विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का टिकट वितरण फार्मूले का एक और प्रयोग

Dinesh Kumar Dangi Published Date 2018/09/14 05:49

जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव के रण की जंग को जीतने के लिए कांग्रेस इस बार टिकट वितरण प्रक्रिया में कईं फार्मूले आजमा रही है। इस बार पार्टी ने जिलों के स्थानीय दिग्गज नेताओं की सिफारिशों को टिकट चयन में ज्यादा अहमियत देने का फैसला लिया है। जिससे कि हर तरीके से सक्षम औऱ मजबूत उम्मीदवार को मौका मिल सके। यानि अलवर में भंवर जितेन्द्र सिंह, जोधपुर में अशोक गहलोत, उदयपुर में सीपी जोशी और सीकर में नारायण सिंह जैसे दिग्गजों को टिकट वितरण में पूरी तव्जजो दी जाएगी। बाकि जगह पीसीसी चीफ सचिन पायलट और हाईकमान नामों पर मुहर लगाएंगे। 

राजस्थान में विधानसभा चुनाव के चलते सियासी पारा परवान पर है। भाजपा सत्ता बरकार रखने के लिए गौरवा यात्रा निकाल रही है। वहीं सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस संकल्प रैलियों का सहारा ले रही है। इनके साथ ही दोनों दलों ने प्रत्याशियों की खोजबीन भी शुरु कर दी है। बात कांग्रेस के उम्मीदावारों की चयन की करें तो पार्टी सहप्रभारियों, स्क्रीनिंग कमेटी और निजी कंपनियों का सहारा इसके लिए ले रही है। वहीं इन सबके बाद अंतिम मुहर लगाने में इस बार जिलों के स्थानीय नेताओं का अहम रोल रहेगा। यानि जिले के दिग्गज नेताओं की टिकट चयन में रायशुमारी को तवज्जो देने का पार्टी ने इस बार फैसला लिया है। हालांकि इस निर्णय़ को पार्टी ने पूरी तरह गुपचुप रखा है और किसी को भनक तक नहीं लगने दी है। 

अगर पार्टी इस फैसले को लागू करती है तो साफ है जोधपुर सहित कईं जिलों में अशोक गहलोत, भीलवाड़ा और उदयपुर में सीपी जोशी, गिरिजा व्यास औऱ रघुवीर मीणा, सीकर में नारायण सिंह, अलवर में भंवर जितेन्द्र सिंह, झुंझुनूं में बृजेन्द्र ओला और जितेन्द्र गुर्जर, भरतपुर-करौली में रमेश मीणा-विश्वेन्द्र सिंह, धौलपुर में प्रधुम्न सिंह, हाड़ौती में प्रमोद जैन भाया और शांति धारीवाल, बाड़मेर में हरीश चौधरी जैसे नेताओं की टिकट वितरण में चलना तय है। वहीं बाकी जगह पीसीसी चीफ सचिन पायलट, अशोक गहलोत और लास्ट में हाईकमान का पूरा रोल रहेगा। दरअसल यह फंडा इसलिए अपनाया जा रहा है कि ये नेता सालों से यहां सियासत कर रहे हैं और उन्हें हार जीत के समीकरण सहित अन्य फैक्टर अच्छी तरह से पता है। 

हालांकि फिर पार्टी हार जीत की पूरी जिम्मेदारी भी इन नेताओं की तय करेगी। यानि हार का ठीकर और जीत के सेहरा भी इन नेताओं के सिर पर बंधेगा। अब देखना है कि फार्मूले को पार्टी कितना लागू करती है और कितना तवज्जो इन स्थानीय और दिग्गज नेताओं की सिफारिश को देती है। 
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

राजस्थान में किसका दम ? | Big Fight

Rahul expresses regret in Supreme Court over his remarks on Rafale verdict^
क्या लाख कमाने के पश्चात भी आपके घर में बरकत नहीं रहती है ?... करें ये चमत्कारी उपाय
Sri Lanka: 8 serial blasts at Colombo hotels and churches kill more than 200
CM Gehlot addressed the public in support of Banaskantha Lok Sabha Congress candidate Prithvi Bhai
Multiple explosions rock Sri Lanka churches and hotels
जानिए मूलांक अनुसार आपका भविष्य | Good Luck Tips
Politicians, Industrialists attend Ramoji Rao granddaughter Keerthi Sohana's wedding