उधमपुर पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति स्थिर लेकिन चौकसी बरती जा रही : सैन्य कमांडर

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति स्थिर लेकिन चौकसी बरती जा रही : सैन्य कमांडर

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति स्थिर लेकिन चौकसी बरती जा रही : सैन्य कमांडर

उधमपुर (जम्मू कश्मीर): उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति स्थिर है लेकिन काफी चौकसी बरती जा रही है. इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि भारत-चीन सीमा पर परिचालन संबंधी तैयारियों को लेकर कोई सुरक्षा चूक नहीं होगी.

उधमपुर स्थित उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (जीओसी-इन-सी) ने कहा कि भारत अब चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ मजबूत स्थिति से बातचीत कर रहा है तथा धक्कामुक्की (बॉडी पुश) की प्रथा को रोकने के लिए संचार चैनल लगाए गए हैं और सुनिश्चित किया गया है कि सैनिकों का कोई शारीरिक संपर्क नहीं हो.

लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने यहां सेना द्वारा आयोजित नॉर्थ टेक संगोष्ठी, 2022 से इतर संवाददाताओं से कहा कि जहां तक ​​ऑपरेशन की तैयारियों का सवाल है, (पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर) कोई (सुरक्षा) चूक नहीं होगी, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं. उन्होंने कहा कि लद्दाख में चीन से लगी सीमा पर स्थिति स्थिर है. उन्होंने कहा कि एलओसी पर स्थिति स्थिर है. लेकिन यह अत्यधिक अलर्ट पर है. उन्होंने कहा कि थल सेना नहीं चाहती कि अप्रैल 2020 की स्थिति को दोहराया जाए.

उन्होंने कहा कि कि बल के साथ-साथ उपकरणों की तैनाती को इस तरह से समायोजित किया गया है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि विरोधी द्वारा इस तरह का कोई दुस्साहस दोबारा नहीं हो.सैन्य कमांडर ने कहा कि परेशान करने वाली कोई चीज नहीं है जिससे एक हिंसक स्थिति बनने की आशंका हो. भारतीय सेना और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बीच निचले स्तर पर संचार बढ़ा दिया गया है.

लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने कहा कि हमने जो किया है, वह सबसे पहले निचले स्तर पर है - यानी बटालियन और ब्रिगेड स्तर पर. हमने अब संचार के विभिन्न चैनल खोल दिए हैं. हम नियमित रूप से हॉटलाइन पर संवाद करते हैं.उन्होंने कहा कि जहां भी कोई बात होती है, सेना तुरंत बातचीत पर जोर देती है. उन्होंने कहा कि बटालियन और ब्रिगेड स्तर पर हम साथ बैठते हैं और सौहार्दपूर्ण समाधान निकालते हैं.

उन्होंने हालांकि कहा कि धारणात्मक मतभेदों के मुद्दों को उच्च स्तर पर निपटाया जाना चाहिए, जैसे कोर कमांडर स्तर या विदेश मंत्रालय स्तर पर. उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकें नियमित रूप से होती रहती हैं. लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने कहा कि 15वीं कोर कमांडरों की इस साल मार्च में बैठक हुई थी और बातचीत आगे बढ़ी है.(भाषा) 

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