जयपुर VIDEO: राहें जुदा-जुदा, मंजिल एक! अलायंस एयर चलेगी भारत सरकार के अधीन, देखिए ये खास रिपोर्ट 

VIDEO: राहें जुदा-जुदा, मंजिल एक! अलायंस एयर चलेगी भारत सरकार के अधीन, देखिए ये खास रिपोर्ट 

जयपुर: 5 माह पहले तक केन्द्र सरकार के अधीन 3 अलग-अलग कंपनियों के जरिए संचालित होने वाली एयर इंडिया अब 2 हिस्सों में बंट चुकी है. एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस का स्वामित्व जहां टाटा समूह के पास चला गया है, वहीं तीसरी कम्पनी अलायंस एयर स्वतंत्र रूप से केन्द्र सरकार के अधीन रहेगी. जयपुर एयरपोर्ट पर भी ये बदलाव देखने को मिलेंगे. 

एयर इंडिया को टाटा समूह को बेचे जाने के बाद भी भारत सरकार के पास एक एयरलाइन बची रहेगी. यह एयरलाइन है अलायंस एयर. दरअसल नवंबर में एयर इंडिया का स्वामित्व टाटा समूह का हो गया था. उस दौरान एयर इंडिया की सम्पत्तियों और विमानों का स्वामित्व टाटा समूह को दिया गया था. एयर इंडिया के बैनर तले तीन कम्पनियों के जरिए फ्लाइट संचालन हो रहा था. इनमें एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अलायंस एयर शामिल हैं. 

टाटा समूह ने सौदे में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट्स का संचालन ही अपने हाथों में लिया है. अलायंस एयर को अभी भी केन्द्र सरकार के पास छोड़ा गया है. हालांकि अलायंस एयर कम्पनी एयर इंडिया की तीनों ही कम्पनियों में सबसे छोटी है. अलांयस एयर के पास सबसे कम विमान हैं और यह देश के टियर 2 और टियर 3 श्रेणी के शहरों को आपस में जोड़ने का कार्य करती है. अब 15 अप्रैल के बाद एयर इंडिया और अलायंस एयर की राहें अलग हो गई हैं. टाटा समूह ने अपनी सम्पत्तियों से अलायंस एयर की साझेदारी को हटा दिया है. अलायंस एयर की फ्लाइट्स के लिए बुकिंग अभी तक एयर इंडिया की वेबसाइट से होती थी, लेकिन अब यह बुकिंग बंद कर दी गई है. 

3 कम्पनियां, अलायंस एयर अब केन्द्र सरकार के पास:
- एयर इंडिया के पास हैं 128 विमान, फ्लाइट कोड है AI
- एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास हैं 25 विमान, फ्लाइट कोड है IX
- एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट्स ज्यादातर इंटरनेशनल रूट पर चलती हैं
- इन दोनों कम्पनियों का स्वामित्व अब टाटा समूह के पास
- तीसरी कम्पनी अलायंस एयर के पास हैं 20 विमान, फ्लाइट कोड है 9I
- देश के 49 शहरों के लिए संचालित होती हैं अलायंस एयर की फ्लाइट
- हालांकि अलायंस एयर के 20 में से 18 विमान हैं 70 सीट क्षमता के
- जबकि 2 छोटे विमान हैं मात्र 19 यात्री क्षमता के

अलायंस एयर के अलग होने पर कम्पनी के सीईओ विनीत सूद ने एक परिपत्र जारी करते हुए कहा है कि 15 अप्रैल से अलायंस एयर अब एयर इंडिया का हिस्सा नहीं रहेगी. यह एयरलाइन स्वतंत्र रूप से भारत सरकार के अधीन संचालित होगी. 15 अप्रैल को ही अलायंस एयर समूह ने अपनी अलग से वेबसाइट भी बना ली है. साथ ही यात्रियों के लिए अलग से हैल्पलाइन नम्बर और कॉल सेंटर नंबर जारी किए गए हैं. इस बीच जयपुर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के टिकटिंग काउंटर पर भी अलायंस एयर की फ्लाइट्स की बुकिंग बंद कर दी गई है. सूत्रों के मुताबिक एयरलाइन जल्द ही अलग से ऑफिस लेकर कार्य शुरू करेगी.

अलायंस एयर का जयपुर कनेक्शन:
- कोविड से पूर्व जयपुर एयरपोर्ट पर था अलायंस एयर का दबदबा
- जयपुर से दिल्ली, उदयपुर, बीकानेर, आगरा, भोपाल, लखनऊ के लिए थी 6 फ्लाइट्स
- लेकिन अब एयरलाइन की केवल दिल्ली के लिए फ्लाइट संचालित
- सुबह और शाम के समय दिल्ली के लिए केवल 2 फ्लाइट संचालित
- अब एयरलाइन जल्द ही एयरपोर्ट पर नया टिकटिंग ऑफिस शुरू करेगी
- हालांकि ग्राउंड हैंडलिंग का कार्य एयर इंडिया की कम्पनी AIASL ही करती रहेगी

हालांकि अलायंस एयर प्रबंधन को शुरुआती समय में परेशानी झेलनी होगी. दरअसल एयरलाइन के पास ऑफिस इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्टाफ की कमी है. चूंकि अभी तक यह एयरलाइन एयर इंडिया के बैनर तले संचालित हो रही थी, लेकिन अब एयरलाइन को सभी सुविधाएं खुद के स्तर पर जुटानी होंगी. हालांकि इसका एक फायदा यह भी है कि यह एयरलाइन केन्द्र सरकार के पास बची रहेगी और केन्द्र सरकार जनहित को देखते हुए छोटे शहरों के बीच इन छोटे आकार के विमानों के जरिए फ्लाइट संचालन कर सकेगी. उम्मीद की जानी चाहिए कि केन्द्र सरकार की योजना 'उड़ान-उड़े देश का आम नागरिक' इस एयरलाइन द्वारा सही तरीके से संचालित हो सकेगी.
 

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