जयपुर Purnima Vrat 2022 Dates: पूर्णिमा के दिन तीर्थ स्नान, दान और व्रत करने से होती है सारी कामनाओं की पूर्ति; जानें, साल 2022 में कब-कब है पूर्णिमा

Purnima Vrat 2022 Dates: पूर्णिमा के दिन तीर्थ स्नान, दान और व्रत करने से होती है सारी कामनाओं की पूर्ति; जानें, साल 2022 में कब-कब है पूर्णिमा

Purnima Vrat 2022 Dates: पूर्णिमा के दिन तीर्थ स्नान, दान और व्रत करने से होती है सारी कामनाओं की पूर्ति; जानें, साल 2022 में कब-कब है पूर्णिमा

जयपुर: पंचांग के अनुसार वर्ष के प्रत्येक महीने में पूर्णिमा और अमावस्या पड़ती है. शास्त्रों में पूर्णिमा के दिन दिन पूजा, जप, तप और दान का उल्लेख निहित है. इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु जी की पूजा-उपासना की जाती है. साल 2022 में कुल 12 पूर्णिमा होगी. हिंदू धर्म में पूर्णिमा की काफी महिमा मानी गई है. ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि नए साल में पहली पूर्णिमा 17 जनवरी और साल का आखिरी पूर्णिमा 8 दिसंबर को होगी. मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन दान करने से व्यक्ति के जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन होता है. साथ ही पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. 

पूर्णिमा का महत्व:
कुण्डली विश्ल़ेषक डा.अनीष व्यास ने बताया कि पूर्णिमा तिथि का अपना महत्व है. इन तिथियों पर महापुरुषों धर्मगुरूओं और देवताओं का प्रादुर्भाव हुआ था. इस वजह से इसका और भी महत्व बढ जाता है. इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण रुप में और सोलह कलाओं से युक्त होता है. धर्म ग्रंथों अनुसार साल की किसी भी पूर्णिमा के दिन तीर्थ स्नान, दान और व्रत करने से सारी कामनाओं की पूर्ति होती है. इस दिन सुहागिनें व्रत कर अपने सौभाग्य की वृद्धि करती है पति की लंबी आयु के लिये वट, यानि बरगद के पेड़ की उपासना की जाती है. इसके अलावा इस दिन बिल्व पत्र से भगवान शंकर और मां पार्वती की पूजा की जाती है. फाल्गुन की पूर्णिमा पर होलिका दहन तो सावन की पूर्णिमा पर रक्षा बंधन का त्योहार मनाते है. जो प्रेम और सौहार्द्र की भावना जागृत होती है. कुंडली का चंद्र दोष खत्म होता है.

साल 2022 के प्रमुख पूर्णिमा व्रत:
भविष्यवक्ता डा. अनीष व्यास ने बताया कि धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो सभी पूर्णिमा तिथियां व्रत एवं स्नान-दान के लिए महत्वपूर्ण होती हैं. पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी, भगवान शिव, चंद्रमा और भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है. चंद्र दोष को दूर करने के लिए भी ज्योतिष उपाय किए जाते हैं.

श्रावण पूर्णिमा 2022:- कुण्डली विश्ल़ेषक डा.अनीष व्यास ने बताया कि साल में श्रावण पूर्णिमा का व्रत और दिन महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है.साल 2022 में श्रावण पूर्णिमा 11 अगस्त को है. इस दिन राखी का त्योहार मनाया जाएगा.

आश्विन पूर्णिमा 2022:- भविष्यवक्ता डा.अनीष व्यास ने बताया कि आश्विन पूर्णिमा का धार्मिक महत्व ज्यादा है. आश्विन पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं. इस दिन चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और आसमान से अमृत वर्षा होती है. इस वजह से रात के समय खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखते हैं. आश्विन पूर्णिमा को ही कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं. इस रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं. साल 2022 में आश्विन पूर्णिमा 09 अक्टूबर को है.

 

कार्तिक पूर्णिमा 2022:- कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि आश्विन पूर्णिमा का भी अलग ही महत्व है. आश्विन पूर्णिमा को देव दीपावली मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध कर देवताओं को उसके अत्याचार से मुक्त कराया था. इस वजह से सभी देवता काशी में गंगा तट पर देव दिवाली मनाने आते हैं. साल 2022 में कार्तिक पूर्णिमा 08 नवंबर को है. कार्तिक पूर्णिमा का स्नान भी अक्षय पुण्य को देने वाला होता है.

पूर्णिमा  2022:-
पौष पूर्णिमा 17 जनवरी 2022 
माघ पूर्णिमा 16 फरवरी, 2022 
फाल्गुन पूर्णिमा 18 मार्च, 2022 
चैत्र पूर्णिमा 16 अप्रैल, 2022 
वैशाख पूर्णिमा 16 मई, 2022 
ज्येष्ठ पूर्णिमा 14 जून, 2022 
आषाढ़ पूर्णिमा 13 जुलाई, 2022 
सावन पूर्णिमा 12 अगस्त, 2022 
भाद्रपद पूर्णिमा 10 सितंबर, 2022 
अश्विन पूर्णिमा 9 अक्टूबर, 2022 
कार्तिक पूर्णिमा 8 नवंबर, 2022 
मार्गशीर्ष पूर्णिमा 8 दिसंबर, 2022

और पढ़ें