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VIDEO: कोरोना वायरस के खौफ के बीच कपड़ा मंडी भीलवाड़ा के लिए सऊदी अरब से आ रहे शुभ संदेश

VIDEO: कोरोना वायरस के खौफ के बीच कपड़ा मंडी भीलवाड़ा के लिए सऊदी अरब से आ रहे शुभ संदेश

भीलवाड़ा: कोरोना वायरस के खौफ के बीच कपड़ा मंडी भीलवाड़ा के व्‍यापारियों के लिए सऊदी अरब से शुभ संदेश आ रहे हैं. मंदी की मार से आहत भीलवाड़ा कपड़ा उद्योग को निर्यात के नए मौके मिल रहे हैं. कोरोना वायरस की चपेट में आए चीन में दो माह से टेक्सटाइल इंडस्ट्री बंद है. ऐसे में एक्सपोर्ट के आर्डर से भीलवाड़ा वस्‍त्र मंडी को मिलने लगे है. चीन जिन देशों में निर्यात में करता था वहां के अधिकांश आर्डर भारत को मिलने लगे हैं. पिछले डेढ़ महीने में भीलवाड़ा का एक्‍सपोर्ट करीब 20 फीसदी बढ़ गया है.

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डेढ़ महिने में 15 से 20 प्रतिशत तक निर्यात बढ़ा: 
मेवार्ड चैंबर आफ कॉमर्स के महासचिव आर.के. जैन का मानना है कि डेढ़ महिने में 15 से 20 प्रतिशत तक निर्यात बढ़ा है. हर माह 65 करोड़ रुपए का कपड़ा एक्‍सपोर्ट होता है लेकिन डेढ़ महीने में एक्‍सपोर्ट 80 करोड़ रुपए तक पहुंच गया. यह ग्रौथ हमारी मण्‍डी के लिए काफी अच्‍छा संकेत है. यह अस्‍थाई एक्‍सपोर्ट के तेजी को भीलवाड़ा उद्योगपति स्‍थाई बढ़ोतरी करने में सफल होंगे. वहीं जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबन्‍धक विपूल जानी ने कहा कि ग्‍लोबल मार्केट में चीन का अपना दबदबा था लेकिन कोराना वाइरस की वजह से उनका निर्यात रूका हुआ है जो कि भारत के लिए एक अच्‍छा अवसर है. क्‍वालिटी के साथ भीलवाड़ा के उद्योगपति मार्केट में अपने उत्‍पाद देते रहेंगे तो विश्‍व भर से भीलवाड़ा कपड़ा उद्योग में ऑर्डर की बौछार होगी.

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आज भीलवाड़ा वस्त्रनगरी के नाम से पहचाना जाने लगा: 
टेक्‍सटाइल ट्रेड फेडरेशन के अध्‍यक्ष दामोदर अग्रवाल ने कहा कि डबल विड्थ लूम पर कपड़े की जाब रेट 12-13 पैसा थी जो अब 19-20 पैसा प्रति पीक हो गई. इसी तरह एयरजेट लूम पर जाब रेट करीब 20 पैसा प्रति पीक थी. 1993 में मुंबई बम ब्लास्ट के बाद यहां पर कपड़ा उत्पादन ने गति पकड़ी. मुंबई का कारोबार प्रभावित होने से आर्डर भीलवाड़ा को ट्रांसफर हुए कारोबार बढ़ा कि आज भीलवाड़ा वस्त्रनगरी के नाम से पहचाना जाने लगा है. 1993 में हुए बम ब्लास्ट के बाद पहली बार कपड़ा मंडी में इतनी तेजी देखी गई. वहीं टेक्‍सटाइल ट्रेड फेडेरेशन के महासचिव प्रेम स्‍वरूप गर्ग का कहना है कि अन्‍तर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर होने वाली उथल-पुथल का असर भीलवाड़ा मण्‍डी पर पड़ता है. कोराना वाइरस से अब जो देश हमे से कपड़ा नहीं लेते थे अब उन देश के भी हमें ऑर्डर प्राप्‍त हो रहे हैं.

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भीलवाड़ा के कपड़ा उद्योग को नयी आस की किरण दिख रही:
दुनिया भर में कोराना वायरस के खौफ में व्‍यापार का ग्राफ लगातार नीचे गिर रहा है. देश में नोटबंदी व जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार भीलवाड़ा के कपड़ा उद्योग को नयी आस की किरण दिख रही है. इसकी वजह है चीन में इण्‍डस्‍ट्रीज ठप्‍प होना. ऐसे में भीलवाड़ा की टेक्‍सटाईल इण्‍डस्‍ट्रीज के लिए सउदी अरब, मिडिल इस्‍ट, अफ्रिका से पहली कपड़ा एक्‍सपोर्ट की नयी राह खुल रही है. 

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