पशुपालन विभाग-स्वयंसेवी संस्थाओं की मुहीम, पतंगबाजी में घायल हुए सैकड़ों पक्षियों की बचाई जान 

Nirmal Tiwari Published Date 2020/01/14 19:24

जयपुर: वन, पशुपालन विभाग व स्वयंसेवी संस्थाओं ने आज शहर में शिविर लगाकर मकर संक्रांति पर पतंगबाजी में घायल हुए सैकड़ों पक्षियों का उपचार कर जान बचाई. कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचन्द कटारिया ने यहां वैशाली नगर स्थित वशिष्ठ मार्ग पर निःशुल्क पक्षी चिकित्सा शिविर का उद्घाटन किया. शाम 6 बजे तक अलग-अलग पक्षी चिकित्सा शिविरों में 300 से अधिक पक्षियों का उपचार किया जा चुका था. 

घायल पक्षी को तुरंत उपचार केंद्र पर पहुंचाने की अपील:
मंत्री कटारिया ने बेजुबान पक्षियों की जान बचाने के पुनीत कार्य की सराहना करते हुए कहा कि घायल पक्षियों के उपचार के लिए सभी को आगे आना होगा. उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग ने शहर सहित प्रदेशभर में घायल पक्षियों के इलाज के लिए पर्याप्त बन्दोबस्त किए. साथ ही स्वयंसेवी संस्थाएं भी इस पुण्य के काम में हर संभव सहयोग कर रही है, जो वाकई काबिले तारीफ है. उन्होंने शिविर में चिकित्सकों से पक्षियों के उपचार की जानकारी ली और दवाओं एवं अन्य जरूरी संसाधनों की समुचित व्यवस्था रखने को कहा. इस मौके पर उन्होंने लोगों से पतंगबाजी में चाइनीज मांझे का उपयोग न करने और घायल पक्षी को तुरंत नजदीकी उपचार केंद्र पर पहुंचाने की अपील की. 

315 पक्षियों का उपचार:
पशुपालन विभाग के सचिव डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि पतंगबाजी में घायल पक्षियों के उपचार के लिए कार्ययोजना बनाकर बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय पांच बती के अधीनस्थ शहरी क्षेत्र के पशु चिकित्सालयों में सवेरे 9 बजे से शाम 6 बजे पश्चात तक उपचार की व्यवस्था की गई. घायल पक्षियों की सूचना मिलने पर जिला पशुधन आरोग्य चल इकाई के माध्यम से मौके पर पहुंचकर बचाव एवं उपचार किया गया. डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि आगरा रोड स्थित पीजीआईवीईआर (राजूवास) और निजी चिकित्सा संस्थानों पर भी घायल पक्षियों के उपचार और बचाव का कार्य किया गया. पॉलीक्लीनिक और विभिन्न शिविरों में उपचार के बाद गंभीर घायल पक्षियों को सांगानेरी गेट स्थित अस्पताल पहुंचाकर समुचित इलाज किया गया. घायल पक्षियों को बचाने में होप एंड बियोंड, रक्षा संगठन वन विभाग के चिकित्सक भी अलग-अलग जगह शिविर लगाकर पक्षियों का उपचार करते रहे. घायल पक्षियों को बचाने में स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन का भी पूरा सहयोग रहा. शाम 6 बजे तक 315 पक्षियों का उपचार कर बचाया गया.  

... संवाददाता निर्मल तिवारी की रिपोर्ट 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in