अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दिया, विधायक दल ने नया नेता चुनने के लिए सोनिया को अधिकृत किया

अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दिया, विधायक दल ने नया नेता चुनने के लिए सोनिया को अधिकृत किया

 अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दिया, विधायक दल ने नया नेता चुनने के लिए सोनिया को अधिकृत किया

चंडीगढ़/नई दिल्ली: पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के साथ लंबे समय तक चली तनातनी के बाद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया और दो टूक कहा कि बार-बार विधायकों की बैठक बुलाए जाने से उन्होंने अपमानित महसूस किया, जिसके बाद पद छोड़ने का फैसला किया. उनके इस्तीफे के बाद हुई विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अधिकृत किया गया कि वह विधायक दल के नये नेता का चयन करें. यह नया नेता ही पंजाब का अगला मुख्यमंत्री होगा.

विधायक दल की बैठक से कुछ देर पहले अमरिंदर सिंह राजभवन पहुंचे और राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को अपना और अपने मंत्रिपरिषद का इस्तीफा सौंपा. इस्तीफा देने के बाद राजभवन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह अपने साथियों और समर्थकों के साथ बातचीत करने के बाद भविष्य के कदम एवं विकल्प पर फैसला करेंगे.हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल वह कांग्रेस में हैं.अमरिंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस अलाकमान जिसे चाहे, उसे मुख्यमंत्री बना सकता है.

उन्होंने बताया कि मेरा फैसला आज सुबह हो गया था. मैंने कांग्रेस अध्यक्ष से बात की थी और उनसे कह दिया था कि इस्तीफा दे रहा हूं. सिंह के अनुसार,कुछ महीनों में यह तीसरी बार हो रहा है. पहले विधायकों को बुलाया, दूसरी बार बुलाया और तीसरी बार बैठक कर रहे हैं. मैं अपमानित महसूस करता हूं. मेरे ऊपर अगर संदेह है तो ऐसे में मैंने फैसला किया कि मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया जाए.उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान को जिस पर भरोसा हो, उसे मुख्यमंत्री बना सकता है.

यह पूछे जाने पर कि उनकी भविष्य की रणनीति क्या होगी और क्या भाजपा अथवा किसी दूसरी पार्टी के साथ जाएंगे, तो अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘‘मेरी 52 साल की राजनीति में जिन लोगों ने मेरा साथ दिया, उनके साथ बातचीत करने के बाद इस बारे में फैसला करूंगा.इस सवाल पर कि क्या वह नए मुख्यमंत्री को स्वीकार करेंगे तो उन्होंने कहा कि वह अपने साथियों से चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लेंगे.

उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां तक मेरी भविष्य की राजनीति का सवाल है, तो एक विकल्प हमेशा रहता है, समय आने पर उस विकल्प को देखूंगा. मैं अपने साथियों से बात करके कोई फैसला करूंगा. बाद में एक निजी चैनल से बातचीत में अमरिंदर सिंह ने कहा कि अगर सिद्धू को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो वह पंजाब का बेड़ा गर्क कर देंगे क्योंकि वह उनके नेतृत्व वाली सरकार में एक मंत्रालय नहीं चला सके थे.

उधर, कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षकों अजय माकन और हरीश चौधरी तथा प्रदेश प्रभारी हरीश रावत की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पारित कर नया नेता चुनने के लिए सोनिया गांधी को अधिकृत किया गया. इसके साथ ही, एक और प्रस्ताव पारित कर अमरिंदर सिंह के योगदान की तारीफ की गई और उनका धन्यवाद किया गया. विधायक दल की बैठक के बाद रावत ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी में यह परंपरा रही है कि कांग्रेस अध्यक्ष को नया नेता चुनने के लिए अधिकृत किया जाए. पंजाब के हमारे विधायक दल ने भी इसी परंपरा का अनुसरण करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से आग्रह किया कि वह नये नेता का फैसला करें. कांग्रेस अध्यक्ष जिसे भी नेता चुनेंगी, वह सबको स्वीकार होगा.

माकन ने कहा कि विधायक दल की बैठक में कांग्रेस के कुल 80 में से 78 विधायक मौजूद थे और मुख्यमंत्री के लिए इसमें किसी नाम पर चर्चा नहीं की गई. उन्होंने कहा कि विधायक दल का नेता चुनने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को अधिकृत करने वाले प्रस्ताव के साथ ही एक प्रस्ताव रखा गया. इसमें हमने अमरिंदर सिंह के योगदान की तारीफ की और उनका धन्यवाद किया. उम्मीद की है कि उनका मार्गदर्शन आगे भी मिलता रहेगा.इससे पहले, कांग्रेस के 50 से अधिक विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री के पद से हटाने की मांग की थी. इसी पत्र के बाद पार्टी आलाकमान ने विधायक दल की बैठक बुलाने का निर्देश दिया. इस्तीफा देने से पहले, अमरिंदर सिंह ने अपने आवास पर समर्थक विधायकों की बैठक की. सूत्रों का कहना है कि करीब 15 विधायकों एवं मंत्रियों ने उनके प्रति अपना समर्थन जताया, जबकि राज्य की 117 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 80 विधायक हैं. (भाषा)

और पढ़ें