Live News »

नहीं होगी इस वर्ष बाबा बर्फानी की यात्रा, कोरोना के चलते टली अमरनाथ यात्रा

नहीं होगी इस वर्ष बाबा बर्फानी की यात्रा, कोरोना के चलते टली अमरनाथ यात्रा

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते इस वर्ष अमरनाथ यात्रा रद्द कर दी गई. हालांकि अभी तक संभावना जताई जा रही थी कि इस वर्ष बाबा बर्फानी की यात्रा 21 जुलाई से शुरू होकर 3 अगस्त तक चलेगी.

शुक्रवार को हुई थी प्रथम पूजा:
वहीं शुक्रवार को यात्रा के लिए प्रथम पूजा भी आयोजित हुई थी. ऐस में अचानक अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने यात्रा को रद्द करने की घोषणा कर दी. बाबा बर्फानी की पवित्र अमरनाथ यात्रा हर साल जून महीने में शुरू होती थी. इससे पहले अप्रैल माह में भी अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से पवित्र गुफा की यात्रा को रद्द करने की बात कही गई थी. 

ED ने JNU की सम्पत्तियां कुर्क की, पूर्व चेयरमैन कमल मेहता की 12.98 करोड़ की सम्पत्तियां कुर्क की

हर वर्ष जून माह में होता है यात्रा का आयोजन:
आपको बता दें कि हर वर्ष जून के माह में अमरनाथ श्राइन बोर्ड अमरनाथ यात्रा का आयोजन करता है. लेकिन इस बार कोरोना की वजह से अमरनाथ यात्रा टल गई है. अमरनाथ यात्रा के लिए हर साल अप्रैल के पहले सप्ताह से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होती है, हालांकि इस बार कोरोना महामारी के चलते प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी.

सचिन पायलट समेत 19 असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों को नोटिस का मामला: स्पीकर डॉ सीपी जोशी करेंगे 24 जुलाई की शाम को निर्णय

और पढ़ें

Most Related Stories

सदन की कार्यवाही से विपक्ष के बहिष्कार के बीच कृषि से जुड़ा तीसरा बिल भी राज्यसभा से पास

सदन की कार्यवाही से विपक्ष के बहिष्कार के बीच कृषि से जुड़ा तीसरा बिल भी राज्यसभा से पास

नई दिल्ली: विपक्ष के बहिष्कार के बीच कृषि से जुड़ा तीसरा बिल आवश्यक वस्तु विधेयक, 2020 भी राज्यसभा से पास हो गया है. कृषि से जुड़े दो बिल पहले ही राज्यसभा से पास हो चुके हैं. लोकसभा ने 15 सितंबर को आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 को मंजूरी दे दी थी.

इस बिल में खाद्य पदार्थों को नियंत्रण मुक्त करने का प्रावधान:
इस बिल में खाद्य पदार्थों जैसे अनाज, दालें और प्याज को नियंत्रण मुक्त करने का प्रावधान है. बिल पास होने के बाद अब अनाज, दलहन, खाद्य तेल, आलू-प्याज आवश्यक वस्तु नहीं होंगे. उत्पादन, स्टोरेज, डिस्ट्रीब्यूशन पर सरकारी नियंत्रण खत्म होगा. फूड सप्लाई चेन के आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी. उपभोक्ताओं के लिए भी कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी. सब्जियों की कीमतें दोगुनी होने पर स्टॉक लिमिट लागू होगी.

{related} 

सरकार बता रही कृषि क्षेत्र की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: 
इससे पहले 20 सितंबर को कृषि से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयकों को राज्यसभा ने विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के बीच ध्वनिमत से अपनी मंजूरी दे दी थी. सरकार द्वारा इन दोनों विधेयकों को देश में कृषि क्षेत्र से जुड़े अबतक के सबसे बड़े सुधार की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है.

राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला:  
वहीं इससे पहले मौजूदा मानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किए जाने के बाद सभी आठ निलंबित सांसदों ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया है. विपक्षी दलों के राज्यसभा सांसदों ने राज्यसभा का वॉकआउट किया है. इसमें कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), डीएमके, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), आम आदमी पार्टी (आप), वामदल, आरजेडी, टीआरएस और बीएसपी ने भी कार्यवाही का बहिष्कार किया है.

राज्यसभा के सभी आठ निलंबित सांसदों का धरना खत्म, विपक्ष ने किया पूरे मानसून सत्र के बहिष्कार का फैसला

राज्यसभा के सभी आठ निलंबित सांसदों का धरना खत्म, विपक्ष ने किया पूरे मानसून सत्र के बहिष्कार का फैसला

नई दिल्ली: मौजूदा मानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किए जाने के बाद सभी आठ निलंबित सांसदों ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया है. विपक्षी दलों के राज्यसभा सांसदों ने राज्यसभा का वॉकआउट किया है. इसमें कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), डीएमके, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), आम आदमी पार्टी (आप), वामदल, आरजेडी, टीआरएस और बीएसपी ने भी कार्यवाही का बहिष्कार किया है.

कार्यवाही का बहिष्कार करने के बाद खत्म किया धरना: 
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और निलंबित सांसदों में शामिल राजीव सातव ने कहा कि विपक्ष इस सत्र में उच्च सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करेगा. ऐसे में हमने धरना खत्म कर दिया है. अब हम सड़क पर आंदोलन करेंगे. इससे पहले, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जब तक उच्च सदन के आठ सदस्यों का, मानसून सत्र की शेष अवधि से निलंबन वापस नहीं लिया जाता तब तक विपक्ष कार्यवाही का बहिष्कार करेगा.

{related} 

सांसदों को निलंबित करने पर सरकार पर साधा था निशाना:
दरअसल, विपक्षी दलों ने रविवार को राज्यसभा में हुए हंगामे के चलते सोमवार को आठ विपक्षी सदस्यों को निलंबित किए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा था. इस कदम के विरोध में वे संसद भवन परिसर में ‘‘अनिश्चितकालीन’’ धरने पर बैठ गए थे. बता दें कि सभापति वेंकैया नायडू ने तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन, कांग्रेस के राजीव सातव, रिपुन बोरा, नासिर हुसैन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, के.के. रागेश और माकपा के ई. करीम को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया था. इसके विरोध में सभी सांसद, गांधी प्रतिमा के पास धरने पर थे और पूरी रात संसद परिसर में गुजार दी.


 

धरना दे रहे सांसदों को चाय पिलाने पहुंचे उपसभापति हरिवंश की पीएम मोदी ने की तारीफ, कहा- इससे खूबसूरत संदेश और क्या हो सकता है

धरना दे रहे सांसदों को चाय पिलाने पहुंचे उपसभापति हरिवंश की पीएम मोदी ने की तारीफ, कहा- इससे खूबसूरत संदेश और क्या हो सकता है

नई दिल्ली: राज्यसभा से कृषि बिल पर चर्चा के दौरान हंगामा करने पर निलंबित हो चुके आठ सांसदों से आज सुबह उपसभापति हरिवंश मुलाकात करने पहुंचे. इस दौरान हरिवंश सभी सांसदों के लिए चाय लेकर पहुंचे थे. ऐसे में अब पीएम मोदी ने भी उनके इस व्यवहार की तारीफ की है. 

बिहार सदियों से देश को लोकतंत्र की ताकत का एहसास कराते आया:
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि जिन्होंने कुछ दिन पहले उनका अपमान किया, अब हरिवंश जी उनके लिए ही चाय लेकर पहुंचे हैं. पीएम मोदी ने मंगलवार सुबह ट्वीट कर लिखा कि बिहार सदियों से देश को लोकतंत्र की ताकत का एहसास कराते आया है. आज सुबह राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश जी ने जिस तरह का व्यवहार किया है, वह लोकतंत्र के चाहने वालों को गर्व महसूस कराएगा. 

यह हरिवंश जी की उदारता और महानता को दर्शाता है:
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हर किसी ने देखा कि दो दिन पहले लोकतंत्र के मंदिर में उनको किस प्रकार अपमानित किया गया, उन पर हमला किया गया और फिर वही लोग उनके खिलाफ धरने पर भी बैठ गए. लेकिन आपको आनंद होगा कि आज हरिवंश जी ने उन्हीं लोगों को सवेरे-सवेरे अपने घर से चाय ले जाकर पिलाई. यह हरिवंश जी की उदारता और महानता को दर्शाता है. लोकतंत्र के लिए इससे खूबसूरत संदेश और क्या हो सकता है. मैं उन्हें इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं.  

{related} 

कांग्रेस ने किया सदन के मानसून सत्र का 'बायकॉट': 
वहीं कांग्रेस ने सदन के मानसू सत्र का 'बायकॉट' कर दिया है. कांग्रेस ने MSP की मांग नहीं मानने पर संसद की कार्यवाही का बहिष्कार किया है. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सांसदों का निलंबन वापस हो, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश पर MSP की गारंटी मिले. ऐसे में मांगें माने जाने तक हम सदन से बायकॉट करेंगे.

कृषि बिल पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने राज्यसभा में हंगामा किया था:  
बता दें कि कृषि बिल पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने राज्यसभा में हंगामा किया था. इस दौरान कई सांसदों ने उपसभापति की टेबल पर कागज फाड़े थे, माइक तोड़ दिया था. साथ ही उपसभापति पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद एक अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया था. इसी पर एक्शन लेते हुए राज्यसभा चेयरमैन वेंकैया नायडू ने विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया था. जिसके बाद सभी सांसद सोमवार शाम से ही संसद परिसर में धरने पर बैठे हैं. सभी सांसद पूरी रात संसद परिसर के बाहर ही बैठे रहे.

सरकार ने संसद में दी जानकारी- तबलीगी जमात के कार्यक्रम की वजह से कई व्यक्तियों में फैला कोरोना

सरकार ने संसद में दी जानकारी- तबलीगी जमात के कार्यक्रम की वजह से कई व्यक्तियों में फैला कोरोना

नई दिल्ली: कोरोनावायरस महामारी जब देश में फैलना शुरू हुई तो इसके पीछे बड़ा कारण तबलीगी जमात को बताया गया. आज देश की संसद में भी इसी मामले को लेकर सवाल किया गया तो गृह मंत्रालय ने अपना जवाब दिया. गृह मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना फैलने के बाद विभिन्न अधिकारियों द्वारा जारी किए गए आदेश के बावजूद मार्च में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में भारी भीड़ लंबी अवधि तक एक परिसर में एकत्र रही, जिससे कई व्यक्तियों में संक्रमण फैल गया. 

क्या कोरोना वायरस फैलने के पीछे मुख्य कारण तबलीगी जमात है? 
तबलीगी जमात के मसले पर राज्यसभा में सांसद अनिल देसाई ने सवाल करते हुए पूछा कि क्या ये तथ्य है कि दिल्ली और अन्य राज्यों में कोरोना वायरस फैलने के पीछे मुख्य कारण तबलीगी जमात है? दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तब कितने लोग इकट्ठे हुए थे? अभी तक तबलीगी जमात के कितने लोग गिरफ्तार हुए और मौलाना साद का क्या स्टेटस है? अगर मौलाना साद गिरफ्तार हुआ है तो अबतक क्या एक्शन हुआ है?

{related}

भीड़ लंबी अवधि के लिए बंद परिसर में इकट्ठा हुई:
सांसद के इन सवालों पर गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने लिखित में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जैसा कि दिल्ली पुलिस ने बताया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर विभिन्न प्राधिकरणों द्वारा निर्देश जारी करने के बावजूद बिना मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन किए भीड़ लंबी अवधि के लिए बंद परिसर में इकट्ठा हुई. इसके कारण कई व्यक्तियों में कोरोना का संक्रमण फैल गया.

पुलिस ने निजामुद्दीन इलाके से 233 लोगों को गिरफ्तार किया:
जवाब में कहा गया है कि 29 मार्च तक दिल्ली पुलिस ने निजामुद्दीन इलाके से कुल 2361 लोगों को निकाला था. इनमें से 233 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.  हालांकि, मौलाना साद को लेकर अभी भी जांच चल रही है. इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने 36 देशों के 956 विदेशी नागरिकों के खिलाफ अब तक 59 आरोपपत्र दायर किए हैं. केंद्र सरकार ने जमात में हिस्सा लेने आए विदेशी नागरिकों का वीजा रद्द कर दिया है और उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया है. 


 

कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा - PM मोदी

कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा - PM मोदी

नई दिल्ली: बिहार को विधानसभा चुनाव से पहले सौगात मिलने का सिलसिला जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के सभी 45,945 गांवों को ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवाओं से जोड़ने के प्रोजेक्ट और राजमार्गों से जुड़ी 9 परियोजनाओं का उद्घाटन किया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के गांवों में इंटरनेट उपयोग करने वालों की संख्या शहरों से ज्यादा हो जाएगी. किसान, गांव के युवा, महिलाएं आसानी से इंटरनेट का इस्तेमाल करेंगे इस पर भी लोग सवाल उठाते थे, लेकिन अब सारी स्थितियां बदल गई है.

ये सुधार 21वीं सदी के भारत की जरूरत:  
इस दौरान कृषि बिल पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कल देश की संसद ने, देश के किसानों को नए अधिकार देने वाले बहुत ही ऐतिहासिक कानूनों को पारित किया है. मैं देश के लोगों को, देश के किसानों, देश के उज्ज्वल भविष्य के आशावान लोगों को भी इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं. ये सुधार 21वीं सदी के भारत की जरूरत हैं.

{related}

ये कानून, ये बदलाव कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं: 
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं यहां स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ये कानून, ये बदलाव कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं हैं. कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा. बल्कि ये हमारी ही एनडीए सरकार है जिसने देश की कृषि मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर काम किया है. 

नए कृषि सुधारों ने किसान को ये आजादी दी:
उन्होंने कहा कि हमारे देश में अब तक उपज बिक्री की जो व्यवस्था चली आ रही थी, जो कानून थे, उसने किसानों के हाथ-पांव बांधे हुए थे. इन कानूनों की आड़ में देश में ऐसे ताकतवर गिरोह पैदा हो गए थे, जो किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे थे. आखिर ये कब तक चलता रहता? नए कृषि सुधारों ने किसान को ये आजादी दी है कि वो किसी को भी, कहीं पर भी अपनी फसल अपनी शर्तों बेच सकता है. उसे अगर मंडी में ज्यादा लाभ मिलेगा, तो वहां अपनी फसल बेचेगा. मंडी के अलावा कहीं और से ज्यादा लाभ मिल रहा होगा, तो वहां बेचने पर भी मनाही नहीं होगी.


 

ड्रग्स मामले में सारा अली खान-श्रद्धा कपूर, रकुल प्रीत को भेजा जा सकता है समन, रिया ने लिए थे नाम

ड्रग्स मामले में सारा अली खान-श्रद्धा कपूर, रकुल प्रीत को भेजा जा सकता है समन, रिया ने लिए थे नाम

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच से जुड़े ड्रग्स मामले में अभिनेत्री सारा अली खान, श्रद्धा कपूर, रकुल प्रीत सिंह से भी पूछताछ हो सकती है. अभिनेत्रियों को एनसीबी की ओर से उन्हें समन भेजा जा सकता है. दरअसल, एनसीबी का दावा है कि सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने इन चारों एक्ट्रेस का नाम लिया था.

रिया ने 25 लोगों को नाम लिया था:
रिया चक्रवर्ती ने एसीबी से पूछताछ के दौरान फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े 25 लोगों को नाम लिया था. ऐसे में अब एनसीबी इस मामले को पूरी तरह से सुलझाने के लिए जांच में जुटी गई है. दरअसल, एनसीबी का दावा है कि सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने इन चारों एक्ट्रेस का नाम लिया था.

{related}

इस सप्ताह के अंत में समन जारी होने की संभावना:
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) इन अभिनेत्रियों को इस सप्ताह के अंत में समन जारी कर सकता है क्योंकि इसने उन 10 लोगों के खिलाफ मामला बनाने की कोशिश की है जिन्होंने सुशांत राजपूत मामले से जुड़े ड्रग्स के आरोपों को लेकर गिरफ्तार किया है.  

इस ड्रग्स मामले में अब तक 16 गिरफ्तारी हो चुकी:
28 वर्षीय अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के अलावा, इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किए गए अन्य लोग में उनके भाई शौविक चक्रवर्ती, सुशांत सिंह राजपूत के दो कर्मचारी और कथित ड्रग डीलर थे, जो बॉलीवुड से जुड़े हुए हैं. बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत केस से जुड़े इस ड्रग्स मामले में अब तक 16 गिरफ्तारी हो चुकी है.
 


 

राज्यसभा में किसान बिल पर जोरदार हंगामा, 8 सांसद एक हफ्ते के लिए हुए निलंबित

राज्यसभा में किसान बिल पर जोरदार हंगामा, 8 सांसद एक हफ्ते के लिए हुए निलंबित

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का आज आठवां दिन है. राज्यसभा में आज विपक्षी सांसदों के हंगामे का मुद्दा उठा. सभापति ने हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की है. उन्होंने हंगामा करने वाले आठ विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें एक हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया है. यानी वे एक हफ्ते तक सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. निलंबित होने वाले सांसदों में डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, रिपुन बोरा, नजीर हुसैन, केके रागेश, ए करीम, राजीव साटव, डोला सेन हैं. 

अविश्‍वास प्रस्‍ताव नियमों के हिसाब से सही नहीं: 
सभापति ने कहा कि कहा कि उपसभापति के खिलाफ विपक्षी सांसदों की तरफ से लाया गया अविश्‍वास प्रस्‍ताव नियमों के हिसाब से सही नहीं है. सभापति की कार्रवाई के बाद भी सदन में हंगामा जारी रहा.

{related}

कल राज्यसभा के लिए सबसे खराब दिन था:
राज्यसभा के सभापति ने कल की घटना पर कहा कि राज्यसभा के लिए सबसे खराब दिन था. कुछ सांसदों ने पेपर को फेंका. माइक को तोड़ दिया. रूल बुक को फेंका गया. इस घटना से मैं बेहद दुखी हूं. उपसभापति को धमकी दी गई. उनपर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई.

किसानों को उनकी फसल का पूरा समर्थन मूल्य मिलेगा:
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि सरकारी खरीद जारी रहेगी और किसानों को उनकी फसल का पूरा समर्थन मूल्य मिलेगा. ये बिल पूरी तरह किसानों के हित में है और किसी को कोई आशंका नहीं होनी चाहिए. किसान वैश्विक मानदंडों के तहत कार्य कर पाएगा और उनकी पहुंच पूरी तरह से बाजार पर अपनी आजादी के तहत होगी.


 

CoronaVirus in India: देश में 24 घंटे में 87,882 नए मरीज आए, अबतक करीब 55 लाख संक्रमित

CoronaVirus in India: देश में 24 घंटे में 87,882 नए मरीज आए, अबतक करीब 55 लाख संक्रमित

नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार तेजी से इजाफा हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 86,961 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं, 1130 लोगों की जान भी चली गई है. ऐसे में देश में अब कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 54 लाख 87 हजार 580 हो गई है. इनमें से 87,882 लोगों की मौत हो चुकी है.

एक्टिव केस की संख्या 10 लाख 3 हजार:
वहीं एक्टिव केस की संख्या 10 लाख 3 हजार है और 43 लाख 96 हजार लोग ठीक हो चुके हैं. संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या की तुलना में स्वस्थ हुए लोगों की संख्या करीब चार गुना अधिक है. कुल रिकवरी के मामले में भारत दुनिया के अन्य देशों से आगे निकलकर पहले स्थान पर बना हुआ है. अब तक 44 लाख लोग रिकवर हो चुके हैं.

{related}

20 सितंबर तक कुल 6,43,92,594 सैंपल्स टेस्ट किए गए: 
ICMR के मुताबिक, 20 सितंबर तक कुल 6,43,92,594 सैंपल्स टेस्ट किए गए जिनमें कल टेस्ट किए गए 7,31,534 सैंपल्स भी शामिल हैं.

मृत्यु दर में गिरावट: 
राहत की बात है कि मृत्यु दर और एक्टिव केस रेट में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. मृत्यु दर गिरकर 1.60% हो गई. इसके अलावा एक्टिव केस जिनका इलाज चल है उनकी दर भी घटकर 19% हो गई है. इसके साथ ही रिकवरी रेट यानी ठीक होने की दर 80% हो गई है. भारत में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है.