स्वतंत्रता संग्राम में दिल्ली की भूमिका दर्शाने वाली प्रदर्शनी का हुआ आयोजन

स्वतंत्रता संग्राम में दिल्ली की भूमिका दर्शाने वाली प्रदर्शनी का हुआ आयोजन

स्वतंत्रता संग्राम में दिल्ली की भूमिका दर्शाने वाली प्रदर्शनी का हुआ आयोजन

नई दिल्ली: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रविवार को दिल्ली के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका को दर्शाने वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. दिल्ली अभिलेखागार विभाग के सहयोग से प्रशासन विभाग द्वारा सचिवालय में दिल्ली में स्वतंत्रता संग्राम प्रदर्शनी का आयोजन किया गया.

अहिंसा का मार्ग हम सभी के लिए वर्षों तक प्रेरणा का महान स्रोत रहेगा:
उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक वक्तव्य के मुताबिक प्रदर्शनी में भारत के स्वतंत्रता संग्राम की उन घटनाओं को दिखाया गया है जो 1857 में पहले स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 तक दिल्ली में हुई थीं. इस अवसर पर सिसोदिया ने कहा कि यह प्रदर्शनी दिल्ली के जीवंत इतिहास और स्वतंत्र भारत के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की ओर से लड़ी गयी महान लड़ाइयों को प्रदर्शित करती है. महात्मा गांधी द्वारा स्थापित शांति और अहिंसा का मार्ग हम सभी के लिए वर्षों तक प्रेरणा का महान स्रोत रहेगा. 

प्रदर्शनी में स्वतंत्रता सेनानियों, विशेष रूप से महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के संघर्ष के कार्यों को प्रदर्शित किया गया. इसमें स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता और दिल्ली की महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका को भी दिखाया गया है. वक्तव्य के मुताबिक, सत्यवती, पार्वती देवी डिडवानिया, अरुणा आसफ अली, वेद कुमारी, बृज रानी, मेमो बाई दिल्ली की कुछ प्रमुख महिलाएं थीं जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया. उन्होंने विदेशी सामान की बिक्री के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलनों में भी व्यापक रूप से भाग लिया.  

 

सेंट स्टीफंस कॉलेज, हिंदू कॉलेज और रामजस सहित दिल्ली के कॉलेजों के शिक्षक और छात्र स्वतंत्रता संग्राम में सबसे आगे रहे. (भाषा) 

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