बीसलपुर के पानी से भरेंगे आमेर महल का मावठा!

Naresh Sharma Published Date 2019/08/21 10:54

जयपुर: जलदाय विभाग द्वारा जयपुर शहर में पौराणिक, धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से ऐतिहासिक महत्व रखने वाले मावठे को बीसलपुर परियोजना से पानी उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है. 

कार्ययोजना का प्रारूप तैयार करने के निर्देश:
जलदाय मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला के निर्देश पर विभाग के प्रमुख शासन सचिव संदीप वर्मा ने मंगलवार को अधिकारियों से इस सम्बंध में विस्तृत चर्चा की. वर्मा ने निर्देश दिए कि इसकी कार्ययोजना का प्रारूप इस प्रकार तैयार हो जिससे कि आमेर शहर में पेयजल की कोई समस्या नहीं आए और मावठे को भी पानी उपलब्ध कराया जा सके. आमेर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों से चर्चा कर उनके विचार जानते हुए इसकी कार्ययोजना तैयार की जाएगी. 

2011 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डलवाई थी पाईप लाइन:
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर ब्रह्मपुरी पम्पिंग स्टेशन से 250 एमएम व्यास की पाईप लाइन डाली जाकर मावठे को भरना प्रारम्भ किया गया था, लेकिन इसके बाद वर्ष 2015-16 में आमेर शहर में पानी की गम्भीर समस्या को देखते हुए उक्त पाईप लाइन से बद्रीनाथ एवं नवलखा पम्प हाउस को जोड़कर आमेर शहर में पेयजल व्यवस्था का संवर्धन किया गया एवं मावठे को भरना रोक दिया गया था. 

पुनर्गठन योजना का कार्य प्रगति पर:
अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता देवराज सोलंकी ने बताया कि आमेर शहर के लिए 24.72 करोड़ रूपये की पुनर्गठन योजना का कार्य प्रगति पर है, जो कि अप्रैल 2020 में पूर्ण किया जाना है. इस योजना में न्यू फिल्टर प्लांट मानबाग से राइजिंग मेन से पानी रैगर मौहल्ला एवं पीली की तलाई को दिया जावेगा. न्यू फिल्टर प्लान्ट पम्पिंग स्टेशन से डाली जा रही 500 एमएम की मुख्य पाईप लाइन को नयी माता मन्दिर मोड़ पर वर्तमान में मौजूद बिलोनिया की ढाणी से नवलखा पम्प हाउस तक पुरानी सीमेन्ट पाईप लाइन से मिलान करते हुए नवलखा पम्प हाउस पर से 1.5 से 2.0 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जा सकता है. 

3 महीने में मावठे के पूरा भरा जा सकता है:
पुरानी सीमेन्ट पाईप लाइन की पहले टेस्टिंग जावेगी और अगर लाइन सफल होती है तो इसका मिलान नई पाईप लाइन से कर आमेर को 1.5 से 2 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जा सकता है. यह कार्य एक माह में पूरा किया जा सकता है. टेस्टिंग में यदि पुरानी पाईप लाइन सफल नहीं होती है तो 300 एमएम की नई डीआई पाईप लाइन डालकर नवलखा पम्प हाउस को मानबाग पम्पिंग स्टेशन से बीसलपुर का पानी दिया जा सकता है. मानबाग से आमेर को बीसलपुर का पानी मिलने के उपरान्त 1.5 से 2.0 एमएलडी पानी मावठें के लिये छोडा जा सकता है और 3 महीने में मावठे को पूरा भरा जा सकता है. 

भारी बारिश के बाद भी नहीं आया पानी: 
दरअसल मानसून के दौरान जयपुर में भारी बारिश होने के बावजूद आमेर के मावठे में बहुत कम पानी आया है और यह अभी लगभग सूखा पड़ा है. ऐसे में अब बीसलपुर बांध लबालब होने के कारण वहां के पानी का उपयोग आमेर के मावठे को भरने में किया जा सकता है. 

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