शरद पवार की ओर से राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख को लेकर जो दावे किए गए थे, वह सभी झूठे - फडणवीस

शरद पवार की ओर से राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख को लेकर जो दावे किए गए थे, वह सभी झूठे - फडणवीस

शरद पवार की ओर से राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख को लेकर जो दावे किए गए थे, वह सभी झूठे - फडणवीस

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एंटीलिया मामले और मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह के पत्र के बाद से उथल-पुथल जारी है. अब महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने आज प्रेस कांग्रेस की है. इस दौरान उन्होंने शरद पवार पर हमला बोलते हुए कहा कि एनसीपी ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी, इसलिए शरद पवार का बचाव करना कई सवाल खड़े करता है. 

देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की और से कल राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख को लेकर जो दावे किए गए थे, वह सभी झूठे हैं. शरद पवार ने कहा कि 16 फरवरी से लेकर 27 फरवरी तक देशमुख घर में क्वारंटीन थे, लेकिन सच यह है कि वह इस बीच चार्टर्ड प्लेन से नागपुर से मुंबई आए थे. इसके सबूत मिले हैं. 

पुलिस के पास 15 और 24 फरवरी के देशमुख के मुवमेंट के दस्तावेज भी:
उन्होंने दावा किया कि पुलिस के पास 15 और 24 फरवरी के देशमुख के मुवमेंट के दस्तावेज भी हैं. 15 से 27 फरवरी के बीच गृह मंत्री जो होम क्वारंटीन थे, वो आइसोलेशन में नहीं थे. कई लोग उनसे मिले हैं. मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की चिट्ठी में देशमुख के खिलाफ सबूत हैं.

गृह सचिव से करेंगे मुलाकात:
देवेंद्र फडणवीस ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि उनके पास एक चिट्ठी है, जिसे लेकर वो शाम को वो दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव से मुलाकात करेंगे. उन्होंने कहा कि वो इस मामले में गृह सचिव से सीबीआई से जांच कराने की मांग करेंगे. 

कल शरद पवार ने कही थी यह बात:
कल प्रेस कॉन्फ्रेंस करके शरद पवार ने कहा था कि पूर्व कमिश्नर के पत्र में उन्होंने जिक्र किया है कि फरवरी महीने में उन्हें कुछ अधिकारियों से गृह मंत्री के फलां निर्देशों की जानकारी मिली थी, 6 से 16 फरवरी तक देशमुख कोरोना की वजह से अस्पताल में भर्ती थे. उन्होंने कहा कि एटीएस मेन केस में सही दिशा में जा रही है, जांच की दिशा भटकाने की कोशिश की जा रही है और अब सच सामने आ रहा है. जिस मंत्री के बारे में आरोप था, उनकी उस समय की स्थिति साफ हो गई है और ऐसी परिस्थिति में उनके इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता.

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