शराब की दुकानों का लॉटरी से आवंटन लगभग तय, मोटा राजस्व मिलने का अनुमान

Nirmal Tiwari Published Date 2019/01/11 05:14

जयपुर। राज्य सरकार नई आबकारी नीति ला रही है। शराब दुकानों के लाइसेंस लॉटरी की संभावना है जिस पर मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। आवेदन शुल्क से आबकारी विभाग को मोटा राजस्व मिलने का अनुमान जाएंगे जिस पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री करेंगे। सूत्रों का कहना है कि चालू बंदोबस्त 2 वर्ष के लिए था जो 31 मार्च को पूरा हो रहा है। नवीनीकरण में देशी मदिरा के समूह नहीं उठ पाते इसलिए नवीनीकरण किया गया तो एक हजार करोड़ से ज्यादा के नुकसान का अंदेशा है। ऐसे में सूत्रों का कहना है कि लॉटरी से आवंटन किया जाना लगभग तय है। 

प्रदेश में अंग्रेजी के एक हजार और देशी के 6 हजार 600 लाइसेंस हैं। इनके आवेदन से सरकार को शुल्क के तौर पर 800 करोड़ से ज्यादा मिलने का अनुमान है। सूत्रों का कहना है कि नई नीति में संयमित बिक्री और राजस्व दोनों के तालमेल के प्रयास किए हैं। दुकानों की संख्या में भी कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा। इंटरनेशनल ब्रांड की शराब के लिए बीआईओ बांड जयपुर में देने पर विचार चल रहा है और पर्यटकों के लिहाज से माइक्रो ब्रूवरी की स्थापना की जा सकती है। इसके लिए चयनित पर्यटनस्थलों और नीमराणा, बहरोड़ में कुछ कियोस्क शुरू किए जा सकते हैं जिन पर न्यूनतम एल्कोहल वाली बीयर मिला करेगी। होटलों में शराब लाइसेंस की दर बढ़ाई जा सकती है और रेस्ट्रो बार के लिए भी लिकर कैटेगरी में बदलाव संभव है।  

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