वन्यजीव जगत के लिए एक और बुरी खबर, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में सफेद बाघ राजा की मौत

वन्यजीव जगत के लिए एक और बुरी खबर, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में सफेद बाघ राजा की मौत

वन्यजीव जगत के लिए एक और बुरी खबर, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में सफेद बाघ राजा की मौत

जयपुर: कल मुकंदरा में बाघिन mt2 की मौत के सदमे से अभी वन्य जीव प्रेमी उबरे भी नहीं थे कि आज नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में सफेद बाघ राजा की मौत की सूचना ने पूरे वन्यजीव जगत को झकझोर कर रख दिया है. करीब सप्ताह भर से बीमार चल रहे सफेद बाघ राजा की 1 अगस्त को अचानक ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर उसके रक्त के नमूने आईवीआरआई बरेली भेजे गए थे.

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1 अगस्त को राजा के पेशाब से खून आने लगा था: 
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एसीएफ जगदीश गुप्ता ने बताया कि 1 अगस्त को राजा के पेशाब से खून आने लगा था. इसके बाद आईवीआरआई के वैज्ञानिकों की सलाह पर उसे नियमित दवा दी जा रही थी लेकिन आज राजा ने दम तोड़ दिया. ध्यान रहे 10 और 11 जून को बाघ रुद्र और एशियाटिक लायन सिद्धार्थ की भी नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में मौत हो गई थी. दोनों की मौत लेप्टोसिरोसिस नाम की बीमारी से हुई थी जो कि चूहे और नेवले के पेशाब से फैलती है. इसके बाद बायोलॉजिकल पार्क में यहां पल रहे पांच एशियाटिक लायन, चार बाघ जिनमे सफेद बाघ राजा भी शामिल था और पांच लेपर्ड के स्वास्थ्य की जांच कराई जिसमें लेपर्ड को छोड़ सभी शेर और बाघ का क्रिएटिनिन बढ़ा हुआ मिला.

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सफेद बाघ किडनी की बीमारी से उबर नहीं पाया:
इसके बाद से ही लगातार इन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पर दवा दी जा रही थी लेकिन सफेद बाघ किडनी की बीमारी से उबर नहीं पाया और आज दम तोड़ दिया. हालांकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद चलेगा लेकिन प्रारंभिक कारण किडनी खराब होना ही माना जा रहा है. 
 

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