अपार्टमेंट वासियों के लिए बड़ी खबर, इसी माह लागू होगा अपार्टमेंट ऑनरशिप एक्ट

अपार्टमेंट वासियों के लिए बड़ी खबर, इसी माह लागू होगा अपार्टमेंट ऑनरशिप एक्ट

जयपुर: पिछले करीब डेढ़ दशक से अधिक समय तक अपार्टमेंट में रहने वाले प्रदेश के हजारों परिवारों का इंतजार इसी महीने खत्म होने वाला है. बहुप्रतीक्षित अपार्टमेंट एक्ट को अस्तित्व में लाने के लिए प्रस्तावित नियम-उप नियम इसी महीने जारी कर दिए जाएंगे. प्रदेश में लम्बे समय से अपार्टमंटवासी अपने अपार्टमेंट के असली मालिकाना हक और उसके सुचारू रखरखाव के लिए इस कानून का इंतजार कर रहे हैं. सरकारी फाइलों में इस कानून को लागू करने की कवायद पिछले डेढ़ दशक से चल रही है. इस दौरान प्रदेश में तीन सरकारें आई और चली गई. इस दौरान तीन बार यह विधेयक प्रदेश की विधानसभा से पारित हो चुका है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस विधेयक को अपनी मंजूरी दे चुकी है. लेकिन मामला अटका हुआ है इसके तहत लागू किए जाने वाले नियम-उप नियमों के कारण. इन नियम-उप नियम लागू होने के बाद ही यह राजस्थान अपार्टमेंट ऑनरशिप एक्ट अस्तित्व में आ पाएगा. आपको सबसे पहले बताते हैं कि आखिर इस कानून में ऐसा क्या, जिसे अपार्टमेंटवासियों के हित में लागू करना बहुत जरूरी है. 

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राजस्थान अपार्टमेंट ऑनरशिप एक्ट के प्रमुख प्रावधान:

-मौजूदा समय में अपार्टमेंट के खरीद-बेचान की रजिस्ट्री में अधिकतर प्रकरणों में भूमि शामिल नहीं होती हैं
-इसके चलते अपार्टमेंट क्रेता केवल अपार्टमेंट का मालिक होता है,जिस भूमि पर अपार्टमेंट बना है उसका उस पर कोई हक नहीं होता
-वर्तमान में ऐसा कोई कानून हैं जिसके तहत अपार्टमेंट क्रेता का भूमि पर भी स्वामित्व हो
-इस एक्ट के तहत बिल्डर को भूमि का मालिकाना हक देने के लिए भूमि की सब लीज अपार्टमेंट खरीदार के पक्ष में जारी करनी होगी
-डीड ऑफ अपार्टमेंट के माध्यम से अपार्टमेंट के साथ कॉमन एरिया व विभिन्न सुविधाओं पर खरीदार के अधिकार स्पष्ट होंगे
-आवंटन के छह महीने के भीतर बिल्डर को डीड ऑफ अपार्टमेंट संपादित करनी होगी
-अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों की एक रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन बनेगी
-बिल्डर एसोसिएशन को भवन का नक्शा,वायरिंग व प्लम्बिंग आदि समस्त जानकारी उपलब्ध कराएगा
-अपार्टमेंट खरीदार पूरे भवन के रखरखाव के मद में एक निर्धारित शुल्क एसोसिएशन को देने के लिए बाध्य होगा

प्रदेश के नगर नियोजन विभाग की ओर से इस अपार्टमेंट एक्ट को अस्तित्व में लाने के उद्देश्य से नियम-उप नियमों को प्रारूप तैयार किया कर लिया गया. आपको बताते हैं मामला क्यों अटका और अब आगे इसमें क्या किया जाना है.

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अभी यह कवायद बाकी:

-नियम-उप नियमों का प्रारूप तैयार कर मंत्री शांति धारीवाल को स्वीकृति के लिए भेजा गया था
-मंत्री शांति धारीवाल ने कानून के विभिन्न प्रावधानों को लेकर और स्पष्ट नियम-उप नियम बनाने के निर्देश दिए
-मंत्री शांति धारीवाल के निर्देश के बाद नगरीय विकास विभाग ने नियम-उप नियमों का संशोधित प्रारूप तैयार कर लिया है
-इस प्रारूप को अब दुबारा स्वीकृति के लिए मंत्री शांति धारीवाल को भेजा जाएगा
-मंत्री शांति धारीवाल की स्वीकृति के बाद इस प्रारूप को मंजूरी के लिए राज्य के विधि विभाग को भेजा जाएगा
-विधि विभाग की मंजूरी के बाद फाइनल नियम-उप नियमों को जारी करने के लिए अधिसूचना जारी होगी

राजस्थान अपार्टमेंट ऑनरशिप एक्ट को लागू करने के लिए मामला हाईकोर्ट में लंबित है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सात जुलाई तक इस एक्ट को अस्तित्व में लाने के आदेश जारी किए हैं. लेकिन नगरीय विकास विभाग ने इसी महीने नियम-उप नियम लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करने का लक्ष्य तय किया है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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