Amer Fort Tragedy : कुदरत के कहर ने छीन ली 11 लोगों की जान , राज्य सरकार के साथ केन्द्र ने भी दी आर्थिक मदद

Amer Fort Tragedy : कुदरत के कहर ने छीन ली 11 लोगों की जान , राज्य सरकार के साथ केन्द्र ने भी दी आर्थिक मदद

Amer Fort Tragedy : कुदरत के कहर ने छीन ली 11 लोगों की जान , राज्य सरकार के साथ केन्द्र ने भी दी आर्थिक मदद

जयपुर: जयपुर के आमेर में वॉच टॉवर पर बिजली गिरने से हुए हादसे ने 11 लोगों की जिंदगी छीन ली. इस प्राकृतिक आपदा में जो लोग हादसे का शिकार हुए, उनके परिजनों की देर रात से सुबह तक रुलाई फूट रही थी. 11 मृतकों के अलावा हादसे में कुल 10 लोग घायल हुए हैं, जिनका एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में उपचार चल रहा है. 21 वर्षीय नाजिम के पिता हतप्रभ से हैं. वे सदमे में हैं और समझ नहीं पा रहे कि अपने दुख को कैसे व्यक्त करें. जब मोर्चरी के अंदर से किसी चिकित्सा कर्मचारी के पुकारने की आवाज आती तो उधर दौड़ते. अपने इकलौते बेटे के शव की पहचान करने से लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहमति देने का असीम दुखभरा काम किया और जब कोई राजनीतिक दल से जुड़े जनप्रतिनिधि ढांढस बंधाने पहुंचते तो उन्हें पूरे घटनाक्रम के बारे में बताते. जब हमने उनसे घटना पूछने की कोशिश की तो जैसे बोल नहीं पाए. ये हालात केवल नाजिम के पिता के नहीं, बल्कि साकेत, मोहम्मद शोएब, वैभव, जीशान जैसे कुल 11 मृतकों के परिजन इसी तरह दुख में डूबे नजर आए. 

पूरा परिवार सदमे में:
हादसे में कुल 11 लोगों की मृत्यु हुई है. एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में मौजूद ज्यादातर परिजन यही कह रहे थे कि उन्होंने सोचा नहीं था कि ऐसा हो जाएगा. हालांकि चिकित्सा विभाग ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में ज्यादा समय नहीं लगाया और सुबह 8 बजे से शुरू हुई पोस्टमार्टम की प्रक्रिया दोपहर 12 बजे तक पूरी कर ली गई. सीकर निवासी वैभव के परिजन ने बताया कि वह एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था. जब सूचना मिली तो पूरा परिवार सदमे में आ गया.

शोएब और उसके 3 साथी गए थे घूमने के लिए:
हादसे में जान गंवाने वाले मृतक साकेत के बड़े भाई कहते हैं, सोचा नहीं था कि ऐसा हो जाएगा. छोटे भाई की यह स्थिति देखकर परिवार में गम का माहौल है. मोहम्मद शोएब के पिता भी बदहवास हालात में घूम रहे थे. वे बात करने की स्थिति में नहीं थे. शोएब के मामा ने बताया कि शोएब और उसके 3 साथी घूमने के लिए गए थे. वॉच टॉवर पर जब ये हादसा हुआ तो सूचना मिलते ही वहां पहुंचे.

मृतकों के परिजनों को बंधाया ढांढस: 
मृतकों के परिजनों को संबल देने के मामले में जयपुर शहर के जनप्रतिनिधि तुरंत ही मौके पर पहुंचे. देर रात से लेकर सुबह जल्दी ही अस्पताल पहुंच गए. अलसुबह किशनपोल विधायक अमीन कागजी एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी पहुंच गए और मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया. उन्होंने परिजनों को राज्य सरकार की ओर से दी गई आर्थिक सहायता की भी जानकारी दी. मुख्य सचेतक महेश जोशी मोर्चरी पहुंचकर परिजनों से मिले और उनके बारे में जानकारी लेकर ढांढस बंधाया. आदर्श नगर विधायक रफीक खान भी मौके पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों से बातचीत की.

सतीश पूनिया ने की घायलों से मुलाकात:
न केवल सत्ता पक्ष के लोग हादसे में मृतकों से मिलने पहुंचे, बल्कि विपक्ष यानी भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और स्थानीय विधायक सतीश पूनिया भी एसएमएस अस्पताल पहुंचे. पूनिया पहले एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने पहले घायलों से मुलाकात की. पूनिया ने सभी घायलों से घटना की जानकारी ली और मदद का आश्वासन दिया. इसके बाद पूनिया मोर्चरी पहुंचे और मृतकों के परिजनों को भी हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया.

केन्द्र और राज्य सरकार की तरफ से मुआवजे की घोषणा: 
हादसे में मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार ने 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने बताया कि पीएम मोदी की ओर से भी आमेर क्षेत्र के मृतकों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी. वहीं घायलों को 50-50 हजार की मदद मुहैया कराई जाएगी.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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