नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की टिप्पणी के बाद बोले अमित शाह, कहा- कोई भी दुष्प्रचार भारत की एकता को डिगा नहीं सकता

अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की टिप्पणी के बाद बोले अमित शाह, कहा- कोई भी दुष्प्रचार भारत की एकता को डिगा नहीं सकता

अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की टिप्पणी के बाद बोले अमित शाह, कहा- कोई भी दुष्प्रचार भारत की एकता को डिगा नहीं सकता

नई दिल्लीः किसानों के प्रदर्शनों पर अमेरिकी गायिका रिहाना, अन्य सेलिब्रिटी एवं कार्यकर्ताओं के टिप्पणी करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि कोई भी दुष्प्रचार भारत की एकता को ना तो डिगा सकता है और ना ही देश को नई ऊंचाइयां छूने से रोक सकता है.

कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने किया था किसानों के आंदोलन का समर्थनः
रिहाना, स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग, अमेरिकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस की भांजी मीना हैरिस और कई अन्य प्रमुख लोगों ने केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के समर्थन में ट्विटर पर अपनी आवाज उठाई.

शाह ने लिखा- कोई भी दुष्प्रचार भारत को नई ऊंचाइयां छूने से रोक नहीं सकताः
इस घटनाक्रम के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने ट्वीट में कहा कि कोई भी दुष्प्रचार भारत की एकता को डिगा नहीं सकता है ! कोई भी दुष्प्रचार भारत को नई ऊंचाइयां छूने से रोक नहीं सकता है! दुष्प्रचार भारत के भाग्य का फैसला नहीं कर सकता, सिर्फ ‘प्रगति’ ही यह कार्य कर सकती है. भारत प्रगति करने के लिए एकजुट है और एकसाथ है.

भारत अगेंस्ट प्रोपगेंडा- इंडिया टूगेदर हैशटैग का सोशल मीडिया पर लिया जा रहा यूजः
गृह मंत्री का ट्वीट हैशटैग--भारत अगेंस्ट प्रोपगेंडा (भारत दुष्प्रचार के खिलाफ है) और इंडिया टूगेदर (भारत एकजुट है)-- के साथ पोस्ट किया गया. इन हैशटैग का इस्तेमाल विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में किया था. साथ ही, इसी तरह के विचार प्रकट करते हुए शीर्ष केंद्रीय मंत्रियों ने भी इसका इस्तेमाल किया था.

विदेश मंत्रालय ने बताया अपना एजेंडा थोपने का प्रयास कर रहे कुछ स्वार्थी समूहः
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कुछ निहित स्वार्थी समूह प्रदर्शनों पर अपना एजेंडा थोपने का प्रयास कर रहे हैं और संसद में पूरी चर्चा के बाद पारित कृषि सुधारों के बारे में देश के कुछ हिस्सों में किसानों के बहुत ही छोटे वर्ग को कुछ आपत्तियां हैं. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि खासतौर पर मशहूर हस्तियों एवं अन्य द्वारा सोशल मीडिया पर हैशटैग और टिप्पणियों को सनसनीखेज बनाने की ललक न तो सही है और न ही जिम्मेदाराना है.
सोर्स भाषा

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