायत्त शासन विभाग ही 17 रुपए का अनुदान देगा

-रसोई संचालन के लिए 5 लाख रुपए एकमुश्त और प्रति वर्ष 3 लाख रुपए प्रति रसोई भी स्वायत्त शासन विभाग ही वहन करेगा

-योजना में जन सहभागिता के तहत अगर भोजन प्रायोजित कराया जाता है तो लाभार्थी को प्रति थाली आठ रुपए भी नहीं देने पड़ेंगे.

...फर्स्ट इंडिया के लिए साथी रिपोर्टर काशीराम चौधरी के साथ अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट, जयपुर

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