आंग सान सू की से एमनेस्टी इंटरनेशनलल ने वापस लिया 'सर्वोच्च सम्मान'

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/13 07:27

नई दिल्ली। एमनेस्टी इंटरनेशनलल ने म्यांमार की नेता आंग सान सू की से  सर्वोच्च सम्मान वापस ले लिया है। इसकी वजह चौंकाने वाली है। पिछले करीब एक साल से म्यांमार की सेना रोहिंग्या मुसलनमानों पर जिस तरह का व्यव्हार कर रही है उससे पूरी दुनिया वाकिफ है। रोहिंग्याओं को भारत,बांग्लादेश आदि में आकर शरण लेनी पड़ी है। दरअसल, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ म्यांमार की सेना ने अमानवीय व्यवहार किया उसे देखते हुए सू की से यह सम्मान वापस ले लिया है।

गौरतलब है कि एमनेस्टी इंटरनेशनल अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था है, जिसने वर्ष 2009 में आंग सान सू की को नजरबंदी के दौरान एंबेसडर ऑफ कॉनसाइंस अवार्ड से नवाजा था। जिसे अब संस्था ने वापस ले लिया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के अध्यक्ष कूमी नायडू ने सू की को एक पत्र जारी किया है जिसमे कहा गया है कि हमे ऐसा लग रहा है कि अब आप पूरी तरह से उम्मीद, साह और मानवाधिकारों की रक्षा करने में उदासीन हो गई हैं और अपने प्रतीक की प्रतिनिधि नहीं रही हैं।

ज्ञात हो इससे पहले कनाडा ने रोहिंग्‍या संकट के चलते म्‍यांमार की नेता आंग सांग सू को दी गई मानद नागरिकता वापस ले लिया था। सू की को साल 2007 में यह सम्‍मान दिया गया था। 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

5 राज्यों में कांग्रेस को मिली बढ़त पर राहुल बोले...

धौलपुर जेल से कैदी का वीडियो वायरल
Big Fight Live | \'सियासी गलियारों में आज क़यामत की रात | 10 DEC, 2018
मतगणना से पहले सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एडिशनल डीसीपी से खास बातचीत
रिजर्व बैंक के गर्वनर उर्जित पटेल ने दिया इस्तीफा
विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर आज आ सकता है बड़ा फैसला
संसद सत्र हंगामेदार रहने के आसार
प्रधानमंत्री कार्यालय के PRO जगदीश ठक्कर का निधन
loading...
">
loading...