VIDEO: ACB की एक और बड़ी कार्रवाई, घूसखोर CBI इंस्पेक्टर पर कसी नकेल

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/09 01:28

जयपुर। प्रदेश में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली बार देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई के अफसर के खिलाफ ट्रेप की कार्रवाई की। एसीबी की ओर से सीबीआई अफसर के लिए रिश्वत लेने वाले दलाल को गिरफ्तार करने से जांच एजेंसी पर सवाल खड़े हो गए हैं। सीबीआई इंस्पेक्टर प्रकाश ने दलाल के मार्फत परिवादी से 1.50 करोड़ की डिमांड की थी।

दरअसल रिश्वत का खेल धोखाधड़ी के एक मामले में परिवादी को मदद करने से शुरू हुआ। दलाल खुद परिवादी के घर पहुंचा। लेनदेन पर बात चलते-चलते डेढ़ करोड़ तक पहुंच गई। 14 फरवरी को सीबीआई इंस्पेक्टर प्रकाश चंद और दलाल शांतिलाल की करतूतों से परेशान होकर परिवादी एसीबी के आईजी दिनेश एमएन के पास पहुंचा। शिकायत के बाद एसीबी ने शांतिलाल के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया। करीब 22 दिन तक एसीबी ने मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लेने के बाद 850 से ज्याद कॉल सूने और इंस्पेक्टर प्रकाश चंद की ओर से दलाल शांतिलाल के मार्फत रिश्वत मांगने की पुष्टि की। दलाल और इंस्पेक्टर को पकड़ने के लिए 6 मार्च को पूरी तैयारी कर ली गई। गुरुवार शाम 7 बजे एसीबी की टीम ने दलाल शांतिलाल के घर पर दबिश देकर रिश्वत कांड का भंडाफोड़ किया। 

एसीबी की जांच में सामने आया कि:

परिवादी के पास रिश्वत के लिए डिमांड के अनुसार नगद 60 लाख रुपए की व्यवस्था नहीं हुई तो दलाल ने इंस्पेक्टर के कहने पर 15 लाख रुपए की राशि बढ़ा दी थी। ऐसे में परिवादी से दलाल शांतिलाल ने खुद 11 सेल्फ चेक 45 लाख रुपए के भराकर लिए थे। एसीबी की जांच में सामने आया कि आरोपी इंस्पेक्टर प्रकाश चंद को जब दलाल के मार्फत परिवादी ने रिश्वत की राशि देने में देरी कर दी तो आरोपियों ने परिवादी पर पेनल्टी लगा दी। ऐसे में परिवादी को पेनल्टी के 10 लाख रुपए और 5 लाख रुपए सिक्योरिटी के रूप में दलाल को अतिरिक्त राशि देनी पड़ी। पेनल्टी और सिक्योरिटी की राशि नहीं देने पर आरोपी दलाल बार-बार परिवादी पर दबाव बना रहा था। दलाल हर रोज परिवादी को 8 से 10 बार फोन करके डराता था। अभी मामले में और खुलासे होने बाकी हैं। 

सीबीआई ने आरोपी इंस्पेक्टर प्रकाश चंद को किया सस्पेंड:

आरोपी इंस्पेक्टर के घर की तलाशी में प्लॉट और जमीन के दस्तावेज भी मिले हैं। एसीबी की कार्रवाई के बाद सीबीआई ने आरोपी इंस्पेक्टर प्रकाश चंद को सस्पेंड कर दिया है। अब सीबीआई भी आरोपी प्रकाश की तलाश कर रही है। एसीबी ने सीबीआई से आरोपी के सर्विस संबंधित रिकॉर्ड मांगा है। धोखाधड़ी केसों की जांच कर रहे इंस्पेक्टर प्रकाश चंद ने परिवादी को फोन करके एसीबी ऑफिस बुलाया था। परिवादी किसी भी मुकदमे में आरोपी नहीं था, फिर भी इंस्पेक्टर उसको धमका रहा था। परिवादी की दुकान पर एक दिन इंस्पेक्टर प्रकाश चंद का दलाल शांतिलाल खुद ही पहुंच गया और कहा- मैं मदद करा दूंगा, मेरे घर पर आकर मिलना। दलाल परिवादी को उसके घर का पता देकर गया था। तब परिवादी शांतिलाल के घर पर गया तो उसने इंस्पेक्टर प्रकाश से बात करके 90 लाख रुपए की डिमांड कर डाली। 

परिवादी ने कहा कि मैं आरोपी ही नहीं हूं तो रिश्वत क्यों दूं, तो इंस्पेक्टर ने एक नोटिस जारी कर दिया। तब परिवादी घबरा गया और वापस दलाल के पास पहुंचा। परिवादी ने शर्त मान ली और छह महीने में अलग-अलग दफा दलाल के मार्फत इंस्पेक्टर को 90 लाख रुपए दे दिए। इंस्पेक्टर प्रकाश चंद ने दबाव बनाने के लिए परिवादी को नोटिस जारी कर दिया था। दलाल शांतिलाल ने परिवादी को एक आवासीय योजना में एक प्लाट देने की डिमांड की। 

तब परिवादी शांतिलाल औऱ इंस्पेक्टर प्रकाश को एक आवासीय योजना में प्लाट भी दिखाकर लेकर आया, लेकिन वहां पर दोनों को करीब एक करोड़ रुपए का प्लाट पसंद आया। इससे परिवादी ने प्रकाश को वह प्लाट देने से इंकार कर दिया। तब प्रकाश ने उससे नगद 60 लाख रुपए की डिमांड कर डाली। 

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