सोने व चांदी पर आयात शुल्क वृद्धि से नाराज ज्वैलर्स, निर्यात पर विपरीत असर की जताई आशंका

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/06 04:49

जयपुर: बजट भाषण में सोने पर लागू मौजूदा आयात शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 % करने की घोषणा के साथ ही जौहरियों में सन्नाटा छा गया है.  2013 तक आयातित सोने पर एक फीसदी आयात शुल्क चुकाने वाले ज्वैलर्स इसे 10 फीसदी किए जाने से ही व्यथित थे. जौहरियों को तो इस बजट में आयात शुल्क की दर को घटा कर 4 फीसदी किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन हुआ उम्मीद से उलटा. 

मौजूदा आयात शुल्क में कमी की आस पर पड़ी चोट:
जौहरियों का कहना है कि सोने पर वर्तमान में 3% GST भी है, जिससे भारतीय बाजारों में उपलब्ध सोना विदेश में उपलब्ध सोने की तुलना में 15.5% महंगा होगा. सोने की कीमतों में यह अंतर देश में सोने की तस्करी में और वृद्धि का पर्याप्त कारण होगा, क्योंकि एक किलो विदेशी सोने पर कीमत के अंतर की राशि करीब साढ़े पांच लाख होगी. ज्वैलर्स का यह भी कहना है कि बाजार में फिलहाल ग्राहकी नहीं है. कीमतों में आई यह तेजी बाजार से बचे खुचे ग्राहकों को दूर कर देगी. 

उधर रंगीन रत्न कारोबारियों का कहना है कि भारतीय ज्वैलरी महंगी होने के कारण विदेशी पर्यटकों को होने वाली बिक्री पर सोने की कीमत का भारी असर पड़ेगा और यह कारोबार भारत में अब चौपट होने के कगार पर पहुंच जाएगा. सोने व चांदी के आयात शुल्क की घोषणा के तुरंत बाद जयपुर के बाजार में सोने की कीमत में आज 900 रुपए प्रति दस ग्राम व चांदी की कीमत में 950 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हो गई. 

... संवाददाता विमल कोठारी की रिपोर्ट 

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